मध्यप्रदेश अपडेट

MP Weather News: भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश, कई इलाकों में जलभराव; MP के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

MP Weather News: Bhopal records 7 inches of rain in 24 hours, leading to waterlogging in several areas; heavy rain warning issued for 10 districts of MP.

MP Weather News: भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश, कई इलाकों में जलभराव; MP के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
MP Weather News: भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश, कई इलाकों में जलभराव; MP के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

MP Weather News: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। पिछले दो दिनों से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। विदिशा, सीहोर और मंडला सहित कई जिलों में भी बारिश के कारण स्थिति प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 12 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसम तंत्र के प्रभाव से अगले चार दिनों में फिर तेज बारिश का दौर आने की संभावना जताई गई है।

भोपाल में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव

पिछले 24 घंटे में हुई तेज बारिश ने भोपाल में जनजीवन को प्रभावित किया। करीब 7 इंच पानी गिरने के कारण शहर के निचले इलाकों और कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर सड़कें और रास्ते पानी में डूब गए। नदियों और नालों में पानी बढ़ने के कारण कई जगह आवागमन भी प्रभावित हुआ। भारी बारिश का असर भोपाल के अलावा सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ में भी देखने को मिला।

ब्यावरा में रेलवे अंडरपास डूबा, 25 गांवों का संपर्क प्रभावित

राजगढ़ जिले के ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं विदिशा में बाढ़ के पानी में 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए भोपाल तथा आगर-मालवा में स्कूलों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी, नालों और पानी से भरे रास्तों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।

इन 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम केंद्र ने मंगलवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इनके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बारिश से बांधों और बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के जलाशयों में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। जोहिला बांध के दो गेट खोलकर पानी बाहर छोड़ा गया है। भोपाल के कलियासोत और केरवा बांध के साथ सीहोर के कोलार बांध में भी जलस्तर बढ़ा है। भोपाल के बड़े तालाब का पानी भी करीब तीन फीट ऊपर पहुंच गया है।

12 अगस्त के आसपास बन सकता है नया कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 10 अगस्त को उत्तर मध्य प्रदेश और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय था, जिसकी ऊंचाई करीब 5.8 किलोमीटर तक रही। मानसून की द्रोणिका भी इसी मौसम प्रणाली से होकर गुजर रही थी। इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश देखने को मिली।

अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हुआ है। इसके असर से 12 अगस्त के आसपास एक और कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इस नए सिस्टम के कारण आने वाले चार दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी अहम रहेंगे।

19 इंच बारिश के बाद भी सामान्य से 15 प्रतिशत कम

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक करीब 19 इंच यानी 483 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस अवधि तक सामान्य बारिश लगभग 22.5 इंच यानी 571.4 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस आधार पर प्रदेश में बारिश अभी सामान्य औसत से करीब 15 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 18 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह अंतर लगभग 13 प्रतिशत है।

46 जिलों में बारिश सामान्य से कम

प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में बारिश की कमी अभी भी ज्यादा बनी हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। दूसरी ओर पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिले बारिश के मामले में पीछे हैं। हालांकि भोपाल, गुना, सीहोर, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

जुलाई में पूरा हुआ बारिश का कोटा, जून की कमी बरकरार

इस मानसून की शुरुआत प्रदेश के लिए कमजोर रही थी। जून में सामान्य के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई के दौरान मानसून कभी सक्रिय तो कभी कमजोर रहा। महीने के अंतिम सप्ताह में मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने के बाद बारिश में तेजी आई और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया।

इसके बावजूद जून में हुई कमी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। अब अगस्त में सक्रिय होने वाला नया मौसम सिस्टम प्रदेश में बारिश के आंकड़ों को बेहतर कर सकता है। मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 38 से 39 इंच के बीच रहता है।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देशदुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button