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MP Aviation Network: हर 150 किमी पर एयरपोर्ट और हर विधानसभा में हेलीपैड: मध्य प्रदेश में बदल रही हवाई सफर की तस्वीर

MP Aviation Network: An airport every 150 km and a helipad in every assembly constituency—the face of air travel is changing in Madhya Pradesh.

MP Aviation Network: हर 150 किमी पर एयरपोर्ट और हर विधानसभा में हेलीपैड: मध्य प्रदेश में बदल रही हवाई सफर की तस्वीर
MP Aviation Network: हर 150 किमी पर एयरपोर्ट और हर विधानसभा में हेलीपैड: मध्य प्रदेश में बदल रही हवाई सफर की तस्वीर

MP Aviation Network: मध्य प्रदेश सरकार राज्य में हवाई सफर और इससे जुड़े ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नई नागरिक विमानन नीति 2025 के तहत हवाई अड्डों, हवाई पट्टियों और हेलीपैड के तंत्र को फैलाया जा रहा है ताकि आम जनता को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ ही आपातकाल, पर्यटन और चिकित्सा क्षेत्र को मजबूती दी जा सके।

प्रदेश में हवाई अड्डों की गिनती 8 तक पहुंच चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 10 होने वाला है। इसके अलावा विदेशों के लिए सीधी उड़ानों का दायरा भी बढ़ रहा है, जिसमें इंदौर से दुबई के बाद अब अबूधाबी तक सीधी उड़ान चालू हो गई है। आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए दताना मताना हवाई अड्डे को बड़ा किया जा रहा है। नए हवाई अड्डों के निर्माण, हर विधानसभा क्षेत्र में पक्के हेलीपैड बनाने तथा पीएमश्री एयर एम्बुलेंस व हेली पर्यटन सेवाओं से राज्य में हवाई यात्रा पहले से अधिक आसान हो गई है।

मध्य प्रदेश में हवाई सुविधाओं का फैलता जाल

वर्तमान समय में मध्य प्रदेश के पास 8 हवाई अड्डे, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड मौजूद हैं। यदि साल 2023-24 की बात करें तो उस दौरान राज्य में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो नाम से 5 बड़े हवाई अड्डे काम कर रहे थे। इसके बाद साल 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को शामिल किया गया जिससे यह संख्या बढ़कर 8 हो गई। इस समय शिवपुरी और उज्जैन में नए हवाई अड्डे तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।

हर क्षेत्र में हवाई पट्टी और हेलीपैड बनाने की योजना

राज्य सरकार की योजना है कि हर 150 किलोमीटर की दूरी पर एक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी तथा हर 45 किलोमीटर के दायरे में एक हेलीपैड उपलब्ध हो। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की सभी 230 विधानसभाओं में पक्के हेलीपैड तैयार करने की तैयारी चल रही है।

पांच नए हवाई अड्डों का प्रस्ताव और सिंगरौली पर विशेष ध्यान

मध्य प्रदेश में पांच नए हवाई अड्डे बनाने की मंजूरी केंद्र सरकार के पास प्रक्रिया में है, जिसमें सिंगरौली जिले को पहली प्राथमिकता पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त उड़ान योजना के तहत राज्य की 10 हवाई पट्टियों को पूरे हवाई अड्डे में बदलने का खाका तैयार किया गया है। इन स्थानों में सिंगरौली, नीमच, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, मंडला, मंदसौर, रतलाम, शहडोल और उमरिया को शामिल किया गया है।

राज्य को मिलेगा अपना सरकारी विमान

मध्य प्रदेश शासन अपनी उड्डयन व्यवस्था को सुधारने के लिए नया सरकारी हवाई जहाज खरीदने जा रहा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर जैसे कई बड़े राज्यों के पास पहले से ही खुद के हेलीकॉप्टर और प्लेन मौजूद हैं। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल काफी बड़ा होने की वजह से आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत पहुंचने के लिए सरकारी विमान की बहुत जरूरत रहती है।

