New Forelane Highway MP: मध्यप्रदेश के इस फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए 14 गांवों से ली जाएगी जमीन
New Forelane Highway MP: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रोड कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि यहां एक ओर जहां कई नेशनल हाईवे का काम चालू हैं वहीं नए-नए प्रोजेक्ट मंजूर भी हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक और फोरलेन हाईवे का काम शुरू होने को है।
यह प्रोजेक्ट है प्रदेश के सतना जिले से लेकर धार्मिक नगरी चित्रकूट तक फोरलेन हाईवे का निर्माण। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सतना-चित्रकूट फोरलेन प्रोजेक्ट (New Forelane Highway MP) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
अभी टू लेन मार्ग होने से परेशानी
अभी सतना से चित्रकूट तक का मार्ग टू-लेन (New Forelane Highway MP) है। दूसरी ओर इस मार्ग पर यातायात काफी बढ़ गया है। जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट के तहत इस टू लेन सड़क को चौड़ा कर फोरलेन बनाया जाएगा।

डीपीआर हो चुकी है तैयार
इस प्रोजेक्ट (New Forelane Highway MP) के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कर ली गई है। सड़क को चौड़ा करने के लिए आवश्यक जमीन का चयन कर उसकी सूची तैयार कर ली गई है। वहीं जमीन अधिग्रहण के लिए एनएचएआई ने पूरा ब्यौरा एसडीएम मझगवां को भेजा है।
किस तहसील के कितने गांव
भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही मझगवां और बिरसिंहपुर के कुल 14 गांवों में की जा रही है। मझगवां क्षेत्र के 13 गांवों- भरगवां, दलेला, कठौता, हिरौंदी, चौरेही, परेवा, मझगवां, रमपुरवा, पिण्डरा, जुड़ेही, पड़वनिया जागीर, पथरा और रजौला से जमीन ली जाएगी। वहीं बिरसिंहपुर केपचौर गांव से जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

अधिग्रहण के लिए यह प्रक्रिया
भूमि अधिग्रहण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3(ए) का प्रकाशन पहले ही हो चुका है। अब इन जमीनों का सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद भारत सरकार के राजपत्र में इसका प्रकाशन किया जाएगा।
सत्यापन और अनुमोदन का पूरा कार्य एसडीएम मझगवां और सक्षम प्राधिकारी भू-अर्जन के पास भेजा गया है। इसके बाद ही किसानों को मुआवजे की राशि तय होगी।
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प्रोजेक्ट के लिए ली जाएगी इतनी जमीन
इस प्रोजेक्ट के लिए ग्राम भरगवां से 2.254 हेक्टेयर, दलेला से 7.218 हेक्टेयर, कठौता से 7.640 हेक्टेयर, हिरौंदी से 2.730 हेक्टेयर, चौरेही से 10.908 हेक्टेयर, परेवा से 19.210 हेक्टेयर, मझगवां से 12.007 हेक्टेयर, रमपुरवा से 19.631 हेक्टेयर, पिण्डरा से 27.264 हेक्टेयर, जुड़ेही से 11.861 हेक्टेयर, पड़वनिया जागीर से 32.076 हेक्टेयर, पथरा से 15.153 हेक्टेयर, रजौला से 28.477 हेक्टेयर और पचौर से 1.972 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा।
फोरलेन बनने से क्या होगा लाभ
इस फोरलेन के बनने से चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल की ओर आने-जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। अभी टू लेन सड़क पर वाहनों का दबाव अधिक होने से जाम की स्थिति बनती थी। फोरलेन बनने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
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माल परिवहन में भी आसानी
इसके साथ ही माल वाहक वाहनों का परिवहन भी आसान होगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को अपनी उपज और उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुँचाने में सुविधा होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी।
क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे मांग
गौरतलब है कि टू-लेन मार्ग से आवाजाही में हो रही परेशानी के कारण ही क्षेत्र के लोग लगातार इसे फोरलेन किए जाने की मांग कर रहे थे। आखिरकार सरकार ने उनकी मांग मान ली और अब यह काम शुरू होने की स्थिति में है। इससे लोग भी यह सोचकर खुश हैं कि इससे उनकी परेशानियां खत्म होगी।
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