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PM Kisan 23rd Installment: 20 जून को किसानों के नाम होगा बड़ा दिन, पीएम-किसान की किस्त के साथ शुरू होंगी नई कृषि योजनाएं

PM Kisan 23rd Installment: June 20 to be a big day for farmers; new agricultural schemes to launch alongside the PM-Kisan installment.

PM Kisan 23rd Installment: 20 जून को किसानों के नाम होगा बड़ा दिन, पीएम-किसान की किस्त के साथ शुरू होंगी नई कृषि योजनाएं
PM Kisan 23rd Installment: 20 जून को किसानों के नाम होगा बड़ा दिन, पीएम-किसान की किस्त के साथ शुरू होंगी नई कृषि योजनाएं

PM Kisan 23rd Installment: देश के करोड़ों किसानों के लिए 20 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके साथ ही कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन और रेलवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और शुभारंभ भी किया जाएगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदाय और युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा तथा विकसित भारत और विकसित पश्चिम बंगाल के संकल्प को मजबूत करेगा।

पश्चिम बंगाल से राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का आयोजन

केंद्र सरकार पूर्वी भारत के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान कृषि, ग्रामीण विकास, रेलवे, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वी भारत को कृषि, औद्योगिक विकास और मजबूत आधारभूत संरचना का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनके अनुसार 20 जून का यह आयोजन उसी व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पीएम-किसान की 23वीं किस्त होगी जारी

कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का वितरण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुगली जिले के तारकेश्वर से देशभर के किसानों के खातों में यह राशि जारी करेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस किस्त के तहत देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लगभग 18,880 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी और खेती-किसानी के कार्यों में मदद पहुंचेगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के 45.35 लाख से अधिक किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिलेगा। राज्य के लाभार्थियों के खातों में करीब 907 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में पीएम-किसान योजना के तहत वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। देशव्यापी स्तर पर देखा जाए तो वर्ष 2019 में योजना की शुरुआत से अब तक किसानों को 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।

फसल बीमा योजनाओं का भी होगा शुभारंभ

प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) की शुरुआत भी करेंगे।

इन दोनों योजनाओं की संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान करीब 1.10 करोड़ किसानों को इन योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

योजना के अंतर्गत लगभग 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से करीब 28,140 करोड़ रुपये मूल्य की फसलों को जोखिम से सुरक्षा मिलेगी। प्राकृतिक आपदाओं, असामान्य मौसम और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।

एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत

कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत भी करेंगे।

यह प्लेटफॉर्म किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत सरकारी खरीद जैसी सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों को समय पर जानकारी प्राप्त होगी, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और बाजार तक पहुंच आसान बनेगी। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन को मिलेगा विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का शुभारंभ भी करेंगे। इस मिशन के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जाएगा।

स्वीकृत कार्ययोजना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पश्चिम बंगाल में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इन क्लस्टरों से 43,250 किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।

किसानों को जैव आधारित कृषि सामग्री, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जैव आधारित संसाधन केंद्रों और कृषि सखियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का शुभारंभ

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत भी की जाएगी। यह योजना पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों में लागू होगी।

योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देना तथा भंडारण और प्रसंस्करण जैसी फसलोत्तर सुविधाओं को मजबूत बनाना है। इसके अलावा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार तथा उद्यमिता के नए अवसर तैयार होंगे।

ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मिलेगा मजबूत आधार

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के अंतर्गत 213 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के तहत 315 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को कस्बों और शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ेंगी। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। साथ ही छात्रों को शैक्षणिक संस्थानों और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में भी लाभ मिलेगा।

मत्स्य पालन क्षेत्र को मिलेगा नया आधार

मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री दक्षिण 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकरण और विस्तार के बाद तैयार किए गए मत्स्य बंदरगाह का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा बीरभूम जिले में निर्मित आधुनिक मत्स्य बाजार का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से मछुआरों को बेहतर भंडारण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मत्स्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

पशुपालन क्षेत्र के लिए पहली क्षेत्रीय सुविधा

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री नादिया जिले के हरिणघाटा में स्थापित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लेबोरेटरी और बकरी सीमन बैंक का उद्घाटन करेंगे।

करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली यह सुविधा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत विकसित की गई है। यह पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला और बैंक है।

इससे वैज्ञानिक पशु प्रजनन को बढ़ावा मिलेगा, पशुओं की नस्ल सुधार प्रक्रिया मजबूत होगी और पशुधन की उत्पादकता में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ बकरी पालन और पशुपालन से जुड़े किसानों को मिलेगा।

रेलवे क्षेत्र में 591 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेलवे क्षेत्र से जुड़ी लगभग 591 करोड़ रुपये लागत की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल सुविधाओं का विस्तार करना, सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही राज्य और पूरे पूर्वी भारत की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

हावड़ा में बनेगा 300 बिस्तरों वाला नया रेलवे अस्पताल

प्रधानमंत्री हावड़ा में 99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 300 बिस्तरों वाले नए मंडलीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, उन्नत जांच सेवाओं और आपातकालीन उपचार व्यवस्था से सुसज्जित होगा। इससे रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों और आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

रोड ओवर ब्रिज और तीसरी रेल लाइन का होगा विकास

पूर्व मेदिनीपुर जिले में हाउर और राधामोहनपुर के बीच 71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह परियोजना सड़क और रेल दोनों मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ यातायात को सुगम बनाएगी।

इसके अलावा हावड़ा जिले में 421 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सांकराइल-सांतरागाछी थर्ड लाइन परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इस परियोजना से व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम होगा और यात्री तथा मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।

विकसित पश्चिम बंगाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 जून को होने वाला यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, स्वास्थ्य और रेलवे जैसे क्षेत्रों में शुरू होने वाली परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पश्चिम बंगाल की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार विकसित पश्चिम बंगाल और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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