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Mann Ki Baat: स्वयं के खर्च पर लाइब्रेरी शुरू कर बच्चों को ज्ञान का भंडार दे रहे यह दो शिक्षक, मन की बात में प्रधानमंत्री ने भी की सराहना

Mann Ki Baat: स्वयं के खर्च पर लाइब्रेरी शुरू कर बच्चों को ज्ञान का भंडार दे रहे यह दो शिक्षक, मन की बात में प्रधानमंत्री ने भी की सराहना
PM Narendra Modi Mann Ki Baat: हमारे देश में कई सरकारी कर्मचारी एक ओर जहां ड्यूटी के तय घंटे में ही पूरे समय काम करने से मुंह चुराते नजर आते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ इनके विपरीत सोच वाले कर्मचारी भी हैं। खासतौर से शिक्षकों में कई ऐसे समर्पित शिक्षक भी मिल जाएंगे जो कि अपने कार्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर पूरे समय ड्यूटी तो करते ही हैं, इसके अलावा भी ऐसे नवाचार करते रहते हैं, जिन्हें देख कर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इनके यह कार्य न केवल इनकी गुरुता को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि इन्हें विशिष्ट श्रेणी में भी रखते हैं। सोमवार को मन की बात में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi Man Ki Baat) ने ऐसे ही दो शिक्षकों का जिक्र किया।

मन की बात में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोई अगर विद्या का दान कर रहा है, तो वो समाज हित में सबसे बड़ा काम कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जलाया गया एक छोटा सा दीपक भी पूरे समाज को रोशन कर सकता है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आज देश-भर में ऐसे कई प्रयास किए जा रहे है। यूपी की राजधानी लखनऊ से 70-80 किलोमीटर दूर हरदोई का एक गांव है बांसा। मुझे इस गांव के जतिन ललित सिंह के बारे में जानकारी मिली है, जो शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं।

Mann Ki Baat: स्वयं के खर्च पर लाइब्रेरी शुरू कर बच्चों को ज्ञान का भंडार दे रहे यह दो शिक्षक, मन की बात में प्रधानमंत्री ने भी की सराहना

जतिन जी ने दो साल पहले यहां ‘Community Library and Resource Centre’ शुरू किया था। उनके इस centre में हिंदी और अंग्रेजी साहित्य, कंप्यूटर, लॉ और कई सरकारी परीक्षाओं की तैयारियों से जुड़ी 3000 से अधिक किताबें मौजूद हैं। इस Library में बच्चों की पसंद का भी पूरा ख्याल रखा गया है। यहां मौजूद comics की किताबें हों या फिर Educational Toys, बच्चों को खूब भा रहे हैं। छोटे बच्चे खेल-खेल में यहां नई-नई चीजें सीखने आते हैं। पढ़ाई Offline हो या फिर Online, करीब 40 Volunteers इस Centre पर Students को Guide करने में जुटे रहते हैं। हर रोज गांव के तकरीबन 80 विद्यार्थी इस Library में पढ़ने आते हैं।

Mann Ki Baat: स्वयं के खर्च पर लाइब्रेरी शुरू कर बच्चों को ज्ञान का भंडार दे रहे यह दो शिक्षक, मन की बात में प्रधानमंत्री ने भी की सराहना

झारखंड के संजय कश्यप भी गरीब बच्चों के सपनों को नई उड़ाने दे रहे हैं। अपने विद्यार्थी जीवन में संजय जी को अच्छी पुस्तकों की कमी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उन्होंने ठान लिया कि किताबों की कमी से वे अपने क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकारमय नहीं होने देंगे। अपने इसी मिशन की वजह से आज वो झारखंड के कई जिलों में बच्चों के लिए ‘Library Man’ बन गए हैं।

संजय जी ने जब अपनी नौकरी की शुरुआत की थी, उन्होंने पहला पुस्तकालय अपने पैतृक स्थान पर बनवाया था। नौकरी के दौरान उनका जहां भी Transfer होता था, वहां वे ग़रीब और आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए Library खोलने के mission में जुट जाते हैं। ऐसा करते हुए उन्होंने झारखंड के कई जिलों में बच्चों के लिए Library खोल दी है। Library खोलने का उनका यह mission आज एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रहा है। संजय जी हो या जतिन जी ऐसे अनेक प्रयासों के लिए मैं उनकी विशेष सराहना करता हूं।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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