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संक्रांति पर ताप्ती स्नान से मिलता है गंगा सागर स्नान का पुण्य

  • मनोहर अग्रवाल, खेड़ी सांवलीगढ़
    मकर संक्रांति पर्व पर प्राचीन मान्यताओं के अनुसार पवित्र नदियों में स्नान दान का बड़ा महत्व है। नदियों में अगर सूर्यपुत्री मां ताप्ती में मकर संक्रांति स्नान की बात की जाएं तो इसका पुण्य फल गंगा सागर स्नान से कम नहीं है।

    पंडित सुनील कुमार व्यास और पंडित राजेश दुबे बताते हैं की मकर संक्रांति के दिन माघ मकर गति रवि जब हो ही तापी तट आवहि सब कोई। मकर संक्रांति के दिन जब भगवान आदित्य नंदन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण हो जाते हैं तब पृथ्वी लोक में जल रूप में बह रही सूर्य नंदिनी ताप्ती जी की ओर भगवान अदिति नंदन सूर्यदेव ने कुछ पल रुककर देखा।

    यह स्थान पृथ्वी पर बारालिंग से 6 किलोमीटर दूर अगिनतोड़ा नामक स्थान पर है। यहां देवी ताप्ती की जल धारा पूर्वमुख है। यहां ताप्ती नदी पहाड़ी से टकराकर पूर्व की ओर गतिमान है। यहां मकर संक्रांति स्नान का वही महत्व है जो गंगासागर में कपिल मुनि के आश्रम के दर्शन का है। वैसे भी मां ताप्ती सूर्यवंश की है।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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