देश/विदेश

Sugar Price Drop: आम जनता को राहत: गोदामों में मिला शक्कर का बंपर स्टॉक, जानें कितने कम हुए चीनी के दाम

Drop in Sugar Prices: Relief for the Common Public – Bumper Sugar Stocks Found in Warehouses; Find Out How Much Prices Have Fallen

Sugar Price Drop: आम जनता को राहत: गोदामों में मिला शक्कर का बंपर स्टॉक, जानें कितने कम हुए चीनी के दाम
Sugar Price Drop: आम जनता को राहत: गोदामों में मिला शक्कर का बंपर स्टॉक, जानें कितने कम हुए चीनी के दाम

Sugar Price Drop: देश के भीतर मिठास की कमी न होने देने और बनावटी किल्लत की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। हालिया समय में मिलों से निकलने वाली शक्कर के थोक दामों में तकरीबन पांचवां हिस्सा तक कमी दर्ज की गई है, जिसका अनुकूल असर अब फुटकर दुकानों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। थोक दरों में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा फायदा आने वाले समय में आम खरीदारों की जेब तक तेजी से पहुंचने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है।

निरीक्षण में सामने आई पर्याप्त स्टॉक की सच्चाई

विभिन्न राज्यों में स्थित उत्पादन इकाइयों में किए गए जमीनी मुआयने से स्पष्ट हो चुका है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में शक्कर सुरक्षित रखी हुई है। कई स्थानों पर तो मिल प्रबंधकों द्वारा कागजों में दिखाई गई संख्या से अधिक माल गोदामों में पड़ा हुआ मिला। इससे यह बात साबित हो गई कि देश में शक्कर का कोई अभाव नहीं है, इसलिए किसी भी ग्राहक को घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। कुछ जगहों पर आवंटित हिस्से की पूरी बिक्री न करके कृत्रिम तंगी बनाने की कोशिश की जा रही थी।

मासिक आवंटन के बजाय नई व्यवस्था लागू

बाजार में आपूर्ति सुचारू बनाए रखने की नीयत से शासन ने अब हर पंद्रह दिन में कोटा तय करने की योजना बनाई है, जो अगले माह से प्रभावी होगी। इस नई व्यवस्था के तहत मिलों को प्राप्त कुल कोटे का चालीस प्रतिशत हिस्सा शुरुआती सात दिनों में बेचना अनिवार्य रहेगा। इस कदम से प्रशासनिक अधिकारियों को मांग और आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने, त्वरित निर्णय लेने तथा मुनाफाखोरी रोकने में काफी सहायता प्राप्त होगी।

बिक्री के तुरंत बाद उठाव अनिवार्य

उत्पादक इकाइयों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि सौदा तय होने के एक सप्ताह के भीतर माल को गंतव्य के लिए रवाना करना होगा। इस नियम के कड़े पालन से थोक विक्रेताओं और आम ग्राहकों तक सामान बिना किसी बाधा के बहुत जल्दी पहुंचेगा, जिससे जमाखोरी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर जाएगा। इसके साथ ही बड़े व्यापारिक संस्थानों को भी क्षमता से अधिक माल न रखने का सुझाव दिया गया है।

आगामी पेराई सत्र से बढ़ेगी आवक

मध्य अक्टूबर से गन्ने की नई पिराई का काम शुरू हो जाएगा, जिससे उस महीने में ही भारी मात्रा में नया माल तैयार होकर बाजार में आने लगेगा। सरकार ने इस नए माल की बिक्री पर कोई बंदिश नहीं रखी है ताकि तुरंत आपूर्ति बढ़ सके। इसके बाद वाले महीने में उत्पादन और ज्यादा गति पकड़ेगा, जिससे त्योहारी मौसम के दौरान देश भर में हर नागरिक को वाजिब दर पर पर्याप्त शक्कर आसानी से उपलब्ध होती रहेगी।

पूरे मामले की खास बातें

मिल स्तर पर थोक भाव बीस फीसदी तक टूटे हैं, जिससे खुदरा बाजार में भी नरमी आने का रास्ता साफ हुआ है।
प्रशासनिक जांच में शक्कर की कोई कमी नहीं पाई गई, बल्कि कागजी आंकड़ों से ज्यादा माल गोदामों में उपलब्ध मिला।
सितंबर से हर पंद्रह दिन का कोटा लागू होगा, जिससे वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
सौदा होने के सात दिनों के अंदर मिलों से गाड़ियों को रवाना करना अनिवार्य कर दिया गया है।
अक्टूबर और नवंबर में नई पेराई शुरू होने से बाजार में लाखों टन नई शक्कर की खेप दाखिल होगी।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देशदुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com सेआज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button