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tigress missing : बैतूल के जंगल से गायब हुई बाघिन, टूटी मिली कॉलर आईडी, वन अमले की उड़ी नींद, तलाश हुई तेज

File Photo
  • उत्तम मालवीय, बैतूल
    बैतूल जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश भर के वन महकमे की नींद इन दिनों उड़ी है। इसकी वजह यह है कि बीते एक साल से बैतूल क्षेत्र को अपना ठिकाना बना चुकी कॉलर आईडी वाली बाघिन (tigress) की 4 दिनों से लोकेशन नहीं मिल रही है। इसकी जानकारी मिलने पर एसटीआर (STR) की क्विक रिस्पॉन्स टीम ने भी बैतूल के जंगल का जायजा लिया है। लोकेशन (location) नहीं मिलने का कारण यह है कि बाघिन की कॉलर आईडी टूट कर गिर चुकी है। यह कॉलर आईडी भी मिल चुकी है।

    सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 4 दिन पहले तक बैतूल रेंज के जंगल में घूम रही कॉलर आईडी वाली बाघिन अचानक गायब हो गई। जिसके बाद से वनकर्मियों ने जंगल में तलाश तेज कर दी। साथ ही जगह-जगह ट्रैप कैमरे भी लगाए। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस पर वन अधिकारियों ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के आला अधिकारियों को सूचित किया। उन्हें यह सूचना भी दी गई कि कॉलर आईडी की लोकेशन एक ही स्थान पर आ रही है।

    यह जानकारी मिलते ही सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की दो सदस्यीय क्विक रिस्पॉन्स टीम ने लोकेशन वाली जगह पर पहुंच कर देखा तो बाघिन की कॉलर आईडी टूटी हुई हालत में मिली। इससे यह सोचकर थोड़ी राहत मिली कि बाघिन के साथ कोई घटना नहीं हुई है बल्कि कॉलर आईडी भर टूटी है। लेकिन यह जानकारी होना भी जरुरी है कि वह है कहां। इसलिए अभी भी उसकी तलाश में वन अमला जुटा है।

    Rakesh Damor DFO

    इस संबंध में डीएफओ (उत्तर) राकेश डामोर का कहना है कि बाघिन की आईडी का पट्टा गल गया था। जिसकी वजह से कॉलर आईडी गिर गई और लोकेशन एक ही जगह आ रही थी। कॉलर आईडी मिल गई है। फिलहाल गर्मी ज्यादा होने से बाघिन की लोकेशन नहीं मिल रही है। एसटीआर की क्विक रिस्पॉन्स टीम संतुष्ट हो कर लौट गई है। बाघ एक बार में पचास किलो मीटर चलता है। ऐसे में कुछ कहा नहीं जा सकता कि बाघिन एसटीआर की ओर निकली है या मेल घाट कॉरिडोर की तरफ। जब तक वह किसी वन्य जीव या पालतू पशु का शिकार नहीं करती, तब उसे ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल है। हमारी टीम लगातार सर्चिंग में लगी है। जल्द ही ट्रेस कर लेंगे।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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