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Vehicle Fitness in MP: मप्र के वाहन मालिकों को बड़ी राहत, एटीएस नहीं होने पर मैनुअल फिटनेस की मिली अनुमति

Vehicle Fitness in MP: मध्यप्रदेश के लाखों वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब उन्हें वाहन फिटनेस के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से फिलहाल निजात मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश के उन जिलों में मैनुअल वाहन फिटनेस प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है, जहां अभी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी एटीएस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस फैसले से समय, पैसा और ईंधन तीनों की बचत होगी।

परिवहन मंत्री की पहल लाई रंग

मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने हाल ही में नई दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में वाहन मालिकों को हो रही व्यावहारिक दिक्कतों से अवगत कराया। खास तौर पर उन्होंने यह बताया कि एटीएस की सीमित संख्या के कारण कई जिलों के वाहन स्वामियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री सिंह के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मामले को समझते हुए मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से जारी रखने पर सहमति दे दी।

1 जनवरी 2026 के पत्र से बढ़ी थी परेशानी

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी एक पत्र की जानकारी दी। इस पत्र में जिला परिवहन कार्यालयों में वाहनों की मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को समाप्त करने और केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के माध्यम से ही फिटनेस कराने का प्रावधान किया गया था। इस निर्णय के बाद उन जिलों में समस्या खड़ी हो गई, जहां एटीएस की सुविधा अब तक शुरू नहीं हो पाई है।

प्रदेश के केवल 9 जिलों में है एटीएस सुविधा

वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्यप्रदेश के सिर्फ 9 जिलों भोपाल, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सतना और सिंगरौली में ही ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन संचालित हैं। इन जिलों में वाहनों की फिटनेस पूरी तरह से एटीएस के माध्यम से की जा रही है। बाकी जिलों में अभी यह व्यवस्था मौजूद नहीं है, जिसके कारण वहां के वाहन मालिकों को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है।

लंबी दूरी तय करने की थी मजबूरी

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से एक बड़ा राज्य है। कई जिलों के बीच की दूरी 150 किलोमीटर या उससे भी अधिक है। ऐसे में जिन जिलों में एटीएस नहीं है, वहां के वाहन मालिकों को फिटनेस परीक्षण के लिए दूसरे जिलों में वाहन लेकर जाना पड़ता है। इससे उनका काफी समय नष्ट होता है और ईंधन खर्च भी बढ़ जाता है। कई मामलों में एक दिन का काम छोड़कर वाहन लेकर जाना पड़ता है, जो आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक है।

परमिट नियमों से भी पैदा हो रही थी दिक्कत

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि यात्री वाहनों के परमिट तय मार्ग और सीमित क्षेत्रों के लिए जारी किए जाते हैं। जब ऐसे वाहन फिटनेस के लिए अपने निर्धारित परमिट क्षेत्र से बाहर जाते हैं, तो यह कानूनी रूप से भी उचित नहीं माना जाता। इससे वाहन मालिकों को चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई का डर बना रहता है।

मैनुअल फिटनेस जारी रखने की अनुमति

इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि जब तक प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित नहीं हो जाते, तब तक एटीएस विहीन जिलों में जिला परिवहन कार्यालयों के माध्यम से मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति दी जाए। वाहन स्वामियों की सुविधा और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।

जल्द ही दी जाएगी औपचारिक अनुमति

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था को जल्द औपचारिक रूप से अनुमति दी जाएगी, ताकि वाहन मालिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश के उन जिलों के वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली है, जहां अभी तक एटीएस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अब वे अपने ही जिले में आसानी से वाहन फिटनेस करवा सकेंगे।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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