eklavya shiksha chhatravriti: 9वीं से कॉलेज तक की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार: एकलव्य छात्रवृत्ति योजना का दायरा 80% बढ़ा
Eklavya Education Scholarship: Government to cover educational expenses from class 9 through college; scope of the Eklavya Scholarship Scheme expanded by 80%.

eklavya shiksha chhatravriti: मध्यप्रदेश के वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए तेंदूपत्ता संग्रह आजीविका का मुख्य साधन है। इन संग्राहक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए और उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एकलव्य शिक्षा छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं को आर्थिक मदद दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 2216 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी। इनमें 1180 छात्र और 1036 छात्राएं शामिल थीं। इस अवधि में विद्यार्थियों के बीच लगभग 2.77 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई, जिसमें लाभार्थियों में हर सौ में से लगभग 47 छात्राएं शामिल रहीं।
छात्रवृत्ति के लिए बजट और लक्ष्य में बढ़ोतरी
आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सरकार ने इस योजना का दायरा और अधिक बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके। इसके लिए छात्रवृत्ति का बजट बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत अधिक है। बजट बढ़ने से राज्य के अधिक संख्या में पात्र छात्र-छात्राओं को मदद मिल सकेगी और वे बिना किसी वित्तीय समस्या के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
कक्षा नवी से उच्च शिक्षा तक सहायता
इस योजना के अंतर्गत कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं के साथ-साथ स्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को नियम अनुसार सहायता राशि दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं, जैसे पिछले पांच वर्षों में से कम से कम तीन वर्षों तक न्यूनतम एक मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक अंक निर्धारित मापदंडों के अनुसार हों। लागू दरों के अनुसार 9वीं और 10वीं के छात्रों को अधिकतम 15 हजार, 12वीं के छात्रों को 18 हजार, सामान्य स्नातक के विद्यार्थियों को 25 हजार और व्यावसायिक कोर्स करने वालों को अधिकतम 60 हजार रुपये तक की राशि दी जाती है।
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विभिन्न जिलों और संभागों में वित्तीय आवंटन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में शहडोल जिले के 130 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए 18 लाख 35 हजार रुपये मंजूर किए गए थे। इसी तरह शहडोल संभाग के अन्य वनमंडलों जैसे उमरिया, अनूपपुर, सतना और सीधी जिलों के 362 विद्यार्थियों के लिए 25 लाख 27 हजार रुपये का आवंटन किया गया था, जिससे इन क्षेत्रों के बच्चों को आगे पढ़ने का अवसर मिला।
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ग्रामीण आजीविका और शिक्षा का विकास
तेंदूपत्ता संग्रहण से मिलने वाली मजदूरी से ग्रामीण परिवार अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करते हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा मिलने वाला बोनस और सार्वजनिक सुविधाओं जैसे सड़क, चौपाल व प्रतीक्षालय का निर्माण ग्रामीण जीवन को सुगम बनाता है। एकलव्य शिक्षा छात्रवृत्ति योजना से वन आधारित परिवारों के बच्चों को समय पर आवेदन की प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी मिलना आवश्यक है ताकि वे बिना किसी परेशानी के इसका पूरा लाभ उठा सकें।
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