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MP Mandi Classification: MP की 259 मंडियों की बदली श्रेणी, किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं और मजबूत व्यवस्था

MP Mandi Classification: Classification of 259 mandis in MP revised; farmers to get better facilities and a robust system.

MP Mandi Classification: MP की 259 मंडियों की बदली श्रेणी, किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं और मजबूत व्यवस्था
MP Mandi Classification: MP की 259 मंडियों की बदली श्रेणी, किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं और मजबूत व्यवस्था

MP Mandi Classification: कृषक कल्याण वर्ष के तहत मध्यप्रदेश में किसानों की सुविधाओं और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की कृषि उपज मंडियों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना के निर्देशन में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने करीब एक दशक बाद कृषि उपज मंडी समितियों का नया वर्गीकरण किया है।

तीन साल के आंकड़ों को बनाया आधार

मंडी समितियों की नई श्रेणी तय करने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया। इसमें इन तीन वर्षों के दौरान मंडियों में आने वाली कृषि उपज की औसत मात्रा और मंडियों की औसत आय को आधार बनाया गया है। आय की गणना मंडी शुल्क और लाइसेंस शुल्क से वास्तव में प्राप्त राशि के आधार पर की गई है।

प्रदेश में 259 मंडियां और 298 उपमंडियां

मध्यप्रदेश में वर्तमान समय में 259 कृषि उपज मंडी समितियां किसानों और व्यापारियों के लिए काम कर रही हैं। इनके साथ 298 उपमंडियां भी संचालित हैं। इससे पहले वर्ष 2016 में मंडी समितियों की श्रेणियां तय की गई थीं। बीते दस वर्षों में कई मंडियों में कृषि उपज की आवक, आय और व्यापारिक गतिविधियों में बदलाव आया है। इसी वजह से मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार नया वर्गीकरण किया गया है।

चार श्रेणियों में बांटी गईं मंडी समितियां

नए वर्गीकरण के तहत प्रदेश की सभी 259 मंडी समितियों को चार श्रेणियों में रखा गया है। इनमें 47 मंडियां ए वर्ग में शामिल की गई हैं। वहीं 63 मंडी समितियों को बी वर्ग, 81 को सी वर्ग और 68 मंडी समितियों को डी वर्ग में स्थान दिया गया है। इस बदलाव के बाद मंडियों की प्रशासनिक व्यवस्था को उनकी वास्तविक गतिविधियों और जरूरत के अनुसार संचालित करने में मदद मिलेगी।

मंडी का वर्ग

पूर्व वर्गीकरण अनुसार मंडियों की संख्या

नवीन वर्गीकरण अनुसार मंडियों की संख्या

A

39

47

B

42

63

C

56

81

D

122

68

कुल

259

259

  • इस तालिका से स्पष्ट है कि 54 मंडियों ने बेहतर प्रदर्शन कर उच्च ग्रेड में क्रमोन्नती पायी हैं। जहाँ पूर्व में 122 ‘डी’ ग्रेड की मंडियां थी वहां अब सिर्फ 68 मंडिया ‘डी’ ग्रेड की रह गयी हैं।

अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यवस्था में होगा बदलाव

नई श्रेणी व्यवस्था लागू होने से मंडी समितियों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का रास्ता साफ होगा। मंडी की श्रेणी के हिसाब से अधिकारी और कर्मचारियों की संख्या तथा कार्य व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जा सकेंगे। इसके अलावा संबंधित मंडियों को अधिक वित्तीय अधिकार दिए जाने की संभावना भी बनेगी। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास और सुविधाओं से जुड़े फैसले लेने में आसानी होगी।

किसानों और व्यापारियों को बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद

नए वर्गीकरण का असर मंडियों की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं पर भी पड़ने की संभावना है। मंडी प्रांगण में हम्माल, तुलावटी और अन्य जरूरी लाइसेंस की व्यवस्था को बेहतर तरीके से बढ़ाया जा सकेगा। इससे कृषि उपज की खरीद-बिक्री से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलेगी और किसानों को अपनी उपज के विपणन में अधिक सुविधा मिल सकती है। व्यापारियों के साथ हम्माल, तुलावटी और मंडी से जुड़े दूसरे लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

19 अगस्त से लागू हुआ नया वर्गीकरण

मंडी समितियों का नया वर्गीकरण 19 अगस्त 2026 से लागू कर दिया गया है। हालांकि किसानों और मंडी समितियों के हित में एक विशेष प्रावधान भी किया गया है। इसके अनुसार जो मंडी समिति पहले किसी श्रेणी में थी, उसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 मार्च 2027 तक नए वर्गीकरण के कारण उससे नीचे की श्रेणी में नहीं भेजा जाएगा।

कुमार पुरुषोत्तम ने जारी किया आदेश

मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आयुक्त-सह-प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने 19 अगस्त 2026 को नए वर्गीकरण का आदेश जारी किया। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था से मंडी समितियों को अपनी वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी। साथ ही मंडी प्रांगणों में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और कृषि उपज के कारोबार को आसान बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकेगा।

मंडी का वर्ग

पूर्व वर्गीकरण अनुसार आय (करोड़ रूपये में)

नवीन वर्गीकरण अनुसार आय (करोड़ रूपये में)

नवीन वर्गीकरण अनुसार आवक (लाख मेट्रिक टन

A.

3.50 से अधिक

6 से अधिक

2.50 से अधिक

B.

2 से 3.50

3 से 6

1.25 से 2.5

C.

1 से 2

1.50 से 3

0.50 से 1.25

D.

1 से कम

1.50 से कम

0.50 से कम

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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