Betul Collector Action: राशन में गड़बड़ी, मजदूरी भुगतान में देरी… बैतूल कलेक्टर ने मौके पर लिया बड़ा एक्शन
Betul Collector Action: Disturbances in ration, delay in wage payment… Betul Collector took major action on the spot

Betul Collector Action: बैतूल जिले के आठनेर विकासखंड के गांवों के दौरे पर पहुंचे कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को ग्राम बोरपानी और आसपास के क्षेत्रों में जनसमस्याओं को गंभीरता से सुना। राशन वितरण में अनियमितता मिलने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए सेल्समैन और पंचायत सचिव को हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल, मजदूरी भुगतान, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। पूरे दौरे के दौरान कलेक्टर का फोकस ग्रामीणों की समस्याओं के मौके पर समाधान और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर रहा।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को आठनेर जनपद क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम बोरपानी, मुसाखेड़ी और निर्गुड़ क्षेत्र में शासकीय योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनसुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां कई व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया गया, वहीं लापरवाही मिलने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

राशन दुकान में मिली गड़बड़ी, तत्काल कार्रवाई के निर्देश
ग्राम बोरपानी में ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर के सामने शिकायत रखी कि राशन पर्ची में नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। कई लोगों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है और पात्र हितग्राहियों को राशन नहीं मिल पा रहा है। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर स्वयं ग्रामीण महिलाओं के साथ उचित मूल्य दुकान पहुंचे और मौके पर जांच कराई।
निरीक्षण के दौरान राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आईं। जांच में सेल्समैन और पंचायत सचिव की लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने दोनों को हटाने के निर्देश अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ को दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को राशन से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के नाम सूची में नहीं जुड़े हैं, उनकी सूची बनाकर तत्काल प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही ई-केवाईसी से जुड़े मामलों का भी जल्द निराकरण किया जाए।

कम राशन देने की शिकायत पर तौल कांटे जब्त
उचित मूल्य दुकान के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कम राशन दिए जाने और वजन में गड़बड़ी की शिकायत भी की। इसके बाद कलेक्टर ने दूसरी जगह से तौल कांटे मंगवाकर राशन का वजन कराया। जांच में अंतर मिलने पर संबंधित तौल कांटे जब्त कर लिए गए।
कलेक्टर ने एसडीएम को पंचनामा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पीओएस मशीन से स्टॉक का मिलान भी कराया गया। उन्होंने साफ कहा कि गरीबों के राशन में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

दिव्यांग परिवार की समस्याएं सुनीं
दौरे के दौरान कलेक्टर ने दिव्यांग गम्फू उईके से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गम्फू उईके ने बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतों से जुड़ी समस्याएं बताईं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने गम्फू उईके के बच्चों मनीष और मनीषा उईके की स्कूल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने परिवार को भरोसा दिलाया कि शासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की सलाह देते हुए कहा कि शिक्षा ही बेहतर भविष्य का रास्ता है।

