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EPFO New Rules: पढ़ाई और शादी के लिए PF से निकाल सकेंगे ज्यादा बार पैसा, EPFO ने बदले कई साल पुराने नियम

EPFO New Rules: You can now withdraw money from your PF more frequently for education and marriage; EPFO ​​has revised rules that had been in place for years.

EPFO New Rules: पढ़ाई और शादी के लिए PF से निकाल सकेंगे ज्यादा बार पैसा, EPFO ने बदले कई साल पुराने नियम
EPFO New Rules: पढ़ाई और शादी के लिए PF से निकाल सकेंगे ज्यादा बार पैसा, EPFO ने बदले कई साल पुराने नियम

EPFO New Rules: आपातकालीन स्थिति में नकदी की आवश्यकता महसूस होने पर वेतनभोगियों के लिए पीएफ फंड केवल सेवानिवृत्ति के लिए जमा की गई पूंजी नहीं है, बल्कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य भी करता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों के लिए आंशिक धनराशि निकालने की पूरी प्रक्रिया को पहले से काफी अधिक सुगम और सरल बना दिया है। पूर्व में लागू 13 विभिन्न नियमों के स्थान पर अब संपूर्ण निकासी व्यवस्था को मात्र तीन मुख्य वर्गों में विभाजित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए अनिवार्य सेवा अवधि की सीमा को घटाकर सिर्फ एक वर्ष निर्धारित कर दिया गया है।

तीन आसान श्रेणियों में विभाजित हुए सभी नियम

ईपीएफओ द्वारा तैयार किए गए नए ढांचे के अंतर्गत पुरानी 13 अलग-अलग व्यवस्थाओं को समेटकर तीन पारदर्शी श्रेणियों में बांट दिया गया है। प्रथम श्रेणी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, बच्चों की उच्च शिक्षा तथा विवाह जैसे पारिवारिक खर्चों को शामिल किया गया है। द्वितीय श्रेणी के अंतर्गत नया आवास खरीदने, मकान निर्माण कराने अथवा होम लोन की बकाया राशि चुकता करने से जुड़े प्रावधान रखे गए हैं। वहीं तृतीय श्रेणी में विशेष आपातकालीन स्थितियों को स्थान दिया गया है, जिसके तहत पैसे निकालने के लिए खाताधारक को किसी भी प्रकार का विशेष कारण बताने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

केवल एक साल की नौकरी पर भी मिलेगा पैसा

इससे पूर्व विभिन्न परिस्थितियों में पीएफ का कुछ हिस्सा निकालने के लिए नौकरी की समय सीमा अलग-अलग तय की गई थी, जो कई मामलों में 3 से लेकर 7 वर्षों तक हुआ करती थी। नए संशोधन के बाद सभी वर्गों के लिए इस न्यूनतम अवधि को एक समान करते हुए केवल 12 माह तय कर दिया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि मात्र एक वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर लेने के पश्चात कोई भी कर्मचारी आंशिक निकासी के लिए अपना आवेदन जमा करने का पात्र बन जाता है।

कंपनी के अंशदान और ब्याज का भी मिलेगा लाभ

संशोधित नियमावली में उपलब्ध कराई जाने वाली राशि का आकलन केवल कर्मचारी द्वारा जमा किए गए पैसे तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें नियोक्ता कंपनी द्वारा दिए गए योगदान के साथ-साथ उस पर अर्जित पूरे ब्याज को भी जोड़ा जाएगा। ईपीएफओ के अनुसार, इस नए फॉर्मूले की वजह से सदस्यों द्वारा निकाली जा सकने वाली 75 प्रतिशत तक की कुल रकम का दायरा पिछले नियमों की तुलना में काफी अधिक बड़ा और फायदेमंद हो जाएगा।

खाते से 75 प्रतिशत राशि निकालने की छूट

नए दिशा-निर्देशों के तहत अंशधारक अपनी पात्रता वाली राशि का अधिकतम 75 फीसदी तक हिस्सा जरूरत के समय निकाल सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में इसके लिए कोई अतिरिक्त दस्तावेज या प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की मजबूरी नहीं रहेगी। हालांकि, इसका यह तात्पर्य बिल्कुल नहीं है कि कोई भी सदस्य किसी भी समय अपने पूरे फंड का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकता है, क्योंकि यह सुविधा लागू श्रेणी और पात्रता के मापदंडों पर निर्भर करेगी।

