Onion Price Hike : प्याज के दाम बढ़ते ही एक्टिव हुई सरकार, बफर स्टॉक से 3 लाख मीट्रिक टन की सप्लाई शुरू
Onion Price Hike, Onion Price Hike : Government became active as onion prices increased, supply of 3 lakh metric tonnes started from buffer stock

Onion Price Hike : (नई दिल्ली)। टमाटर से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने प्याज की हालत भी उसकी तरह ना होने देने की ठान ली है। यही कारण है कि प्याज के दामों में बढ़ोतरी होते ही सरकार सक्रिय हो गई है। इसके लिए उपभोक्ता कार्य विभाग ने इस वर्ष बफर के लिए खरीदे गए 3.00 लाख मीट्रिक टन प्याज से स्टॉक जारी करने का निर्णय लिया है।
विभाग के सचिव रोहित कुमार सिंह ने 10 अगस्त, 2023 को नेफेड और एनसीसीएफ के प्रबंध निदेशकों के साथ बैठक की और निपटान के तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया। उन राज्यों या क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों को लक्षित करके प्याज के स्टॉक को जारी करने का निर्णय लिया गया, जहां खुदरा कीमतें अखिल भारतीय औसत से ऊपर चल रही हैं और जहां पिछले महीने और वर्ष की तुलना में कीमतों में वृद्धि की दर सीमा स्तर से ऊपर है।
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ई-नीलामी के माध्यम से निपटान और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर खुदरा बिक्री का भी पता लगाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निपटान की मात्रा और गति को कीमतों और उपलब्धता स्थितियों के साथ भी समायोजित किया जाएगा।
चालू वर्ष में बफर के लिए कुल 3.00 लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद की गई है, जिसे स्थिति की मांग होने पर और बढ़ाया जा सकता है। दो केंद्रीय नोडल एजेंसियों, अर्थात, नेफेड और एनसीसीएफ ने जून और जुलाई के दौरान महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 1.50 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज की खरीद की थी।
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इस वर्ष, भंडारण हानि को कम करने के उद्देश्य से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) के सहयोग से पायलट आधार पर प्याज का विकिरण भी शुरू किया गया था। लगभग 1,000 मीट्रिक टन विकिरणित किया गया था और नियंत्रित वातावरण भंडारण में संग्रहीत किया गया था।
सरकार प्याज की कीमतों में अस्थिरता को रोकने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत प्याज बफर बनाए रख रही है। वार्षिक बफर का निर्माण कमजोर मौसम के दौरान प्रमुख खपत केंद्रों में जारी करने के लिए रबी की फसल से प्याज खरीदकर किया गया है।
पिछले चार वर्षों में प्याज का बफर आकार तीन गुना बढकर 2020-21 में 1.00 लाख मीट्रिक टन से 2023-24 में 3.00 लाख मीट्रिक टन तक हो गया है। प्याज बफर ने उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।



