Asaram Bapu Rape Case: शिष्या से रेप के एक और मामले में आशाराम को कोर्ट ने सुनाई बड़ी सजा, पहले से ही भुगत रहे उम्रकैद
Asaram Bapu Rape Case: In another case of rape with a disciple, the court sentenced Asaram to a major sentence, already facing life imprisonment

Asaram Bapu Rape Case: जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को एक और उम्रकैद की सजा हो गई है। गांधीनगर सत्र न्यायालय ने स्वयंभू संत आसाराम को एक दशक पुराने यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ये मामला 2013 में दर्ज किया गया था। अहमदाबाद के आश्रम में शिष्या को हवस का शिकार बनाने वाले आसाराम को अदालत ने सोमवार को दोषी करार दिया था। मंगलवार को सजा पर बहस के बाद कोर्ट ने आस्था की आड़ में अस्मत लूटने वाले आसाराम को सजा सुनाई।
आसाराम को बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई है। कल ही गुजरात के सेशन्स कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की थी।आसाराम को धारा 376 2(सी) (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध) और भारतीय दंड संहिता के अन्य प्रावधानों के तहत अवैध हिरासत के लिए सोमवार को दोषी ठहराया है। अब उसी कड़ी में आज फैसला सुना दिया गया है।
Asaram Bapu Rape Case : आसाराम को उम्रकैद की सजा
आसाराम को बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई है। कल ही गुजरात के सेशन्स कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई की थी। अब उसी कड़ी में आज फैसला सुना दिया गया है। इससे पहले एक और बलात्कार मामले में ही आसाराम पहले से उम्रकैद की सजा काट रहा है। ऐसे में एक बार फिर दोषी सिद्ध हो जाने से उसकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
- Also Read : Khargosh Ka Video: खरगोश के आगे पस्त हुआ तेंदुआ! आया था शिकार करने मायूस होकर लौटा बेचारा, देखें वीडियो
ये है पूरा मामला?
2013 में सूरत की दो बहनों ने नारायण साईं और उनके पिता आसाराम के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों की छोटी बहन ने शिकायत में कहा है कि नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ बार-बार रेप किया। लड़की के मुताबिक, जब वह सूरत में आसाराम के आश्रम में रह रही थी, तब उसके साथ रेप हुआ था। तो बड़ी बहन ने शिकायत में आसाराम पर रेप का आरोप लगाया है। उसके मुताबिक 1997 से 2006 के बीच वह अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम में रहा। इस दौरान आसाराम ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। दोनों बहनों ने पिता-पुत्र के खिलाफ अलग-अलग तहरीर दी है।



