Betul Mandi News: कृषि उपज मंडी को लेकर गंभीर नहीं नेता, चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा
Betul Mandi News: Leader not serious about agricultural produce market, will have to bear the brunt in elections

Betul Mandi News (बैतूल)। चिचोली क्षेत्र के किसानों के लिए जोगली में कृषि उपज मंडी खोले जाने का आश्वासन मिला था। इसके जल्द शुरू करने के खूब सब्जबाग भी दिखाए गए। हालांकि बीते कई सालों से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। दूसरी ओर नेता और जनप्रतिनिधि मंडी शुरू करने को लेकर जरा भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इससे क्षेत्र के किसान बेहद खफा है। वे आने वाले चुनावों में अपना आक्रोश व्यक्त कर सकते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर आज गोधना में क्षेत्रवासियों की बैठक हुई। बैठक में महेश डावले ने कहा कि हम किसानों को कृषि मंडी का आश्वासन मिलता है पर काम नहीं हो रहा है। किसी जनप्रतिनिधि ने मंडी के लिए आवाज नहीं उठाई है। हम किसानों को अपनी समस्या को लेकर एक जुट होना है। साथ ही अपने आसपास के गांव में भी किसानों को साथ लाना है। हौसीलाल गंगारे ने जानकारी दी कि वर्ष 2016 में जोगली में कृषि मंडी स्वीकृत हुई। जोगली में इसके लिए जगह भी चिन्हित हो गई। 2018 में अखबारों के माध्यम जानकारी मिली थी कि दो साल में कृषि मंडी बनकर तैयार हो जायेगी।
इसे 5 वर्ष हो गए पर आज तक कोई पता नहीं है। विधायक को भी 4 साल हो गए है। इसके बावजूद उन्होंने कृषि मंडी को लेकर कोई भी आवाज नहीं उठाई है ना कभी इस पर चर्चा की है। सांसद ने भी आश्वासन दिया था पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिला पंचायत सदस्य ने आज तक यह मुद्दा नहीं उठाया ना ही कभी इस संबंध में जनता से मुलाकात की है। जनपद सदस्य जनपद और अध्यक्ष ने भी अभी तक किसानों की समस्या कृषि मंडी को लेकर आवाज नहीं उठाई।
ऐसे में जनप्रतिनिधियों पर कैसे विश्वास करें। हौसीलाल गंगारे ने कहा कि कृषि मंडी में हो रही देरी को लेकर तहसील में ज्ञापन भी दे चुके हैं। बोरी, गोधना, बारंगबाड़ी, दूधिया, बिघवा, रातामाटी, गोधरा, तारा, हरदू के किसानों ने मिलकर ज्ञापन सौंपा था। तहसीलदार ने भी कहा था कि कृषि मंडी को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर कार्य को आगे बढ़ाएंगे पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। गंगारे ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये से चिचोली ब्लाक में कृषि मंडी नहीं बन पा रही है। (Betul Mandi News)
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ऐसे में 15 गांवों के किसानों ने राजनीतिक पार्टियों को सबक सिखाने के लिए चिचोली, भीमपुर और बैतूल ब्लॉक के किसानों से संपर्क करना चालू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों को उनकी अनदेखी का खामियाजा आगामी चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। बैठक में प्रमुख रूप से कमलेश यादव, सुनील तेकाम, हिमांशु वामनकर, मानक धावले, देवराज असोले, पूरनलाल धावले सहित अन्य किसान उपस्थित थे।



