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MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में सूखे जैसे हालात, मौसम वैज्ञानिक ने बताया कब लौट सकती है बारिश

MP Monsoon Update: Drought-like conditions in Madhya Pradesh; meteorologist reveals when rain might return.

MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में सूखे जैसे हालात, मौसम वैज्ञानिक ने बताया कब लौट सकती है बारिश
MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में सूखे जैसे हालात, मौसम वैज्ञानिक ने बताया कब लौट सकती है बारिश

MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। एक सप्ताह से अधिक समय से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे खरीफ फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तेज बारिश की संभावना भी कम है, हालांकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर एरिया से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता

प्रदेश में पिछले कई दिनों से बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है। लगातार सूखे मौसम के कारण खेतों की नमी कम होती जा रही है और इसका असर फसलों पर दिखाई देने लगा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून ट्रफ अपने सामान्य स्थान से ऊपर बनी हुई है। इसी वजह से प्रदेश में पर्याप्त नमी नहीं पहुंच रही है और बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में इस समय एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय है, लेकिन मानसून ट्रफ के ऊपरी हिस्से में होने के कारण इसका प्रभाव अभी पूरी तरह नहीं दिख रहा है।

अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के आसार कम

बारिश रुकने के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। अलीराजपुर जिले में इस मानसून सीजन में अब तक केवल 59.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 76 प्रतिशत कम है। इसके अलावा प्रदेश के 33 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक और तेज बारिश की संभावना कम है। ऐसे में किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि बारिश में देरी का सीधा असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है।

पूर्वी जिलों में राहत की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसक जाने से बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ा है और वातावरण में नमी भी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से गुरुवार से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। उनके अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अच्छी बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

फसलों की बढ़वार पर असर पड़ने की आशंका

कृषि विशेषज्ञ एचडी वर्मा का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुआई पूरी हो चुकी है और पौधे निकल आए हैं। ऐसे समय लगातार बारिश नहीं होने से खेतों की नमी तेजी से घट रही है, जिससे फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं होती है तो सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलों का विकास रुक सकता है। फिलहाल स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन यदि एक सप्ताह तक यही हाल रहा तो जिन किसानों के पास सुविधा उपलब्ध है, वे फव्वारा पद्धति या ट्यूबवेल से हल्की सिंचाई कर सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह

एचडी वर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि इस समय खेतों में भारी मात्रा में खाद या कीटनाशकों का छिड़काव न करें। पर्याप्त नमी नहीं होने पर इससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की निराई-गुड़ाई करें और कीटों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।

इन जिलों में सबसे कम बारिश

अब तक सबसे कम वर्षा वाले जिलों में अलीराजपुर सबसे आगे है, जहां केवल 59.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा रीवा में 111.7 मिमी, मैहर में 118 मिमी, नरसिंहपुर में 178 मिमी और सीधी में 186.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इन जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण कृषि गतिविधियां सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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