8th Pay Commission Salary Hike: आठवां वेतन आयोग: फैमिली यूनिट 3 से 5 करने की मांग, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 66% तक बढ़ोतरी संभव
8th Pay Commission Salary Hike: फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और पेंशन में बड़े बदलाव की तैयारी, 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर असर

8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर नई चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने फैमिली यूनिट की परिभाषा बदलने की मांग उठाई है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग इसलिए
आठवें वेतन आयोग के लिए नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की ड्राफ्टिंग कमेटी ने साझा मांग पत्र तैयार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी में एक सप्ताह की बैठक बुलाई है। यह मुद्दा देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ा है। चर्चा का मुख्य बिंदु फैमिली यूनिट का विस्तार है।
सातवें वेतन आयोग में वेतन की गणना ऐसे
सातवें वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन तय करते समय तीन उपभोग इकाइयों को आधार बनाया गया था। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले के अनुसार की गई थी, जिसमें प्रति वयस्क 2700 कैलोरी भोजन, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान से जुड़े खर्च को मानक माना गया था। उद्देश्य यह था कि एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय आवश्यक है, इसका आकलन किया जा सके।
तीन की जगह पांच इकाइयों की उठी मांग
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि वास्तविकता में कई कर्मचारी अपने माता-पिता का भी खर्च उठाते हैं। इसलिए परिवार की गणना तीन की जगह पांच इकाइयों के आधार पर होनी चाहिए। उनका तर्क है कि जब परिवार का आकार बढ़ेगा तो न्यूनतम वेतन की मूल गणना भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।
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सैलरी और पेंशन पर यह संभावित असर
यदि तीन के स्थान पर पांच यूनिट को आधार माना जाता है तो गणितीय रूप से बेस कैलकुलेशन वैल्यू में 66.67 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में लगभग 66 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18 हजार रुपये है। यदि इसमें बदलाव होता है तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर की ओर खिसक जाएगी। कर्मचारी संगठन 3.25 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर और वार्षिक वेतन वृद्धि दर 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत करने की मांग भी कर रहे हैं।
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पेंशन व्यवस्था पर भी संगठनों की नजर
संगठन पुरानी पेंशन योजना की बहाली और नई पेंशन योजनाओं को समाप्त करने की मांग उठा रहे हैं। चूंकि बेसिक पेंशन अंतिम बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत होती है, इसलिए यदि वेतन में बढ़ोतरी होती है तो पेंशन में भी उसी अनुपात में वृद्धि होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आठवें वेतन आयोग में केवल सामान्य बढ़ोतरी करेगी या ढांचे में व्यापक बदलाव लाएगी।
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