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PM Mitra Park: पीएम मित्रा पार्क से किसानों की बल्ले-बल्ले, 3 लाख रोजगार, एमपी बनेगा कॉटन कैपिटल

मध्यप्रदेश के धार जिले में 17 सितंबर को PM Mitra Park का शुभारंभ होने जा रहा है। यह पीएम मित्रा पार्क कपास उत्पादक किसानों की बल्ले-बल्ले कर देगा। साथ ही मध्यप्रदेश को भी कॉटन कैपिटल के रूप में शोहरत देगा। युवाओं के लिए भी यह पार्क बड़े काम की चीज साबित होगा। इससे करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

एमपी के धार जिले में स्थापित हो रहे देश के पहले PM Mitra Park को कपास उत्पादक किसानों के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से प्रदेश अब कपास उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वस्त्र उद्योग की पहचान बनाने वाला राज्य बन जाएगा।

जैविक कपास उत्पादन में प्रदेश अव्वल

भारत में जितना भी जैविक कपास पैदा होता है, उसमें लगभग 40 प्रतिशत योगदान अकेले मध्यप्रदेश का है। यही वजह है कि इसे देश की कॉटन कैपिटल कहने की तैयारी हो रही है। इस उपलब्धि के पीछे किसानों की मेहनत और राज्य की उपजाऊ भूमि की बड़ी भूमिका है। पीएम मित्रा पार्क इसी ताकत को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

PM Mitra Park: पीएम मित्रा पार्क से किसानों की बल्ले-बल्ले, 3 लाख रोजगार, एमपी बनेगा कॉटन कैपिटल

किसानों की मिलेगा वैश्विक बाजार

अब तक कपास किसान केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित थे, लेकिन इस पार्क के बनने से उनकी उपज सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। इससे किसानों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला बनेगा और किसानों की समृद्धि का नया द्वार खोलेगा।

कपास उत्पादन में मालवा क्षेत्र की अहमियत

मध्यप्रदेश में कपास की खेती मुख्य रूप से मालवा अंचल के जिलों में होती है। इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर प्रमुख कपास उत्पादक जिले हैं। हालांकि उत्पादन में उतार-चढ़ाव जरूर आया है, लेकिन प्रदेश अभी भी देश के बड़े कपास उत्पादक राज्यों में शामिल है।

पिछले तीन वर्षों में उत्पादन की स्थिति इस प्रकार रही—

  • साल 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन,
  • साल 2023-24 में 6.30 लाख मीट्रिक टन,
  • साल 2024-25 में 5.60 लाख मीट्रिक टन कपास का उत्पादन हुआ।

PM Mitra Park में होगी यह सुविधाएं

करीब 2158 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें 20 एमएलडी का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 एमवीए का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की सतत आपूर्ति, चौड़ी सड़कों का नेटवर्क और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स तैयार की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक आदर्श औद्योगिक नगर बना देंगी।

PM Mitra Park: पीएम मित्रा पार्क से किसानों की बल्ले-बल्ले, 3 लाख रोजगार, एमपी बनेगा कॉटन कैपिटल
PM Mitra Park: पीएम मित्रा पार्क से किसानों की बल्ले-बल्ले, 3 लाख रोजगार, एमपी बनेगा कॉटन कैपिटल

अब तक मिले इतने निवेश के प्रस्ताव

PM Mitra Park में अब तक 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसमें वस्त्र उद्योग से जुड़े देश-विदेश के बड़े उद्योग समूह शामिल हैं। पार्क में लगने वाले उद्योग न केवल प्रदेश की औद्योगिक स्थिति को मजबूत करेंगे, बल्कि यहां तैयार उत्पाद सीधे निर्यात भी किए जाएंगे। इससे प्रदेश की पहचान टेक्सटाइल हब के रूप में बनेगी।

खेत के कपास से कपड़ा तक यहीं बनेगा

PM Mitra Park की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर आधारित है। ‘फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेश’ की अवधारणा को यहां लागू किया जाएगा। यानी किसान के खेत से निकला कपास यहीं धागे में बदलेगा, धागे से वस्त्र बनेगा और वही वस्त्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाएगा। यह संपूर्ण वैल्यू चेन एक ही जगह पूरी होगी, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और गुणवत्ता भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी।

रोजगार के तीन लाख नए अवसर

PM Mitra Park से लगभग तीन लाख रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास से जुड़े उद्योगों की स्थापना से न केवल किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई जान आएगी। गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं, महिलाओं व श्रमिकों के लिए रोज़गार के नए दरवाजे खुलेंगे।

किसानों की आमदनी में होगी वृद्धि

इस PM Mitra Park से जुड़ने के बाद कपास किसानों को उनकी उपज का दोगुना मूल्य मिलने की संभावना है। पहले जहां वे केवल कपास बेचने तक सीमित थे, अब उन्हें उद्योगों से सीधे लाभ होगा। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से उनकी उपज की खपत भी बढ़ेगी और वैश्विक बाजार से सीधा संपर्क स्थापित होगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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