सरकारी योजना/रोजगार

MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती

MP Government Jobs: Major decision by the Mohan Yadav government—after 85,000 jobs, recruitment for over 1 lakh posts is now underway.

MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती
MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती

MP Government Jobs: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रदेश को देश की फूड बॉस्केट बनाने में किसानों के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। विभागीय अमला लगातार खेतों तक पहुंचकर किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग को केवल एक सरकारी विभाग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह प्रदेश के विकास से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। मध्यप्रदेश की आर्थिक मजबूती और ग्रामीण क्षेत्रों की खुशहाली में कृषि की बड़ी भूमिका है। इसलिए प्रदेश की समृद्धि का रास्ता भी खेती और किसानों के विकास से होकर गुजरता है।

उन्होंने कहा कि कभी मध्यप्रदेश को बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश ने विकास के कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की है। इसमें कृषि क्षेत्र का योगदान भी अहम रहा है। सरकार की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर लागू करने में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं।

MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती
MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती

पदोन्नति मिलने पर कर्मचारियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों की ओर से मुख्यमंत्री के अभिनंदन और आभार के लिए आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें प्रतीक के रूप में हल भेंट किया गया और फूल मालाओं से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर और भावांतर भुगतान योजना को लेकर कार्यशाला तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग और किसानों को योजनाओं से जोड़ने के तरीकों पर जानकारी दी गई।

MP Government Jobs: मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला, 85 हजार नौकरी के बाद अब 1 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती
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3 हजार 357 कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने से उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी खुशी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों ने इतने वर्षों तक बिना निराश हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। यह उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

राज्य सरकार ने अलग-अलग विभागों के कुल 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इनमें किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के 1 हजार 725 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण संस्था के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को भी पदोन्नति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के पत्र भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हर स्तर पर खड़ी है।

हर साल होगी पदोन्नति प्रक्रिया, भर्ती पर भी रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में अनुकंपा नियुक्ति के मामलों को लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की प्रक्रिया हर साल कराए जाने की व्यवस्था की जाएगी।

पदोन्नति के कारण खाली होने वाले पदों को भी समय पर भरा जाएगा। इसके लिए नई भर्ती प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार का प्रयास है कि विभागों में कर्मचारियों की कमी के कारण काम प्रभावित न हो और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलते रहें।

कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में भी बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती की तैयारी की गई है। वर्ष 2026 में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव और 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित 1 हजार 500 से अधिक पदों पर भर्ती पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष एक लाख से ज्यादा पदों पर नई भर्ती करना है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के स्तर पर लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों से देश में विकास की नई दिशा बनी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी इसी विकास यात्रा के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश ने करीब पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। गेहूं उपार्जन के मामले में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है। इसके लिए तकनीक, डिजिटल व्यवस्था और नई कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कर्मचारियों की मेहनत से योजनाएं खेतों तक पहुंच रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब उनका लाभ वास्तविक हितग्राही तक पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसी जिम्मेदारी को पूरा करते हुए गांवों और खेतों तक पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में तैयार होने वाली योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने में विभागीय अमले की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन कराने, पात्रता जांचने और लाभ उपलब्ध कराने से लेकर कृषि संबंधी नई तकनीकों के बारे में बताने का काम भी विभाग के स्तर पर किया जाता है।

उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ अब तकनीकी साधनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। डिजिटल एग्रीकल्चर जैसी व्यवस्थाएं किसानों को नई जानकारी और सुविधाओं से जोड़ने में मदद कर रही हैं। सरकार कृषि को आधुनिक बनाने के साथ किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।

अन्नदाताओं की समस्याओं को समझते हैं मुख्यमंत्री

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति की समस्या को समझा और उसका समाधान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं किसान परिवार से आते हैं, इसलिए वे किसानों की जरूरतों और परेशानियों को बेहतर तरीके से समझते हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना है, ताकि खेती किसानों के लिए अधिक लाभदायक बन सके।

उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि किसानों के हित में चलाई जा रही सभी योजनाओं को पूरी गंभीरता के साथ गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों को मिलना चाहिए और इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी भी जरूरी है।

दस साल से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को मिली गति

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट निर्णय और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ सकी है। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारियों को दस साल से अधिक समय से पदोन्नति का इंतजार था।

उन्होंने कहा कि अब कृषि विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। इससे विभागीय कामकाज को मजबूती मिलेगी और कर्मचारियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

सचिव ने कहा कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों की समृद्धि के साथ कृषि विभाग के कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।

कृषि विभाग को तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर और भावांतर भुगतान योजना से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया गया। इसका उद्देश्य विभागीय कर्मचारियों को नई तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी देना और योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करना है।

कृषि क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने से किसानों तक जानकारी तेजी से पहुंचाने में मदद मिल रही है। आने वाले समय में कृषि से जुड़ी सेवाओं को और आसान तथा पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में कृषि संचालक उमाशंकर भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों और अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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