Padhai ka jajba : 53 साल की ‘मम्मी’ ने की दसवीं की परीक्षा पास, लाए 79.60 फीसद अंक, बेटे ने शेयर की भावुक स्टोरी

यदि कुछ करने का जज्बा और लगन हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है महाराष्ट्र की एक 53 वर्षीय महिला ने। हाल ही में कई राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सामने आए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया जैसी तमाम जगहों पर टॉपर्स की चर्चा है। लेकिन, इस बीच महाराष्ट्र की एक महिला की कहानी भी वायरल हुई है। जिन्होंने 53 साल की उम्र में हाईस्कूल की परीक्षा पास की है। उनकी कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि महिला के बेटे ने भावुक होकर इसके बारे में शेयर किया है।
दरअसल, कुछ समय पूर्व सोशल मीडिया पर प्रसाद जंभाले नामक शख्स ने अपनी मां की कहानी शेयर की थी। प्रसाद पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और वे इन दिनों आयरलैंड में रहते हैं। लेकिन उनकी मां महाराष्ट्र में रहती हैं। प्रसाद ने अपनी मां की कहानी शेयर कतए हुए बताया कि कैसे 37 साल बाद उनकी मां ने फिर से स्कूल में पढ़ना शुरू किया और वो इसमें पास भी हो गई।
प्रसाद ने लिखा कि वे पिछली बार जब आए थे जो मां की पढ़ाई देखकर हैरान थे। उनकी मां की नोटबुक में इंग्लिश लिखती है। यहां तक कि वो अलजेब्रा में भी बहुत अच्छे से काम कर रही थी। उनकी समझ बच्चों को हैरान कर रही थी। उन्होंने बताया कि उनकी मां का दिन ही पढ़ाई से शुरू होता था। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने इस स्कूल में 2021 में दाखिला लिया था। पर उन्होंने इसके बारे में किसी को बताया नहीं था। उन्होंने चुपके से पढ़ाई की है।
वे अपने घर फोन करते हैं तो कई बार यह पता चलता है कि मां पढ़ रही हैं। यहां तक कि मां ने उनके पिता और अपने दूसरे बेटे को भी इस स्कूल और पढ़ाई के बारे में लगभग एक महीने तक कुछ नहीं बताया। उनकी मां अपनी क्लास की सबसे होनहार स्टूडेंट थीं। प्रसाद इंडिया शादी करने के लिए आए थे, उनकी शादी फरवरी में थी और उनकी मां के एग्जाम मार्च में थे। फिर भी उनकी मां ने सब कुछ मैनेज कर लिया।
फिलहाल प्रसाद की मां पास हो गई हैं और उनके नंबर भी काफी अच्छे आए। उन्होंने 79.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। बेटे ने अपनी मां का रिपोर्ट कार्ड भी शेयर किया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे स्कूल भी खोले हैं जिनमें रात को पढ़ाई करवाई जाती है। इन स्कूलों से ऐसी कई महिलाओं की अधूरी रह गई पढ़ाई-लिखाई की हसरत पूरी हो रही है।



