MP Jan Kalyan Shivir 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान, हर जिले में होंगे जनकल्याण शिविर, अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
MP Jan Kalyan Shivir 2026: Chief Minister Mohan Yadav announces public welfare camps in every district, eliminating the need for office visits.

MP Jan Kalyan Shivir 2026: मध्य प्रदेश में आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उनकी लंबित समस्याओं का तेजी से समाधान करने के लिए राज्य सरकार विशेष जनकल्याण शिविर आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि 12 से 18 जून 2026 के बीच प्रदेश के सभी विकासखंडों और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर तीन दिवसीय शिविर लगाए जाएं, जहां पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ उनकी शिकायतों का निराकरण भी किया जाएगा।
भोपाल। प्रदेश सरकार द्वारा आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से विशेष जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 12 से 18 जून 2026 के दौरान प्रत्येक जिले के विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालयों पर तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र लेकिन अब तक योजनाओं के लाभ से वंचित लोगों की पहचान कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
पात्र हितग्राहियों का होगा पंजीयन और लाभ वितरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान विभागीय मैदानी अमले की मदद से की जाएगी। ऐसे लोगों का पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़े आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे और उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी मिलेंगी सुविधाएं
शिविरों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय (आईएचएचएल) के लिए भी आवेदन लिए जाएंगे। पात्र व्यक्तियों का पंजीयन कर उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों को जारी किए गए विस्तृत निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी शिविरों में मौजूद रह सकें।
मौके पर ही होगा शिकायतों का समाधान
शिविरों में विभागीय योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिकतम मामलों का समाधान शिविर स्थल पर ही किया जाए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से होगी निगरानी
अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदनों और उनके निराकरण की पूरी प्रक्रिया सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके लिए पोर्टल में अलग मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसमें संबंधित अधिकारियों को लॉगइन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिविरों की तिथियां, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तथा अन्य आवश्यक जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
लंबित मामलों के लिए चलेगा विशेष अभियान
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों और अन्य जन शिकायतों के निराकरण के लिए शिविर अवधि में विशेष अभियान चलाया जाए। सभी लंबित आवेदनों के अधिकतम निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
एक ही स्थान पर मिलेंगी विभिन्न सेवाएं
जनकल्याण शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां लोगों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पंजीयन और सेवा वितरण जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की विकास एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
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जनजागरूकता और हितग्राही संवाद पर रहेगा जोर
शिविरों में लाभ वितरण कार्यक्रम, हितग्राही संवाद, सफल लाभार्थियों की कहानियों का प्रस्तुतीकरण तथा योजनाओं से संबंधित जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित होंगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि शिविर स्थलों पर छाया, पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
समय-सीमा तय कर होगा आवेदनों का निपटारा
जो आवेदन तत्काल निराकरण योग्य नहीं होंगे, उनके लिए निर्धारित समय-सीमा तय की जाएगी और संबंधित आवेदक को इसकी जानकारी दी जाएगी। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिला कलेक्टरों को शिविरों के आयोजन, विभागीय समन्वय, समयबद्ध निराकरण और लाभ वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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प्रचार-प्रसार और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर जोर
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। शिविरों के आयोजन के लिए जिले के प्रभारी मंत्री की स्वीकृति ली जाएगी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
नवाचार के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार जनहित में उपयुक्त निर्णय लेने तथा नवाचार अपनाने के निर्देश दिए हैं। उनका उद्देश्य यह है कि पात्र नागरिकों तक सभी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और अभियान के निर्धारित लक्ष्य तय समय-सीमा में पूरे किए जा सकें। अभियान के प्रभावी संचालन और समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है।
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