पेयजल, बिजली और अतिक्रमण की समस्याएं
ग्राम बोरपानी में ग्रामीणों ने सिंचाई, पेयजल, बिजली और अतिक्रमण से जुड़ी परेशानियां भी कलेक्टर के सामने रखीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि नालियों की व्यवस्था ठीक नहीं होने से बारिश के समय परेशानी होती है।
इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने और नालियों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में रेन वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर और जल संरक्षण गतिविधियां बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बिजली विभाग द्वारा चलाए जा रहे संपर्क अभियान शिविर की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि बिजली संबंधी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाएगा।
स्कूल परिसर में असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती
ग्रामीणों ने प्राथमिक स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायत भी कलेक्टर के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि इससे बच्चों और स्कूल के वातावरण पर असर पड़ रहा है।
इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को संबंधित लोगों के खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत मद से स्कूल परिसर में बाउंड्रीवाल बनाने के लिए कहा। उन्होंने धरती आबा योजना के तहत जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की बात भी कही।
मजदूरी भुगतान और प्रसूति सहायता राशि की शिकायत
दौरे के दौरान रेखा सिरसाम और वर्षा पंद्राम ने सड़क निर्माण कार्य की मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।
वहीं सुशीला नाम की महिला ने प्रसूति सहायता राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर समाधान करने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी पंचायत सचिव को निर्देश दिए गए।
जर्जर कुओं की सफाई और मरम्मत के निर्देश
कलेक्टर ने गांव में निजी कुओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कुएं जर्जर हालत में मिले और वहां साफ-सफाई की स्थिति खराब पाई गई। इसे सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए कलेक्टर ने एसडीएम को संबंधित कुआं मालिकों को पब्लिक न्यूसेन्स का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खुले और जर्जर कुएं हादसों का कारण बन सकते हैं, इसलिए उनकी समय पर मरम्मत और सफाई जरूरी है।
30 उप स्वास्थ्य केंद्र सात दिन में हैंडओवर करने के निर्देश
बोरपानी में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कार्य प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और इंजीनियरों को निर्देश दिए कि जिले के सभी 30 उप स्वास्थ्य केंद्र सात दिनों के भीतर हैंडओवर कर दिए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही संचालन शुरू होने की रिपोर्ट भी समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निर्गुड़ जलाशय का निरीक्षण, किसानों को मिलेगा लाभ
आठनेर भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने निर्गुड़ मध्यम सिंचाई परियोजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों और माइक्रो इरिगेशन सिस्टम की प्रगति की समीक्षा की।
जल संसाधन विभाग के एसडीओ नीरज कौरव ने बताया कि निर्गुड़ जलाशय की कुल भराव क्षमता 14.77 मिलियन घन मीटर है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी मानसून में जलाशय को उसकी पूरी क्षमता तक भरा जाए ताकि अधिक किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि जलाशय निर्माण का करीब 95 प्रतिशत और माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य बारिश से पहले पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
3500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
परियोजना पूरी होने के बाद आठनेर क्षेत्र के 10 गांवों की लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। माइक्रो इरिगेशन सिस्टम के जरिए पानी सीधे दबाव के साथ खेतों तक पहुंचेगा। इससे पानी की बचत होगी और किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन मिल सकेगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को आधुनिक सिंचाई पद्धति के उपयोग के बारे में जागरूक किया जाए ताकि परियोजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
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आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों से किया संवाद
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बोरपानी के सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। यहां उन्होंने बच्चों के लिए संचालित गतिविधियों, एलईडी आधारित शिक्षण व्यवस्था, पोषण वाटिका, आरओ वाटर सुविधा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया।
उन्होंने बच्चों और कुपोषित हितग्राहियों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच की और स्वयं उसका स्वाद चखा। कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जाए ताकि बच्चों को बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिल सके।
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प्राथमिक शाला में ली शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी
आंगनवाड़ी केंद्र के बाद कलेक्टर प्राथमिक शाला बोरपानी पहुंचे। उन्होंने स्कूल भवन, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों से स्कूल संचालन को लेकर फीडबैक भी प्राप्त किया। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शासन की प्राथमिकता है।
मुसाखेड़ी में अमृत सरोवर कार्य का निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत मुसाखेड़ी में निर्माणाधीन अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि सरोवर का कैचमेंट एरिया 0.87 वर्ग किलोमीटर है और इसकी जल भंडारण क्षमता 13 हजार 500 घन मीटर निर्धारित की गई है।
कलेक्टर ने स्पिल चैनल निर्माण जल्द पूरा करने और परियोजना को तय समय सीमा में समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरोवर तैयार होने के बाद किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
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महिलाओं को मछली पालन से जोड़ने के निर्देश
मुसाखेड़ी में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने श्रमिकों और ग्रामीणों से बातचीत कर योजनाओं की जानकारी ली। ग्रामीण महिलाओं ने मजदूरी के लिए पलायन की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को महिलाओं को मछली पालन समूहों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने निर्गुड़ से मुसाखेड़ी तक करीब तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग भी रखी। कलेक्टर ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दौरे में कई अधिकारी रहे मौजूद
पूरे दौरे के दौरान सहायक कलेक्टर पुष्पराज खोटे, एसडीएम अजीत मरावी, अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इंदिरा महतो, जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
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