Naman ojha PC : क्रिकेटर नमन ओझा बोले- मेरे पिता हैं निर्दोष, वे तो फरियादी थे लेकिन उन्हें ही बना दिया आरोपी
• उत्तम मालवीय, बैतूल
Naman Ojha : मशहूर भारतीय क्रिकेटर नमन ओझा मंगलवार की शाम को बैतूल में पत्रकारों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने मुलताई तहसील की जौलखेड़ा महाराष्ट्र बैंक शाखा में सवा करोड़ के गबन के मामले में चर्चा की। इस दौरान उन्होंने इस पूरे मामले में अपने पिता विनय कुमार ओझा को निर्दोष बताया।
उनका स्पष्ट कहना था कि उनके पिता तो इस पूरे मामले में फरियादी थे। वे जब अवकाश पर रहते थे, तब सारी गड़बड़ियों को अन्य के द्वारा अंजाम दिया जाता था। ऐसे में उनके पिता कैसे दोषी हो सकते हैं। असल में उन्होंने ही इस गबन मामले का खुलासा किया, उच्च स्तर पर शिकायत की और फिर जांच हुई थी। उसके बावजूद उन्हें आरोपी बना दिया गया। इससे उन्हें और पूरे परिवार को इतने लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। देखें वीडियो… 👇
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में बैंक के असिस्टेंट मैनेजर रहे विनय ओझा को मुलताई कोर्ट से जमानत मिल गई है। विनय ओझा क्रिकेटर नमन ओझा के पिता हैं। जमानत मिलने के बाद नमन ओझा भी पिता के साथ बैतूल पहुंचे। बैतूल में उन्होंने पत्रकारों से चर्चा कर अपने पिता का पक्ष रखा।

नमन के मुताबिक उनके पिता को पुलिस ने गलत तरीके से फंसाया गया। इस मामले में वे शुरू से खुद ही शिकायतकर्ता थे। नमन के मुताबिक उन्हें पूरी उम्मीद थी कि पिता को जमानत मिलेगी। दस्तावेज भी इस बात के सबूत दे रहे हैं कि विनय ओझा ने सबसे पहले गबन की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हुआ और एफआईआर दर्ज कराई गई। लेकिन एक चूक यह हो गई कि पुलिस ने फरियादी को भी आरोपी बना दिया।
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नमन ने कहा कि इस प्रकरण के कारण उनके पिता और पूरा परिवार लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है। पिता ठीक से सो तक नहीं पा रहे थे और ना खा पा रहे थे। उनकी सेहत पर भी काफी असर पड़ा। अब जमानत मिलने पर वे ठीक से सो सकेंगे। पत्रकार वार्ता के बाद पिता-पुत्र भोपाल रवाना हो गए।



