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Betul News: गोदाम में भरी है खाद, लेकिन नहीं मिल रही किसानों को, सोसायटी का किया घेराव 

Betul News: Manure is filled in the godown, but the farmers are not getting it, the society is surrounded

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▪️अंकित सूर्यवंशी, आमला

Betul News: समय पर रासायनिक खाद नहीं मिलने के कारण मोरखा सहित आसपास के आक्रोशित किसानों ने सेवा सहकारी समिति मोरखा का घेराव किया। साथ ही समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। इस घेराव तथा धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि किसानों की मांग, समस्या के समाधान तथा ज्ञापन लेने मौके पर कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद किसानों द्वारा क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे तथा कलेक्टर को दूरभाष पर समस्या से अवगत कराया। इस प्रदर्शन में उपस्थित किसानों द्वारा कलेक्टर को व्हाट्सएप पर ही ज्ञापन के प्रति भेजी है। इसके साथ ही किसानों ने मांग की है कि वर्तमान में पदस्थ कर्मचारी खाद वितरित नहीं करते हैं तो शासन द्वारा नए कर्मचारियों के माध्यम से खाद का वितरण करवाना चाहिए।

स्टाक है, लेकिन वितरण नहीं किया

ग्राम मोरखा के किसान डॉ. रामकुमार पटेल बंटी ठाकुर, अधिवक्ता कैलाश सिंह, निरंकार पटेल, उत्तम सिंह आदि ने बताया कि सेवा सहकारी समिति मोरखा में खाद का भरपूर भंडारण है। लेकिन, सहकारिता विभाग की हड़ताल के चलते किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।

उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में फसलों को खाद की अत्यंत आवश्यकता है। अगर समय पर खाद नहीं मिलती है तो किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी, जिसका जिम्मेदार कौन रहेगा? सहकारिता विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही एवं हड़ताल के चलते हजारों किसानों का भविष्य दांव पर लग चुका है। किसानों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक ने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।

उधर सहकारिता की हड़ताल, इधर अन्नदाता बेहाल

क्षेत्र के किसान सेवानिवृत्त शिक्षक कोमलसिंह सरोज, जय कुमार, नरेंद्र सिंह, दीपक पटेल सहित अन्य किसानों का कहना है कि विगत कुछ दिनों से चल रही सहकारिता विभाग की हड़ताल के चलते सभी सेवा सहकारी समितियां में कल लटके हुए हैं।

क्षेत्र में लगभग सभी सोसाइटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, लेकिन हड़ताल के चलते समय पर खाद का वितरण नहीं हो पाया। जिससे किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है। वर्तमान में समय पर खाद नहीं देते हैं तो अन्नदाताओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। सभी किसानों की मांग है कि यदि वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों सहयोग नहीं करते हैं तो शासन द्वारा नए कर्मचारियों को रखकर समय पर खाद वितरण किया जाना चाहिए।

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