Betul NSUI Protest: बैतूल में NSUI का उग्र प्रदर्शन: लोहे के बैरिकेड्स पर चढ़े छात्र, वॉटर कैनन की बौछारों के बीच जमकर नारेबाजी
Betul NSUI Protest: Fierce NSUI protest in Betul; students climbed iron barricades and shouted slogans amidst blasts from water cannons.

Betul NSUI Protest: बैतूल शहर में प्रत्यक्ष प्रणाली के जरिए छात्र संघ के चुनाव आयोजित कराने, शिक्षा संजीवनी योजना को बंद करने और पीपीपी मॉडल के स्थान पर पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय विनोद डागा एवं एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रोहन सिंह ठाकुर की अगुवाई में भारी संख्या में युवा शिवाजी ऑडिटोरियम से विशाल जुलूस निकालकर प्रशासनिक परिसर पहुंचे।
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस ने मजबूत बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों का रास्ता रोकने की कोशिश की। आक्रोशित विद्यार्थियों ने जब लोहे के बैरिकेड्स पर चढ़कर भीतर जाने का प्रयास किया तो पुलिस प्रशासन की तरफ से तेज पानी की बौछारें छोड़ी गईं। इसके बावजूद युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे लगातार नारेबाजी करते रहे।
दोपहर में शिवाजी ऑडिटोरियम के पास सैकड़ों छात्र जमा हुए और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़े। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट चौक पर स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही। छात्र नेताओं का कहना था कि कॉलेज परिसरों में चुनाव प्रक्रिया लंबे समय से ठप होने के कारण विद्यार्थियों की मूलभूत समस्याओं की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने शिक्षा के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को तुरंत बंद कर शैक्षणिक व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही।

- यह भी पढ़ें : कम बजट में 64MP कैमरा और 5G स्पीड, फिलिप्स ने लॉन्च किया नया स्मार्टफोन Philips S7221 5G
शासकीय आईटीआई के हस्तांतरण और निजी कॉलेजों की मनमानी पर जताया ऐतराज
आंदोलनकारियों ने भीमपुर एवं शाहपुर में स्थित सरकारी आईटीआई संस्थानों को परम फाउंडेशन को सौंपे जाने का तीखा विरोध जताया। इसके अलावा जिले में संचालित बीएड और डीएड महाविद्यालयों द्वारा की जा रही अत्यधिक फीस वसूली पर पाबंदी लगाने और सभी निजी कॉलेजों की संबद्धता नियमों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।
युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला स्तर पर बड़ा कोचिंग सेंटर स्थापित करने, शिक्षित बेरोजगारों के लिए विशेष रोजगार शिविर लगाने और सरकारी हॉस्टलों की कमियों को दूर करने की मांग उठाई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए बसों की व्यवस्था करने, खेल मैदान विकसित करने और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से जनसुनवाई आयोजित करने का आग्रह किया गया।

- यह भी पढ़ें : Post Office MIS: पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम: 15 लाख के निवेश पर पाएं 9,250 रुपये प्रतिमाह, जानिए कैसे खोलें खाता
समस्याओं का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष रोहन सिंह ठाकुर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि छात्रों के अधिकारों और प्राथमिक मांगों पर शासन को अविलंब सकारात्मक निर्णय लेना होगा। यदि प्रशासन ने समय रहते इन ज्वलंत समस्याओं को नहीं सुलझाया तो आने वाले दिनों में पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रीतेश गंगारे, हर्षवर्धन धोटे, रामकुमार नागवंशी, कमलेश यादव, नरेंद्र वाडिवा, राहुल पटेल, जगदीश गोचरे, पुष्पा पेंद्राम और मनीष नागले समेत सैकड़ों युवा प्रमुखता से मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें



