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IAS Neha Maravya: आईएएस नेहा मारव्या का 1 साल में चौथा तबादला, सीनियर अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप

IAS Neha Maravya: IAS Neha Maravya transferred for the fourth time in a year; levels serious allegations against senior officers.

 IAS Neha Maravya: आईएएस नेहा मारव्या का 1 साल में चौथा तबादला, सीनियर अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप
IAS Neha Maravya: आईएएस नेहा मारव्या का 1 साल में चौथा तबादला, सीनियर अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप

IAS Neha Maravya: मध्यप्रदेश कैडर की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नेहा मारव्या का एक बार फिर अचानक तबादला कर दिया गया है। नई जिम्मेदारी संभालने के दो महीने से भी कम समय में हुए इस फेरबदल से आहत होकर महिला अधिकारी ने नौकरशाही के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।

आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना में पदस्थ 2011 बैच की प्रशासनिक सेवा अधिकारी नेहा मारव्या को महज 54 दिनों के भीतर ही उनके पद से हटा दिया गया है। बीते एक वर्ष के दौरान यह उनका चौथा स्थानांतरण है। बार-बार हो रहे इन तबादलों से व्यथित होकर उन्होंने राज्य के आईएएस संघ के आधिकारिक संदेश समूह में एक पत्र साझा कर अपनी बात रखी है।

अधीनस्थों के षड्यंत्र पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप

नेहा मारव्या ने 5 सितंबर को प्रेषित अपने संदेश में लिखा कि नई सूची में अपना नाम शामिल देखकर उन्हें गहरा झटका लगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दफ्तर के ही कुछ कनिष्ठ कर्मियों और अफसरों ने उनके कामकाज के खिलाफ गोलबंदी की थी। उन्हें आशा थी कि प्रशासन उन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाएगा, किंतु इसके विपरीत स्वयं उनका ही ट्रांसफर कर दिया गया।

पत्र के माध्यम से उठाए गंभीर सवाल

अपने पत्र में उन्होंने सिस्टम पर सवाल दागते हुए पूछा कि क्या कोई सिविल सेवक इतना बेबस हो सकता है कि साजिश रचने वालों पर कार्रवाई के बजाय अधिकारी को ही हटा दिया जाए। उन्होंने अंदेशा जताया कि यह निर्णय किसी वरिष्ठ के प्रभाव में लिया गया है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि अक्सर षड्यंत्र रचने वाले सफल हो जाते हैं और सही काम करने वाले को असफलता मिलती है।

पूर्व में भी सहकर्मियों से रहे हैं मतभेद

आईएएस नेहा मारव्या का नाम पूर्व में भी कई प्रशासनिक विवादों में आ चुका है। वरिष्ठ अधिकारी मनीष रस्तोगी और रश्मि अरुण शमी के साथ उनके मतभेद काफी सुर्खियों में रहे थे। वहीं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एलएम बेलवाल के विरुद्ध हुई विभागीय कार्रवाई भी नेहा की जांच रिपोर्ट पर आधारित थी।

विभाग प्रमुख के साथ अनबन की चर्चाएं तेज

हालिया घटनाक्रम में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा के साथ उनके वैचारिक मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। निरंतर हो रहे तबादलों और सहकर्मियों के साथ जारी तनातनी के कारण प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर नेहा मारव्या का मुद्दा गरमा गया है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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