कोरोना महामारी के समय जब सरकार का विमान रेमडेसिविर दवा लेकर जा रहा था, तब ग्वालियर में वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। तब से लेकर अब तक किराये के चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। नया विमान आ जाने से सरकार का हर महीने होने वाला खर्च घटकर सिर्फ एक तिहाई रह जाएगा।

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज

राज्य में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की गई है। इसके जरिए आयुष्मान कार्ड धारकों को राज्य के भीतर या बाहर के संबद्ध अस्पतालों तक मुफ्त में हवाई जहाज से पहुंचाया जाता है। जो लोग आयुष्मान योजना में नहीं आते, उन्हें राज्य के सरकारी अस्पताल तक मुफ्त में तथा राज्य के बाहर तय शुल्क पर यह सेवा मिलती है।

इसके लिए राज्य के अंदर मरीज को ले जाने पर कलेक्टर की मंजूरी और बाहर ले जाने के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति लेनी होती है। फीस देकर सेवा लेने वालों को स्वास्थ्य संचालनालय के माध्यम से उपलब्धता के आधार पर प्लेन दिया जाता है। अब तक 186 से ज्यादा मरीजों को इस सुविधा का फायदा मिल चुका है।

पीएमश्री हेली पर्यटन से धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की यात्रा

पर्यटकों को प्रदेश के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के दर्शन कराने के लिए पीपीपी मॉडल पर तीन साल के समझौते के तहत पीएमश्री हेली सेवा चलाई जा रही है। इसमें 6 सीट वाले आधुनिक सिंगल और डबल इंजन हेलीकॉप्टर इस्तेमाल होते हैं।

आध्यात्मिक सफर के लिए इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर मार्ग, ऐतिहासिक स्थलों के लिए भोपाल-चंदेरी-ओरछा मार्ग और वन्यजीव पर्यटन के लिए जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़ मार्ग तय किए गए हैं। ओरछा और चंदेरी में जॉय राइड की सुविधा भी है। अब तक 5200 से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं और 680 से अधिक जॉय राइड हो चुकी हैं। इसकी बुकिंग flyola.in और transbharat.in वेबसाइट से की जा सकती है।

इंदौर से अबूधाबी की सीधी फ्लाइट से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय संपर्क

मध्य प्रदेश की नई उड्डयन नीति 2025 के सहयोग से इंदौर और अबूधाबी के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू की गई है, जो प्रदेश की पहली वित्तीय सहायता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट है। मात्र 3 घंटे 15 मिनट की इस उड़ान से खाड़ी देश से सीधा जुड़ाव हो गया है, जिससे व्यापार, पर्यटन और विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में दताना मताना हवाई पट्टी का विकास

उज्जैन के दताना मताना हवाई अड्डे का निर्माण उड़ान 5.2 योजना के तहत किया जा रहा है। शुरुआती दौर में यहां 1800 मीटर लंबा रनवे बनाया जा रहा है, जिसे आगे चलकर 2700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। वर्ष 2028 में होने वाले महाकुंभ सिंहस्थ के लिहाज से यह बेहद अहम रहेगा। शिवपुरी और उज्जैन के हवाई अड्डे चालू होते ही राज्य में कुल 10 हवाई अड्डे हो जाएंगे।

सभी इलाके जुड़ रहे एक-दूसरे से

मध्य प्रदेश में नए हवाई रास्तों, एयरस्ट्रिप, हेलीपैड और हवाई अड्डों का विकास करके सभी इलाकों को एक-दूसरे से जोड़ा जा रहा है। नया सरकारी प्लेन मिलने, उज्जैन के दताना मताना एयरपोर्ट के विस्तार, हर विधानसभा में हेलीपैड बनाने और विमानन नीति 2025 से प्रदेश का उड्डयन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सिंहस्थ 2028 और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह ढांचागत सुधार आने वाले समय में राज्य के विकास को गति देने का काम करेगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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