Sukanya Samriddhi Scheme: सुकन्या समृद्धि योजना में 50% तक पैसा निकालने की सुविधा, जानिए कब मिलेगा यह लाभ
Sukanya Samriddhi Scheme: Facility to withdraw up to 50% of funds; find out when this benefit is available.

Sukanya Samriddhi Scheme: बेटी की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों के लिए लंबे समय तक बचत करना चाहते हैं तो सुकन्या समृद्धि योजना एक महत्वपूर्ण विकल्प है। सरकार की इस योजना में आकर्षक ब्याज के साथ टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। फिलहाल खाते पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा है। हालांकि, इस योजना में जमा रकम को जरूरत के अनुसार जब चाहे तब निकालने की सुविधा नहीं है। खाते से निकासी के लिए सरकार ने कुछ खास नियम तय किए हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए कब और कितनी रकम निकाली जा सकती है और किन परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद हो सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में कौन खोल सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY में माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। खाता पोस्ट ऑफिस के अलावा उन बैंकों में भी खोला जा सकता है, जहां इस योजना की सुविधा उपलब्ध है।
योजना में निवेश की शुरुआत केवल 250 रुपये से की जा सकती है। एक वित्तीय वर्ष में खाते में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने की सीमा निर्धारित है। खाता खुलने की तारीख से 21 साल पूरे होने के बाद इसकी मैच्योरिटी होती है।
टैक्स में भी मिलता है फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना को लंबे समय के निवेश के लिए उपयोगी बनाने वाली एक बड़ी वजह इसमें मिलने वाली टैक्स छूट भी है। खाते में जमा रकम पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का लाभ लिया जा सकता है।
इसके अलावा खाते से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय प्राप्त होने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री होती है। खाते को चालू रखने के लिए हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम रकम जमा करना जरूरी है। यदि किसी साल न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती है तो निर्धारित पेनल्टी देकर खाते को दोबारा नियमित कराया जा सकता है।
21 साल से पहले भी निकासी का नियम
सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी रकम सामान्य तौर पर खाता मैच्योर होने के बाद ही निकाली जा सकती है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में मैच्योरिटी से पहले भी खाते से पैसा निकालने की अनुमति दी गई है।
बेटी के 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद उसकी उच्च शिक्षा के लिए खाते में मौजूद पात्र बैलेंस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। इसका मतलब यह है कि शिक्षा की जरूरत होने पर खाते में उपलब्ध पूरी रकम एक साथ निकालने की अनुमति नहीं होती।
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शिक्षा के लिए पैसा निकालने पर दस्तावेज जरूरी
अगर सुकन्या समृद्धि खाते से रकम उच्च शिक्षा के लिए निकाली जा रही है तो बैंक या पोस्ट ऑफिस की ओर से इस बात का प्रमाण मांगा जा सकता है कि पैसा वास्तव में पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाना है। इसके लिए एडमिशन ऑफर, फीस की जानकारी या उच्च शिक्षा से जुड़े दूसरे जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।
निकासी की प्रक्रिया के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक को उसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में आवेदन करना होता है, जहां बेटी का सुकन्या समृद्धि खाता खोला गया है। निर्धारित निकासी फॉर्म जमा करने के साथ जरूरी दस्तावेज भी देने होते हैं।
निकासी के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत
खाते से पैसा निकालने के दौरान आधार कार्ड और बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जैसे पहचान तथा उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। यदि निकासी उच्च शिक्षा के लिए की जा रही है तो एडमिशन का प्रमाण, फीस से संबंधित जानकारी या अन्य संबंधित दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं।
हालांकि, जरूरी दस्तावेज निकासी के कारण और संबंधित बैंक या पोस्ट ऑफिस की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदन और दस्तावेज जमा होने के बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस उनकी जांच करता है। अनुरोध स्वीकृत होने के बाद निर्धारित रकम खाते से निकालकर संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
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क्या समय से पहले बंद हो सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि खाते को मैच्योरिटी से पहले बंद कराने की सुविधा सामान्य रूप से नहीं है। इसके लिए सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियां निर्धारित की हैं। बेटी की मृत्यु होने की स्थिति में खाता बंद किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में खाते में जमा रकम और लागू ब्याज माता-पिता या अभिभावक को दिया जा सकता है।
इसके अलावा कुछ विशेष और असाधारण परिस्थितियों में भी खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, ऐसी स्थिति में सुकन्या समृद्धि योजना के लागू नियमों का पालन करना और संबंधित जरूरी दस्तावेज जमा करना आवश्यक होता है।
लंबी अवधि के लिए उपयोगी बचत विकल्प
सुकन्या समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य बेटी के भविष्य के लिए लंबी अवधि में आर्थिक सुरक्षा तैयार करना है। इसमें निवेश की सीमा, ब्याज, टैक्स लाभ और निकासी के नियम पहले से निर्धारित हैं। इसलिए खाता खोलने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसमें जमा रकम सामान्य बचत खाते की तरह जरूरत पड़ने पर कभी भी नहीं निकाली जा सकती। शिक्षा जैसी निर्धारित जरूरतों के लिए नियमों के अनुसार सीमित निकासी की सुविधा है, जबकि खाते की पूरी रकम सामान्य तौर पर 21 साल की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद ही प्राप्त की जा सकती है।
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