Wheat Procurement MP 2026: गेहूं खरीदी पर निगरानी बढ़ी: मुख्यमंत्री खुद करेंगे औचक निरीक्षण, अब इस तारीख तक होगी स्लॉट बुकिंग
Wheat Procurement MP 2026: Increased monitoring of wheat procurement: Chief Minister himself will conduct surprise inspections, slot booking will now be done till this date

Wheat Procurement MP 2026: प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक तरफ सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तो दूसरी ओर व्यवस्थाओं की निगरानी भी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत जानने की तैयारी में हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे अचानक निरीक्षण
प्रदेश के विभिन्न गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आने वाले दिनों में अचानक दौरे पर निकलेंगे। उनका हेलीकॉप्टर किसी भी समय किसी भी केंद्र पर उतर सकता है। इस दौरान वे सीधे किसानों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश करेंगे कि उन्हें शासन द्वारा तय की गई सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहें।
खरीदी अवधि में बढ़ोतरी से राहत
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है। पहले यह अवधि 9 मई तक तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 23 मई कर दिया गया है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश समय पर अपनी उपज बेच नहीं पाए थे।
उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं का विस्तार
सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया है। केंद्रों पर पीने के पानी की व्यवस्था, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य जरूरी जन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को अपने जिले के किसी भी केंद्र पर गेहूं बेचने की छूट दी गई है, ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े।

तौल व्यवस्था को किया मजबूत
खरीदी के दौरान समय बचाने के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। जरूरत के अनुसार जिलों को इसे और बढ़ाने की अनुमति भी दी गई है। इसके अलावा बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता जांच उपकरण और साफ-सफाई के लिए जरूरी साधन भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट चल सके।
एफएक्यू मानकों में दी गई छूट
इस बार गेहूं खरीदी में गुणवत्ता मानकों में भी कुछ राहत दी गई है। चमक रहित गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक कर दी गई है। सूकड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक कर दी गई है। इससे अधिक से अधिक किसानों की उपज खरीदी जा सकेगी।
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स्लॉट बुकिंग क्षमता में बढ़ोतरी
प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन खरीदी की सीमा बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जिसे आवश्यकता अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है। इससे ज्यादा किसानों को एक ही दिन में अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। साथ ही शनिवार को भी खरीदी और स्लॉट बुकिंग जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
यह समर्थन मूल्य और भुगतान
सरकार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रही है, जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। अब तक लाखों किसानों को हजारों करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में भेजी जा चुकी है।

अब तक की खरीदी का आंकड़ा
प्रदेश में इस सीजन में अब तक बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीदी हो चुकी है। 9 लाख से अधिक किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कराया है। इनमें से 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके बदले किसानों को 3575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। पिछले साल की तुलना में इस बार खरीदी का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि बीते वर्ष करीब 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
मंत्री ने किया निरीक्षण
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी खरीदी की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि लाखों किसानों से लाखों मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है और भुगतान की प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसी क्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने राजगढ़ जिले के कई खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विगनोदीपूरा स्थित भल्ला वेयर हाउस, भैंसवामाता के माँ बिजासन वेयर हाउस और संडावता के रामपुरिया वेयर हाउस का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल, बारदाना, परिवहन और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति को परखा।
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किसानों से लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने केंद्रों पर मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार किया जा सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सरकार का लक्ष्य खरीदी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे जिम्मेदारी के साथ काम करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले।
सरकार का फोकस किसान हित
पूरे प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ ही किसानों को जागरूक करने के लिए उपार्जन केंद्रों पर पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रहे और किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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