Betul Agro Dealers Strike: बैतूल में कृषि आदान विक्रेताओं का बड़ा विरोध: हड़ताल के बाद अब अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
Betul Agro Dealers Strike: Major protest by agricultural input dealers in Betul: After the strike, now there is a warning of indefinite shutdown.

Betul Agro Dealers Strike: बैतूल में कृषि आदान विक्रेताओं ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर एक दिन का सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। देशव्यापी आह्वान के तहत हुए इस प्रदर्शन में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
देशव्यापी आह्वान पर की हड़ताल
कृषि आदान विक्रेता संघ बैतूल ने 27 अप्रैल को देशभर में हुए आह्वान के तहत एक दिन की हड़ताल की। इस दौरान खाद, बीज और कीटनाशक से जुड़े व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा।
लंबे समय से चली आ रही समस्याएं
संघ के अनुसार एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन नई दिल्ली के जरिए देश के करीब पांच लाख व्यापारी पिछले दस वर्षों से विभिन्न परेशानियों का सामना कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर अब तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया है।
कंपनियों पर जबरन लिंकिंग का आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि उर्वरक कंपनियां सब्सिडी वाले खाद के साथ अन्य उत्पादों को जोड़कर बेचने का दबाव बना रही हैं। इस तरह की व्यवस्था को पूरी तरह बंद करने की मांग की गई है। साथ ही रेल हेड से खाद उठाने में बढ़ते खर्च का मुद्दा उठाते हुए मांग की गई कि डिलीवरी सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित की जाए।
डीलर मार्जिन और पोर्टल में बदलाव की मांग
व्यापारियों ने उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम आठ प्रतिशत करने की मांग रखी है। इसके अलावा साथी पोर्टल को ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेताओं के लिए अनिवार्य न रखते हुए वैकल्पिक बनाने और एचटीबीटी बीज नीति को स्पष्ट करने की जरूरत बताई गई।
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गुणवत्ता और कानूनी प्रावधानों पर आपत्ति
संघ ने कहा कि सीलबंद पैकेट में यदि उत्पाद की गुणवत्ता खराब निकलती है तो विक्रेता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में उन्हें केवल गवाह का दर्जा दिया जाए। साथ ही एक्सपायर्ड कीटनाशकों को वापस लेने के लिए कंपनियों पर कानूनी जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।
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प्रक्रिया आसान बनाने की मांग उठी
ज्ञापन में नए बीज अधिनियम और प्रस्तावित कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलर को प्रथम पक्ष बनाने के प्रावधान को नरम करने की बात कही गई है। इसके अलावा झूठी शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित करने, लाइसेंस निलंबन के मामलों में 21 दिन के भीतर स्वतः बहाली, हर साल प्रिंसिपल सर्टिफिकेट जोड़ने की अनिवार्यता खत्म करने और दोहरी लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी शामिल है।
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन पर होगी। इस दौरान प्रकाश जैन, नीलेश खंडेलवाल, प्रदीप खंडेलवाल, राजेंद्र माहेश्वरी, धर्मराज वराठे और रवींद्र बाजपेई सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
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