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PMJJBY Insurance Fraud: फर्जी मौत के खेल से करोड़ों की ठगी, जीवन ज्योति बीमा योजना में धोखाधड़ी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश

PMJJBY Insurance Fraud: Crores of rupees defrauded through fake death games, major fraud gang exposed in Jeevan Jyoti Insurance Scheme

PMJJBY Insurance Fraud: फर्जी मौत के खेल से करोड़ों की ठगी, जीवन ज्योति बीमा योजना में धोखाधड़ी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश
PMJJBY Insurance Fraud: फर्जी मौत के खेल से करोड़ों की ठगी, जीवन ज्योति बीमा योजना में धोखाधड़ी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश

PMJJBY Insurance Fraud: मध्यप्रदेश में बीमा के नाम पर चल रहे एक बड़े संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस गिरोह ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

गिरोह का खुलासा और जांच शुरू

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक संगठित बीमा धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला

विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) पंकज श्रीवास्तव के अनुसार “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की गई है। यह गिरोह ग्वालियर, मुरैना, रतलाम समेत प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।

फर्जी खातों और पॉलिसियों का जाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग बैंकों में नकली नामों से सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए। इन्हीं खातों के जरिए बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं। कई बार एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम पर बीमा कराया गया, वहीं एक ही नाम और पते से अलग-अलग कंपनियों में भी पॉलिसियां ली गईं। एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का उपयोग कई खातों और पॉलिसियों में किया गया, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।

बिना जानकारी के लोगों के नाम पर बीमा

जांच में यह भी सामने आया कि कई लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना ही बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं। संबंधित व्यक्ति को इसकी भनक तक नहीं थी। बीमा लेने के कुछ समय बाद ही उन्हें मृत दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए गए और बीमा राशि का क्लेम कर लिया गया। कई मामलों में तो संबंधित व्यक्ति जीवित ही मिले, फिर भी उनके नाम पर पैसा निकाला गया।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल

गिरोह ने नगर निकायों से कथित रूप से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए। बीमा कराने के एक माह से लेकर एक वर्ष के भीतर ही मृत्यु दिखाकर क्लेम किया गया। कई मामलों में एक ही परिवार के दो या तीन लोगों की मौत एक ही सप्ताह या महीने के भीतर दिखाकर रकम हासिल की गई। लगभग सभी मामलों में मौत का कारण प्राकृतिक बताया गया।

रकम निकालने का सुनियोजित तरीका

धोखाधड़ी से प्राप्त राशि को छिपाने के लिए गिरोह ने अलग-अलग स्थानों का इस्तेमाल किया। ग्वालियर और मुरैना में जमा की गई रकम को रतलाम, राजस्थान के सवाई माधोपुर और गंगानगर सहित अन्य स्थानों के एटीएम से तुरंत निकाल लिया जाता था या फिर म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसी तरह रतलाम के खातों से रकम की निकासी ग्वालियर और मुरैना क्षेत्र में की गई। पुलिस ने कई संदिग्ध खातों को चिन्हित कर फ्रीज करने की कार्रवाई की है।

अलग-अलग स्थानों से तैयार किए गए दस्तावेज

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बीमित व्यक्ति का पता एक जगह का होता था, जबकि उसकी मृत्यु किसी दूसरे शहर में दर्शाई जाती थी। वहीं से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए जाते थे। अलग-अलग नामों से जुड़े लोगों द्वारा एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर क्लेम की राशि प्राप्त की जाती थी।

योजना का उद्देश्य और दुरुपयोग

“प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा का लाभ देना है। 18 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को 436 रुपये सालाना प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है। इस योजना का लाभ मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को मिलता है, लेकिन इस गिरोह ने इसी योजना का गलत इस्तेमाल कर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

आगे की कार्रवाई और जांच

मध्यप्रदेश पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बैंकिंग और बीमा से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अन्य राज्यों तक फैले इस नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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