Subsidy Fertilizer Madhya Pradesh: यूरिया-DAP के लिए इंतजार खत्म! सोमवार से किसानों को मिलने लगेगी सब्सिडी वाली खाद
Fertilizer Subsidy in Madhya Pradesh: The wait for Urea and DAP is over! Farmers will start receiving subsidized fertilizer from Monday.

Subsidy Fertilizer Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में सरकारी सब्सिडी पर मिलने वाली खाद को लेकर किसानों के लिए राहत की खबर है। खाद की बिक्री पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध हटाकर सोमवार से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की तैयारी है। कृषि विभाग ने खाद के सरकारी रिकॉर्ड और गोदामों में मौजूद वास्तविक मात्रा का मिलान करने के लिए प्रदेशभर में बिक्री रोकने के निर्देश दिए थे। अब स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया के बाद वितरण दोबारा शुरू किया जाएगा।
सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का होगा मिलान
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को खाद के भौतिक स्टॉक की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके तहत भारत सरकार के आईएफएमएस यानी इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर दर्ज उर्वरक की मात्रा की तुलना विक्रेताओं के पास मौजूद वास्तविक स्टॉक से की जाएगी। विभाग का उद्देश्य खाद के सरकारी आंकड़ों और जमीन पर उपलब्ध मात्रा के बीच स्थिति स्पष्ट करना है।
इन केंद्रों पर रोकी गई थी खाद की बिक्री
स्टॉक का सत्यापन पूरा होने तक सरकारी सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री रोक दी गई थी। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी खाद वितरण केंद्रों पर लागू की गई। इसमें प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां, एमपी एग्रो के बिक्री केंद्र, विपणन संघ के केंद्र और निजी उर्वरक विक्रेता भी शामिल रहे। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया पहुंचा
कृषि विभाग के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से अब तक प्रदेश में 17.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है। इसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित हो चुका है। फिलहाल 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। पिछले साल इसी समय प्रदेश में केवल 1.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक मौजूद था। इस बार उपलब्ध मात्रा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है।
डीएपी और एनपीके का भी पर्याप्त भंडार
डीएपी और एनपीके को मिलाकर प्रदेश में कुल 11.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया। इसमें से किसानों को 7.09 लाख मीट्रिक टन खाद दी जा चुकी है। वर्तमान में करीब 4.10 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक बचा हुआ है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मात्रा लगभग 3 लाख मीट्रिक टन थी।
एसएसपी का भी बड़ा स्टॉक मौजूद
एसएसपी की उपलब्धता भी इस साल बेहतर बताई गई है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 6.78 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध हुआ है। इसमें से किसान 3.61 लाख मीट्रिक टन खाद ले चुके हैं। फिलहाल प्रदेश में 3.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है।
82 लाख पंजीकृत किसानों को जरूरत
मध्यप्रदेश में करीब 82 लाख किसान पंजीकृत हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों की संख्या भी लगभग इतनी ही बताई जाती है। प्रदेश में करीब 152 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई पूरी होने के बाद अब पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए खाद की जरूरत बढ़ गई है। खासकर धान की खेती वाले इलाकों में यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग ज्यादा रहती है।
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14 अगस्त की शाम से बंद था वितरण
कृषि विभाग ने 14 अगस्त की शाम 7 बजे से सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह फैसला खाद के सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता की जांच के लिए किया गया था। प्रतिबंध के दौरान विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख समितियों, एमपी एग्रो तथा निजी विक्रेताओं के केंद्रों से खाद का वितरण नहीं किया गया। अब सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से किसानों को खाद मिलने की उम्मीद है।
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