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Indian Stock Market Crash News: पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार हिला: सेंसेक्स 1500 से ज्यादा टूटा, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

तीसरे दिन भी बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 75 हजार के नीचे और निफ्टी 23,200 से फिसला

Indian Stock Market Crash News: पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार हिला: सेंसेक्स 1500 से ज्यादा टूटा, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे
Indian Stock Market Crash News: पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार हिला: सेंसेक्स 1500 से ज्यादा टूटा, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे

Indian Stock Market Crash News: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार तीसरे कारोबारी दिन बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सुबह से ही दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का माहौल रहा और कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। वैश्विक परिस्थितियों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया है।

बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दोपहर 2 बजकर 40 मिनट तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1579.82 अंक गिरकर 74,454.60 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 527.15 अंक टूटकर 23,112 के स्तर पर आ गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। निवेशकों के लिए यह गिरावट काफी चिंताजनक मानी जा रही है।

अप्रैल 2025 के बाद पहली बार टूटा अहम स्तर

आज की गिरावट के साथ ही बाजार ने एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर भी खो दिया। अप्रैल 2025 के बाद पहली बार सेंसेक्स 75 हजार के स्तर से नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 23,200 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में आई तेज बिकवाली का असर बड़े कॉर्पोरेट शेयरों पर भी साफ दिखाई दिया। टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो और मारुति सुजुकी जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 3 से 7 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। सेंसेक्स में शामिल लगभग सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे, जबकि केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।

पश्चिम एशिया संघर्ष बना सबसे बड़ा कारण

बाजार की इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब दो सप्ताह के करीब पहुंच चुका है और हालात अभी भी सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने हाल ही में सख्त बयान देते हुए कहा है कि उनका देश पीछे नहीं हटेगा और अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर हैं। इस तरह के बयानों से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। यदि यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्थिति को संभालने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने कुछ देशों को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है।

रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर

वैश्विक हालात का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। शुक्रवार को रुपया 92.43 के स्तर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान रुपये में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ रहा है, जिससे रुपये पर दबाव बन रहा है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। पिछले दस कारोबारी दिनों से विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार इन दस दिनों में करीब 57,169 करोड़ रुपये की बिकवाली की गई है। गुरुवार को ही विदेशी निवेशकों ने लगभग 7,050 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए थे। लगातार हो रही इस बिकवाली ने बाजार के निवेशकों का भरोसा भी कमजोर किया है।

विशेषज्ञों की इस बारे में यह है राय

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर बना दिया है। उनके मुताबिक अमेरिकी बाजारों में आई कमजोरी भी संकेत देती है कि बाजार में सुधार आने में अभी समय लग सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 100 डॉलर के करीब पहुंचने से निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त किए गए विचार विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हो सकते हैं। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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