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Betul tragic accident: बैतूल में बड़ा हादसा: पानी के टांके में डूबने से मां और दो साल की बेटी की मौत, पालने में रोता मिला पांच महीने का बेटा

Tragic accident in Betul: Mother and two-year-old daughter drown in water tank; five-month-old son found crying in cradle.

Betul tragic accident: बैतूल में बड़ा हादसा: पानी के टांके में डूबने से मां और दो साल की बेटी की मौत, पालने में रोता मिला पांच महीने का बेटा
Betul tragic accident: बैतूल में बड़ा हादसा: पानी के टांके में डूबने से मां और दो साल की बेटी की मौत, पालने में रोता मिला पांच महीने का बेटा

Betul tragic accident: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसा मार्मिक मामला सामने आया है जिसने सुनने वाले हर शख्स को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। जिले के भैंसदेही थाना अंतर्गत आने वाले धामनगांव में मंगलवार के रोज एक मां और उसकी दो साल की बच्ची पानी के घरेलू टांके में डूब गई। इस दुर्घटना में दोनों की ही जान चली गई, जबकि कुछ महीने का नन्हा दूधमुंहा बच्चा घर के एक कोने में अपने पालने में सो रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ से सदमे में है।

टांके के पास चल रहा था घरेलू काम

यह अनहोनी कैसे घटी, इसके बारे में गांव के लोगों ने बताया कि धामनगांव में रहने वाले सुभाष वागद्रे के आवास पर पानी के भंडारण के लिए एक विशाल टांका बना हुआ है। दिन के करीब बारह बजे उनकी 26 वर्षीय पत्नी दीपिका वागद्रे इसी टांके के पास घरेलू काम निपटा रही थीं। उन्होंने पानी निकालने के वास्ते टांके पर रखी हुई सीमेंट या पत्थर की पटिया को हटा दिया था और वहीं पास में कपड़े धोने के कार्य में लग गईं। इसी दरमियान उनकी 2 साल की नन्ही बच्ची जियांशी खेलते-खेलते अचानक उस खुले हुए गहरे टांके के अंदर जा गिरी।

मासूम को बचाने में मां ने गंवाई जान

मासूम बेटी को डूबता देख मां का कलेजा कांप उठा और उन्होंने एक पल की भी देर किए बगैर अपनी जान की परवाह किए बगैर सीधे टांके में छलांग लगा दी। मां ने अपनी तरफ से बच्ची को बचाने की हरसंभव कोशिश की होगी, लेकिन पानी की गहराई और हालात के आगे वह बेबस साबित हुईं। नतीजतन, न तो वह अपनी लाडली को बचा सकीं और न ही खुद पानी के दलदल जैसे उस टांके से बाहर निकल पाईं। उस वक्त घर के बाकी वयस्क सदस्य यानी पति सुभाष और उनके माता-पिता कृषि कार्य के सिलसिले में खेत पर गए हुए थे, जिससे घर पर उस समय कोई और बड़ा मौजूद नहीं था।

रोता रहा झूले में सो रहा मासूम बेटा

इस बीच घर के भीतर ही बंधे हुए एक अन्य झूले में दीपिका का पांच से छह महीने का छोटा बेटा सो रहा था। कुछ देर बाद जब उस छोटे से बच्चे की आंख खुली तो वह अपने पालने में अकेले उठकर जोर-जोर से चीख-चीख कर रोने लगा। लगातार काफी देर तक बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के कुछ लोग माजरा समझने के लिए वहां पहुंचे। उन्होंने घर के भीतर झांककर देखा तो वहां न तो दीपिका दिखाई दीं और न ही उनकी बेटी जियांशी नजर आई। लोगों ने आसपास की गलियों और मोहल्ले में उनकी खोजबीन शुरू की, मगर उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

पति ने ढूंढा तो खुला खौफनाक राज

पड़ोसियों ने फौरन इसकी इत्तला खेत पर मौजूद मृतका के पति सुभाष को दी। खबर मिलते ही सुभाष घबराकर बदहवास हालत में अपने घर भागे आए और उन्होंने गांव के तमाम संभावित ठिकानों पर अपनी पत्नी और बेटी को ढूंढा। जब कहीं भी उनका पता नहीं चला तो वह हताश होकर अपने घर के आंगन में आकर बैठ गए। तभी उनकी नजर टांके के खुले हुए ढक्कन पर पड़ी। जैसे ही उन्होंने आशंका के साथ अंदर झांककर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। टांके के पानी में दोनों के शव तैर रहे थे।

शवों को भिजवाया पोस्टमार्टम के लिए

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया। पुलिस ने मां-बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भैंसदेही के अस्पताल भिजवा दिया है, जहां अगले दिन सुबह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस आकस्मिक और दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ दिया है, और पूरे धामनगांव गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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