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e-Vikas 2.0: किसानों को खाद खरीदने में मिलेगी ज्यादा आजादी, जानिए नई व्यवस्था के 10 बड़े बदलाव

e-Vikas 2.0: Farmers to get greater freedom in purchasing fertilizers; know the 10 major changes in the new system.

e-Vikas 2.0: किसानों को खाद खरीदने में मिलेगी ज्यादा आजादी, जानिए नई व्यवस्था के 10 बड़े बदलाव
e-Vikas 2.0: किसानों को खाद खरीदने में मिलेगी ज्यादा आजादी, जानिए नई व्यवस्था के 10 बड़े बदलाव

e-Vikas 2.0: बैतूल। किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास यानी वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली का नया संस्करण 2.0 लागू किया जा रहा है। जिले में 20 अगस्त 2026 से इसी व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक का वितरण किया जाएगा। नई प्रणाली में किसानों को खाद लेने के दौरान पहले की तुलना में अधिक सुविधाएं मिलेंगी और कई प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

किसान अपनी जरूरत के अनुसार खरीद सकेंगे खाद

ई-विकास 2.0 को लागू करने से पहले किसान संगठनों, निजी उर्वरक विक्रेताओं और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए गए थे। कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्यप्रदेश शासन भोपाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने इन सुझावों का परीक्षण किया। प्राप्त सुझावों के आधार पर नई व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।

अब किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी भी एक प्रकार का उर्वरक बिना किसी अनावश्यक प्रतिबंध के खरीद सकेगा। फसल के लिए आईसीएआर की अनुशंसा के मुताबिक या उससे अधिक मात्रा में खाद पहली बार में ही लेने की सुविधा दी गई है।

अतिरिक्त खाद लेने की प्रक्रिया भी आसान

पहले अनुशंसित मात्रा से ज्यादा उर्वरक लेने पर किसान को 50 शब्दों में कारण लिखना पड़ता था। नई व्यवस्था में यह परेशानी खत्म कर दी गई है। अब अतिरिक्त खाद की जरूरत होने पर किसान को दिए गए विकल्पों में से कारण चुनना होगा। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया भी सरल होगी।

टोकन व्यवस्था में भी बदलाव

मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन बनाने की जरूरत होने पर अब संख्या बढ़ाई जा सकेगी। इसके लिए व्यवस्था को जरूरत के अनुसार विस्तार देने का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रति हेक्टेयर बैग के हिसाब से होगी गणना

ई-विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की मात्रा की गणना अब प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की जाएगी। इससे किसान को अपनी भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार मिलने वाली खाद की मात्रा की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

24 घंटे बाद टोकन रद्द करने की सुविधा

नई व्यवस्था में किसान के लिए टोकन से जुड़ी एक और सुविधा जोड़ी गई है। टोकन जनरेट होने के 24 घंटे पूरे होने के बाद उसे निरस्त किया जा सकेगा। इससे किसी कारण से खाद नहीं लेने वाले किसानों को आगे की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी।

फसल खराब होने पर दोबारा खाद मांगने का विकल्प

यदि किसी किसान की फसल खराब हो जाती है और उसे दोबारा उर्वरक की आवश्यकता पड़ती है, तो ऐसी स्थिति के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था के तहत विशेष परिस्थितियों में किसान की उर्वरक मांग पर कार्रवाई की जा सकेगी।

48 घंटे में होगा विशेष मामलों का निराकरण

एक्सेप्शनल हैंडलिंग के तहत आने वाले मामलों को तहसीलदार या अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा 48 घंटे के भीतर मंजूरी देने की व्यवस्था की गई है। इससे जरूरतमंद किसानों को विशेष परिस्थिति में खाद प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

हेल्पलाइन पर दर्ज करा सकेंगे समस्या

ई-विकास प्रणाली से संबंधित किसी भी परेशानी की जानकारी किसान हेल्पलाइन के माध्यम से दे सकेंगे। इसके लिए 7880223344 नंबर जारी किया गया है। किसान शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

फसल के अनुसार दिखेंगे उर्वरक समूह

पोर्टल पर आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा के आधार पर अलग-अलग उर्वरक समूहों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। किसान अपनी फसल के अनुसार उपयुक्त उर्वरक समूह का चयन कर सकेंगे। इससे खाद के चयन को लेकर किसानों को बेहतर जानकारी मिल सकेगी।

डबल लॉक केंद्रों पर बढ़ेगा खाद का भंडारण

मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर जरूरत के मुताबिक अधिक मात्रा में उर्वरक रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए ऑटोमेटेड सिस्टम तैयार किया जा रहा है, ताकि मांग के अनुसार खाद का भंडारण और उपलब्धता बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सके। नई ई-विकास 2.0 व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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