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Ashok Kharat Update: भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर बड़ा खुलासा, कोड लैंग्वेज और बंद झूमर लाइट से चलता था खेल

Ashok Kharat Update: Big revelation about the idiot Baba Ashok Kharat, the game was run through code language and closed chandelier lights.

Ashok Kharat Update: भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर बड़ा खुलासा, कोड लैंग्वेज और बंद झूमर लाइट से चलता था खेल
Ashok Kharat Update: भोंदू बाबा अशोक खरात को लेकर बड़ा खुलासा, कोड लैंग्वेज और बंद झूमर लाइट से चलता था खेल

Ashok Kharat Update: महाराष्ट्र में चर्चित अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। अब जांच में उसकी कार्यप्रणाली को लेकर ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

कोड लैंग्वेज से चलता था पूरा सिस्टम

एसआईटी की जांच में सामने आया है कि अशोक खरात अपने स्टाफ से सीधे शब्दों में नहीं, बल्कि संकेतों और कोड भाषा के जरिए बात करता था। उसका स्टाफ इन इशारों को तुरंत समझ जाता था और उसी अनुसार काम करता था। महिलाओं को इलाज और समस्या समाधान के नाम पर उसके ऑफिस में बुलाया जाता था।

झूमर की लाइट बनती थी संकेत

जांच में यह भी सामने आया कि जैसे ही कोई महिला उसके केबिन में पहुंचती थी, वह झूमर की लाइट बंद कर देता था। यह स्टाफ के लिए एक खास संकेत होता था कि केबिन में किसी को प्रवेश नहीं करना है। इस इशारे को समझते हुए कर्मचारी बाहर ही रुक जाते थे और अंदर क्या हो रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं होती थी।

शुद्धिकरण और अवतार पूजा जैसे शब्दों का इस्तेमाल

खरात अपने गलत कामों को छिपाने के लिए विशेष शब्दों का उपयोग करता था। महिलाओं के साथ शोषण के लिए वह ‘शुद्धिकरण’ शब्द का इस्तेमाल करता था। वहीं लोगों से पैसे ऐंठने के लिए ‘अवतार पूजा’ जैसे शब्दों को कोड के रूप में उपयोग में लाया जाता था। इन शब्दों के जरिए वह अपने काम को सामान्य दिखाने की कोशिश करता था।

केबिन की बनावट भी थी खास

जांच में यह भी सामने आया है कि उसके केबिन में ऐसे कांच लगाए गए थे, जिनसे बाहर खड़े लोगों को अंदर कुछ दिखाई नहीं देता था। जबकि अंदर बैठा व्यक्ति बाहर की हर गतिविधि आसानी से देख सकता था। इससे उसे अपने काम को बिना किसी रुकावट के अंजाम देने में मदद मिलती थी।

100 से ज्यादा शिकायतें और 10 एफआईआर

अशोक खरात के खिलाफ एसआईटी को अब तक 100 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। इसके अलावा सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें से आठ मामले यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं, जबकि दो मामलों में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। उसे 18 मार्च को एक महिला की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें महिला ने तीन साल तक कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था।

एसआईटी कर रही है गहराई से जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी नासिक पुलिस कमिश्नर कर रहे हैं। टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।

कौन है अशोक खरात

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अशोक खरात पहले मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है और इसी कारण वह अपने नाम के आगे कैप्टन लिखता है। बताया जाता है कि वह पढ़ाई के दौरान कुछ समय के लिए गायब हो गया था और बाद में करीब 22 साल तक समुद्री सेवा में रहा। इसके बाद वह नासिक लौट आया और भविष्यवाणी करने लगा। धीरे-धीरे उसने खुद को एक बड़े ज्योतिषी और आध्यात्मिक व्यक्ति के रूप में स्थापित कर लिया।

खरात खुद को कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट और न्यूमेरोलॉजिस्ट बताता था। उसके पास बड़े व्यवसायी और राजनेता भी अपनी समस्याओं का समाधान जानने पहुंचते थे। वह अक्सर दावा करता था कि उसने 154 देशों की यात्रा की है और कई भाषाओं का ज्ञान रखता है। वह सिन्नर तालुका के कहंदलवाड़ी का निवासी बताया जाता है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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