बचत सुरक्षित रखने के लिए 25 प्रतिशत बैलेंस अनिवार्य

पैसा निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ ईपीएफओ ने सेवानिवृत्ति के लिए होने वाली बचत को सुरक्षित रखने का भी पूरा ध्यान रखा है। नियम के अनुसार, कुल जमा पूंजी का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा खाते में न्यूनतम बैलेंस के रूप में बनाए रखना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संकट के समय वित्तीय सहायता भी मिल जाए और बार-बार पैसे निकालने से भविष्य के लिए जमा हुआ पूरा फंड अचानक समाप्त न हो।

नौकरी छूटने पर तुरंत मिलेगा फंड का बड़ा हिस्सा

यदि किसी कारणवश कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो नया ढांचा उसे बड़ी आर्थिक राहत प्रदान करता है। ईपीएफओ के आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक, बेरोजगारी की दशा में कुल पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी हिस्सा—जिसमें कर्मचारी व कंपनी दोनों का योगदान तथा ब्याज शामिल है—तत्काल निकाला जा सकता है। शेष 25 प्रतिशत राशि एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने के पश्चात निकाली जा सकेगी, जिससे भविष्य के लिए भी कुछ फंड सुरक्षित बना रहे।

गंभीर बीमारी में इलाज के लिए विशेष मदद

किसी सदस्य या उसके परिवार में गंभीर बीमारी के इलाज की स्थिति पैदा होने पर पीएफ से आंशिक राशि निकालने की सुविधा नए प्रारूप में भी पूरी तरह बरकरार रखी गई है। ईपीएफओ ने कागजी औपचारिकताओं को घटाकर इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सहज बना दिया है ताकि मरीज को समय पर आर्थिक मदद मिल सके।

पढ़ाई और शादी के लिए मिले अधिक अवसर

संगठन ने शिक्षा तथा विवाह जैसे महत्वपूर्ण मांगलिक कार्यों के लिए पैसे निकालने के मौकों में बढ़ोतरी की है। बच्चों की पढ़ाई के उद्देश्य से अब कुल 10 बार तक आंशिक निकासी की अनुमति दी गई है, जबकि शादी-विवाह के लिए अधिकतम 5 बार पैसे निकाले जा सकते हैं। पुराने नियमों में इन दोनों कार्यों को मिलाकर केवल तीन बार ही पैसे निकालने की छूट दी जाती थी।

जमा राशि पर मिलेगा 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज

ईपीएफओ ने अपने स्पष्टीकरण में जानकारी दी है कि वर्तमान में पीएफ खातों पर 8.25 फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। खाते में 25 प्रतिशत न्यूनतम राशि अनिवार्य रूप से बनाए रखने का एक प्रमुख ध्येय यह भी है कि सदस्यों को उस पर लगातार ब्याज और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे, जिससे रिटायरमेंट के समय एक बड़ा फंड तैयार हो सके।

नियमों में बदलाव करने का मुख्य कारण

पुराने प्रावधानों में बहुत अधिक जटिलताएं और अत्यधिक दस्तावेजों की मांग होती थी, जिससे आम कर्मचारियों के लिए नियमों को समझना कठिन हो जाता था। नए सिस्टम का उद्देश्य संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और डिजिटल माध्यम से दावों का शत-प्रतिशत ऑटोमैटिक निपटारा करना है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

अंतिम निकासी के लिए अब 12 महीने का इंतजार

आंशिक निकासी को सुगम बनाने के साथ ईपीएफओ ने खाते के पूर्ण निपटान वाले नियम में संशोधन किया है। अब नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ का पूरा पैसा एक साथ निकालने की समयावधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बिना सोचे-समझे अपनी पूरी जीवन भर की बचत को समय से पहले समाप्त करने से रोकना है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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