MP Board Result 2026: एमपी बोर्ड के रिजल्ट इस दिन होंगे जारी, 16 लाख छात्रों का खत्म होगा इंतजार, तारीख का हुआ ऐलान
MP Board Result 2026: MP Board results will be released on this day, the wait of 16 lakh students will end, the date has been announced.

MP Board Result 2026: माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। लंबे इंतजार के बाद अब परिणाम घोषित होने जा रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों की उत्सुकता चरम पर है।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 अप्रैल को जारी किए जाएंगे। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार परिणाम सुबह 11 बजे घोषित होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल स्थित सीएम हाउस से औपचारिक रूप से रिजल्ट जारी करेंगे।
यहाँ देखे सकेंगे ऑनलाइन रिजल्ट
विद्यार्थी अपना परिणाम ऑनलाइन माध्यम से देख सकेंगे। इसके लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in, mpresults.nic.in और mpbse.mponline.gov.in पर जाकर रोल नंबर की सहायता से परिणाम देखा जा सकता है। इसके अलावा mpbse मोबाइल ऐप और mpmobile ऐप के जरिए भी रिजल्ट चेक करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि परिणाम घोषित करने से पहले सभी स्तरों पर जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का आंकड़ा
इस साल प्रदेशभर से लगभग 16 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में भाग लिया। इनमें से करीब 9 लाख छात्र कक्षा 10वीं की परीक्षा में शामिल हुए, जबकि लगभग 7 लाख विद्यार्थियों ने कक्षा 12वीं की परीक्षा दी।
परीक्षाओं का आयोजन फरवरी से मार्च के बीच किया गया था। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 11 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलीं, वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक संपन्न हुईं।
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एनसीईआरटी किताबों को लेकर विवाद
एक ओर बोर्ड परिणाम जारी करने की तैयारी में शिक्षा विभाग व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में सिलेबस और किताबों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। राजधानी में निजी स्कूलों द्वारा एनसीईआरटी की जगह अन्य प्रकाशकों की किताबें शामिल करने के मामले सामने आए हैं।
शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नोटिस तो जारी किए, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे छात्रों के बस्तों में निजी किताबों की संख्या बढ़ गई है। विभाग द्वारा स्कूलों से कक्षावार सिलेबस की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन उसमें भी निजी किताबों को हटाने का स्पष्ट निर्देश लागू नहीं हो पाया। स्कूलों ने इसे विभाग की मौन स्वीकृति मानते हुए अभिभावकों को निजी किताबों की सूची दे दी। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ा है।
राजधानी में स्कूलों की स्थिति
राजधानी क्षेत्र में लगभग 150 सीबीएसई स्कूल और करीब 1200 निजी स्कूल संचालित हैं। एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। कलेक्टर के निर्देश पर एनसीईआरटी किताबों को प्राथमिकता देने और मनमानी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की बात कही गई थी। अब तक शिक्षा विभाग 55 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें से अधिकांश अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर दिए गए हैं।
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आगे की कार्रवाई क्या होगी
स्कूल शिक्षा विभाग के संभागीय संचालक अरविंद चौरगढ़े के अनुसार स्कूलों और किताबों की जांच के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है, जिसमें एनसीईआरटी किताबों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही पूरी रिपोर्ट सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
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