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SBI Asha Scholarship: एसबीआई आशा स्कॉलरशिप 2026-27: जानिए किस कोर्स के लिए मिलेगी कितनी आर्थिक सहायता

SBI Asha Scholarship: SBI Asha Scholarship 2026-27 – Find out the financial assistance available for specific courses.

SBI Asha Scholarship: एसबीआई आशा स्कॉलरशिप 2026-27: जानिए किस कोर्स के लिए मिलेगी कितनी आर्थिक सहायता
SBI Asha Scholarship: एसबीआई आशा स्कॉलरशिप 2026-27: जानिए किस कोर्स के लिए मिलेगी कितनी आर्थिक सहायता

SBI Asha Scholarship: आज के दौर में बच्चों को बेहतर और उच्च शिक्षा दिलाना हर परिवार के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती बन गया है। स्कूल की सामान्य फीस भरने से लेकर देश-विदेश के नामचीन संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम या मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई का खर्च उठाना आम परिवारों के बजट को पूरी तरह से प्रभावित कर देता है। ऐसे में जो छात्र संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए एसबीआई फाउंडेशन की प्लैटिनम जुबली आशा स्कॉलरशिप 2026-27 एक वरदान बनकर आई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य होनहार विद्यार्थियों को उनकी योग्यता और शैक्षणिक स्तर के आधार पर 15 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये सालाना तक की भारी वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

आवेदन की अंतिम तिथि और महत्वपूर्ण तिथियां

इस कल्याणकारी छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों के पास सीमित समय है। योजना के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने का सिलसिला 22 जुलाई 2026 से ही प्रारंभ हो चुका है। योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों को 19 सितंबर 2026 से पूर्व अपना फॉर्म जमा करना अनिवार्य है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं रखा गया है, अर्थात यह पूर्णतः नि:शुल्क है। पात्रता की शर्तों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को अंतिम समय की तकनीकी अड़चनों से बचने के लिए समय रहते अपना पंजीकरण कर लेना चाहिए।

नवी कक्षा से लेकर बारहवीं के विद्यार्थियों हेतु अवसर

यह वित्तीय सहायता केवल बड़ी डिग्रियों या प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों तक ही सीमित नहीं रखी गई है। विद्यालय में अध्ययनरत नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं भी इसके लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। स्कूल स्तर के विद्यार्थियों के लिए सालाना 15 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है। इसके लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को अपनी पिछली कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक अथवा 7.5 सीजीपीए प्राप्त करना आवश्यक है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अंक प्रतिशत में 10 फीसदी की विशेष छूट दी गई है। इसके अलावा, आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक कमाई 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए सहायता के प्रावधान

कॉलेज में अंडरग्रेजुएट स्तर की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को प्रति वर्ष 75 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की व्यवस्था है। यह लाभ उन विद्यार्थियों को ही मिलेगा जो शासन द्वारा निर्धारित शीर्ष एनआईआरएफ रैंकिंग वाले या मान्यता प्राप्त नैक संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं। इस वर्ग में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के पारिवारिक आय की अधिकतम सीमा 6 लाख रुपये प्रति वर्ष निर्धारित की गई है।

पाठ्यक्रम और शिक्षा के स्तर के अनुसार अलग-अलग राशि

आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के अनुसार, सभी विद्यार्थियों को एक समान राशि नहीं दी जाती। अध्ययन के क्षेत्र, संस्था की श्रेणी और पढ़ाई के स्तर को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि का निर्धारण किया गया है।

चिकित्सा शिक्षा यानी एमबीबीएस के छात्रों के लिए विशेष मदद

मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बना रहे एमबीबीएस के विद्यार्थियों के लिए भी इस योजना में विशेष प्रावधान शामिल हैं। पात्र छात्रों को हर साल 2 लाख रुपये तक की मदद दी जा सकती है। इसके लिए पहली शर्त यह है कि छात्र देश के किसी एम्स संस्थान या एनआईआरएफ की टॉप 50 मेडिकल कॉलेजों की सूची में शामिल कॉलेज से पढ़ाई कर रहा हो। साथ ही, अभ्यर्थी के पास चालू या बीते शैक्षणिक सत्र का वैध नीट स्कोरकार्ड होना भी अनिवार्य है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के छात्रों हेतु 2 लाख की सहायता

देश के कुल 23 आईआईटी में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों के लिए भी 2 लाख रुपये वार्षिक तक की छात्रवृत्ति का बंदोबस्त किया गया है। इस श्रेणी का लाभ उठाने के लिए छात्र के पास वर्तमान या पिछले वर्ष का वैध जेईई एडवांस्ड का स्कोरकार्ड होना आवश्यक है। साथ ही पारिवारिक आय 6 लाख रुपये तक होने और शैक्षणिक प्रदर्शन के तय मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

भारतीय प्रबंध संस्थानों में एमबीए करने वालों के लिए 5 लाख

देश के 22 प्रतिष्ठित आईआईएम से एमबीए या पीजीडीएम का कोर्स कर रहे विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप की राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना किया गया है। इस लाभ हेतु अभ्यर्थी के पास वैध कैट स्कोरकार्ड का होना जरूरी है। इसके साथ ही शैक्षणिक योग्यता और पारिवारिक आय की शर्तों का पालन करना भी आवश्यक है।

विदेश में उच्च अध्ययन हेतु 15 लाख रुपये तक का अनुदान

योजना के तहत सबसे बड़ी आर्थिक मदद उन विद्यार्थियों को दी जा रही है जो विदेशी विश्वविद्यालयों में जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं। ऐसे पात्र भारतीय छात्रों को प्रति वर्ष 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। शर्त यह है कि छात्र ने दुनिया के टॉप 200 क्यूएस रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर या उससे उच्च स्तर के पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो अथवा उसके पास वहां का वैध प्रवेश पत्र हो। आवेदक के परिवार की सालाना कमाई 6 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उसके पास जीआरई, जीमैट, एमसीएटी, एलएनएटी या एलएसएटी में से लागू परीक्षा का वैध स्कोरकार्ड होना चाहिए।

इंटरनेट के माध्यम से आवेदन की सरल प्रक्रिया

पंजीकरण की पूरी प्रणाली डिजिटल माध्यम से रखी गई है। सबसे पहले आवेदक को आधिकारिक एसबीआई आशा स्कॉलरशिप पोर्टल पर जाकर अपना नया अकाउंट बनाना होगा। इसके पश्चात अपनी योग्यता के अनुसार सही श्रेणी चुनकर आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारियां सही-सही भरनी होंगी और मांगे गए प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारियों की भली-भांति जांच कर लें, क्योंकि एक बार फॉर्म जमा होने के बाद उसमें किसी भी तरह का संशोधन संभव नहीं होगा।

चयन प्रक्रिया और राशि वितरण का तरीका

आवेदन जमा करने मात्र से ही छात्रवृत्ति की गारंटी नहीं मिलती। प्राप्त सभी फॉर्मों का पहले शैक्षणिक रिकॉर्ड और पारिवारिक आर्थिक स्थिति के आधार पर मूल्यांकन करके उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का टेलीफोन के माध्यम से साक्षात्कार लिया जाता है और उनके दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के बैंक खातों में स्कॉलरशिप की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाती है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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