MP Heavy Rain Alert: अगले 24 घंटे में ग्वालियर-गुना समेत आधे प्रदेश में धुआंधार बारिश की चेतावनी, कोटा हुआ पूरा
MP Heavy Rain Alert: मध्यप्रदेश में इन दिनों 2-2 मानसूनी सिस्टम एक्टिव है। इसके चलते कई इलाकों में लगातार भारी हो रही है। आज रविवार को भी प्रदेश के ग्वालियर-गुना समेत 23 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है। आने वाले दिनों कुछ दिनों में भी मौसम ऐसा ही रहेगा। दूसरी ओर प्रदेश का औसत बारिश का आंकड़ा अब पूरा हो चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होगी। इन जिलों में 24 घंटों में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी गरज-चमक और हल्की बारिश का मौसम रहेगा।
सोमवार-मंगलवार को इन जिलों में बरसेंगे बदरा
इसके बाद सोमवार को प्रदेश के झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, देवास, खंडवा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी में भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में भी गरज-चमक और हल्की बारिश का मौसम रहेगा।

दो सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस समय मध्यप्रदेश के मध्य भाग से मानसून की एक ट्रफ लाइन (trough line) गुजर रही है। इसके साथ ही एक चक्रवाती हवा का दबाव (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम के कारण ही प्रदेश में बारिश का दौर लगातार बना हुआ है।
शनिवार को इन जिलों में हुई बारिश
- शनिवार को भी इंदौर, खरगोन, गुना और अन्य जिलों में तेज पानी गिरा। रविवार को भी यही सिस्टम असर दिखाएगा और यही वजह है कि आधे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।
- इंदौर-खरगोन में झमाझम, गुना-ग्वालियर भी भीगे
- शनिवार को निमाड़ अंचल के जिलों में बादल खूब बरसे। इंदौर में एक ही दिन में 3.1 इंच बारिश दर्ज की गई। खरगोन में भी डेढ़ इंच पानी गिरा। गुना में आधा इंच से ज्यादा बरसात हुई।
- ग्वालियर, रतलाम, पचमढ़ी, हरदा, श्योपुर और धार में हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला रातभर जारी रहा। इससे कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और ग्रामीण अंचलों में खेत-खलिहान तर हो गए।
उज्जैन में पुलिया पर खतरा, कार बही
- तेज बारिश के बीच लापरवाही का एक मामला उज्जैन जिले में देखने को मिला। ग्राम पचलसी में दो युवक अल्टो कार से पुलिया पार कर रहे थे। पुलिया पर पानी तेज बह रहा था, लेकिन चेतावनी के बावजूद उन्होंने पार करने की कोशिश की।
- जैसे ही कार पानी में उतरी, वह बहने लगी। कुछ दूर जाकर गाड़ी एक पेड़ से अटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसा टल गया, लेकिन यह घटना लोगों को चेतावनी देती है कि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
बारिश का कोटा लगभग पूरा
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में इस बार औसत 36.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य कोटा 37 इंच का है। यानी अब सिर्फ 0.20 इंच पानी और गिरते ही प्रदेश की औसत बारिश पूरी हो जाएगी।
पिछले साल औसतन 44 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार पहले से ही सामान्य से ज्यादा 6.3 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यानी कुल मिलाकर इस बार भी मानसून ने प्रदेश को निराश नहीं किया।
गुना और मंडला बने बारिश के हब
- बारिश के मामले में इस बार गुना सबसे आगे है। यहां 54.6 इंच से अधिक वर्षा हो चुकी है। मंडला जिले में भी 54 इंच के करीब पानी गिरा है।
- अशोकनगर, रायसेन और श्योपुर में भी 50 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है क्योंकि पर्याप्त पानी खेतों तक पहुंच चुका है।
- इसके उलट इंदौर संभाग के कई जिले पिछड़ गए हैं। इंदौर में अब तक केवल 19.9 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 23.2 इंच, खरगोन में 21.8 इंच, खंडवा में 22.6 इंच और बड़वानी में 24 इंच पानी दर्ज किया गया।
16 जून को पहुंचा था मानसून
इस बार मानसून ने 16 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी। लगभग ढाई महीने में 36.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 30.5 इंच होना चाहिए था। यानी अभी तक औसत से करीब 6 इंच ज्यादा पानी बरस चुका है। इस अतिरिक्त बारिश से जहां धान और सोयाबीन की फसलों को फायदा हुआ है, वहीं कई जिलों में बाढ़ और जलभराव ने नुकसान भी पहुंचाया है।
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पूर्वी हिस्से में जमकर बरसात
प्रदेश का पूर्वी भाग इस बार सबसे ज्यादा भीगा। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में लगातार स्ट्रॉन्ग सिस्टम बने रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया जिलों में तो बाढ़ जैसी स्थिति तक बन गई थी। दूसरी ओर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र भी इस बार बारिश में पीछे नहीं रहा। यहां के 8 में से 7 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना और श्योपुर इस सूची में शामिल हैं। दतिया जिले में भी 96′ से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
खेती किसानी पर असर
किसानों के लिए यह बारिश राहत और चुनौती दोनों लेकर आई है। जिन इलाकों में समय पर और पर्याप्त पानी गिरा, वहां सोयाबीन और धान की फसलें अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन जहां ज्यादा बारिश हुई, वहां खेतों में जलभराव से नुकसान की खबरें भी आई हैं। निचले इलाकों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सभी को सावधानी बरतने की जरूरत
बारिश के इस दौर में आम लोगों को सतर्क रहना जरूरी है। छोटी नदियों और नालों पर बने पुल-पुलियों को पार करने से बचें। खेतों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो रही हैं, इसलिए किसानों को खुले मैदान में काम करते समय सावधानी रखनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि निचले इलाकों से लोगों को समय पर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाए।
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