Betul Proof Range: बैतूल प्रूफ रेंज से विस्थापन की आशंका पर ग्रामीणों को केंद्रीय मंत्री और विधायकों का आश्वासन
Betul Proof Range: बैतूल। प्रूफ रेंज के उन्नयन के लिए बैतूल जिले की विधानसभा घोड़ाडोंगरी के 57 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को सम्मिलित करने की अधिकृत सूचना जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर अभी तक प्राप्त नहीं हैं।
यह बात केंद्रीय राज्य मंत्री जनजातीय मामले दुर्गादास उईके और विधायक हेमंत खंडेलवाल ने आश्वस्त करते हुए घोड़ाडोंगरी विधानसभा के इन ग्रामों के ग्रामीणों से कहीं। मंगलवार को घोड़ाडोंगरी के ग्रामीणों ने 57 ग्रामों के विस्थापन के सम्बन्ध में कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने कहा कि नवीन प्रूफ रेंज में बैतूल जिले के प्रस्तावित इन ग्रामों के ग्रामीणों की जनभावना के अनुरूप ग्रामो को सम्मिलित नहीं किया जाएं।
Betul Proof Range के कारण नहीं होने देंगे विस्थापन
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में अगर ऐसी स्थिति निर्मित होती है तो, इन जनजातीय ग्रामों का विस्थापन न हो इसकी पुरजोर कोशिश की जाएगी। केंद्र और राज्य स्तर पर भी इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाकर यह ग्राम प्रूफ रेंज में सम्मिलित न हो, इसके भरसक प्रयास किए जायेगें।
Betul Proof Range की अभी कोई सूचना नहीं
केंद्रीय मंत्री श्री उईके और विधायक श्री खंडेलवाल ने अधिकारियों के साथ भी इस संबंध में विस्तार से चर्चा की। जिसमें बताया गया कि जिला प्रशासन स्तर पर अभी तक प्रूफ रेंज के उन्नयन में जनजातीय ग्रामों को सम्मिलित करने की सूचना नहीं हैं। ऐसी सूचना होने पर यह ग्राम सम्मिलित न हो इसके समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
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Betul Proof Range: बैठक में यह थे मौजूद
बैठक में विधायक आमला डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख, विधायक भैंसदेही महेंद्र सिंह चौहान, विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईके तथा कलेक्टर बैतूल नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया, वन मंडल अधिकारी नवीन गर्ग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
Betul Proof Range को लेकर कलेक्टर से भी मिले थे ग्रामीण

प्रूफ रेंज विस्तार और शाहपुर ब्लॉक के 11 गांवों के विस्थापन को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल युवा नेता और समाजसेवी कमलेश यादव के नेतृत्व में कलेक्टर से भी मिला, जहां कलेक्टर ने स्वयं स्थिति स्पष्ट की। कमलेश यादव ने बताया कि मुलाकात के दौरान कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर ध्यान न दें।
Betul Proof Range संबंधी कोई कार्रवाई नहीं
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैतूल जिले में प्रूफ रेंज जैसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि भविष्य में इस संबंध में कोई प्रस्ताव आता है तो उसकी जानकारी प्रशासनिक स्तर पर औपचारिक रूप से दी जाएगी। कलेक्टर के इस आश्वासन से ग्रामीणों में काफी हद तक राहत महसूस की गई है।
Betul Proof Range को लेकर यह चेतावनी
हालांकि ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई कोशिश होती है तो वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उसका विरोध करेंगे।
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प्रतिनिधि मंडल में यह थे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, सरपंच शीतलझीरी धनराज सिंह इवने, सरपंच खोखरा यशवंत सिंह धुर्वे, जनपद सदस्य पिंटू वरकड़े, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र कवड़े, देवचंद्र यादव टेमरा, अविनाश भलावी टेमरा, कमलेश काकोडिया सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
Betul Proof Range: पूर्व विधायक भी सक्रिय

गौरतलब है कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा के पूर्व विधायक मंगल सिंह धुर्वे ने भी गत दिनों प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुलाकात कर घोड़ाडोंगरी विधानसभा के प्रभावित ग्रामों की चिंता उनसे साझा की। मंगल सिंह धुर्वे ने प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल को अवगत कराया कि प्रूफ रेंज विस्तार और नए फायरिंग रेंज निर्माण की खबरों ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
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