Paidal Chalne ke Fayde: सिर्फ पैदल चलकर मिलेगी निरोगी काया: बिना भारी भरकम एक्सरसाइज के स्वस्थ रहेंगे आप, जानें किस उम्र में कितना चलना होता है जरूरी

Health Update: पैदल चलने से आप तंदरुस्त रहते है। इससे शरीर को बहुत फायदे होते है। यह बात कई शोध में साबित हो चुकी है। पैदल चलना एक अच्छी और आसान एक्सरसाइज (Good and Easy Exercises) है, जो हर उम्र के व्यक्ति को लाभ पहुंचाती है। हाल ही में हुई एक रिसर्च से पता चला है कि हमें अपनी उम्र के मुताबिक राेज कितना पैदल चलना जरूरी (How much walking is necessary) है। इससे शरीर स्वस्थ बना रहेगा और आप निरोगी रहेंगे।
पहले के जमाने में जब हर किसी के पास वाहन नहीं होते थे, तो मनुष्य रोज कई किमी तक पैदल चलता था और खूब स्वस्थ भी रहता था, बीमारियां उसके आसपास भी नहीं फटकतीं थीं। लेकिन आज के समय में टेक्नोलॉजी और वाहनों ने मनुष्य को काफी आलसी बना दिया है। उसके अधिकांश काम एक जगह पर बैठकर हो जाते है तो मोटापा बढ़ने से कई बीमारियां मनुष्य को घेर रही है।
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कहां हुई रिसर्च
स्वीडन की यूनिवर्सिटी ऑफ काल्मर (University of Kalmar) में 14 रिसर्चर्स ने एक स्टडी में यह साबित किया है पैदल चलने के कितने फायदे हैं और ये भी बताया कि किस उम्र के व्यक्ति को कितने कदम रोज चलना चाहिए.
अगर उम्र के हिसाब से इतने कदम रोज चलें तो ना केवल वजन कंट्रोल किया जा सकता है बल्कि कई लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों को काबू में लाया जा सकता है. मसलन वजन बढ़ना और इसके साथ ही हार्टडिजीज, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेसर (Heart disease, diabetes and high blood Pressure) जैसी बीमारियां नई जीवनशैली के कारण ज्यादा पैदा हो रही हैं. पैदल चलने से इनमें कई तरह के फायदे मिलते हैं.
कितना पैदल चलना है सही
इसी रिसर्च के आधार पर यहां हम आपको बता सकते हैं कि चाहे उम्र कितनी भी हो लेकिन पैदल चलना तो आदत में डाल ही लेना चाहिए. वो बहुत फायदेमंद है. जैसे 06 साल से 17 साल के बच्चों को तो खूब पैदल चलना चाहिए और खेलना कूदना चाहिए. दौड़ना चाहिए. उन्हें एक दिन में 15000 स्टेप्स जरूर लेना चाहिए. लड़कियां 12,000 कदम चलें तो अच्छा रहेगा.
बढ़ती उम्र में वॉक क्यों है ज्यादा जरूरी
व्यस्क होने के बाद शरीर का मेटाबॉलिज्म बदलता है. एनर्जी कुछ कम होने लगती है. हमें थकान और जीवनशैली की बीमारियां इसी दौर से शिकार बनाने लगती हैं. ऐसे में भी पैदल चलना फायदा देता है. 18-40 वर्ष के पुरुषों को 12,000 कदम चलना चाहिए. वो चाहें तो सुबह शाम पार्क पर वाक करें या पैदल ही आसपास जाने की आदत डाल लें.
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महिलाओं को भी स्वस्थ रहने करने चाहिए वॉकिंग
40-45 साल की महिलाओं को भी आमतौर पर शिकायत होने लगती है कि उनका वजन तेजी से बढ़ रहा है साथ ही शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं. उन्हें भी स्वस्थ रहने और वजन को काबू में रखने के लिए रोजाना 11,000 कदमों का अभ्यास जरूर करना चाहिए. ये ख्याल रखें चलने का मतलब है सुस्ती के साथ चलना नहीं बल्कि जोश और तेजी से पैरों को बढ़ाना.
तेज वॉक से क्या होता है फायदा
50 साल से ऊपर के पुरुष एनर्जी के तौर पर और ढीला फील करते हैं. ऐसे में खुश रहने के अलावा अगर वो 11,000 कदम रोज चलें तो ये एक तरह से उनके लिए कंपलीट टॉनिक जैसा होता है. 50-60 साल की महिलाओं को 10,000 कदम रोज चलना बेहतर रहेगा. ऐसा नहीं है कि 60 साल से ऊपर वालों को पैदल चलना छोड़ देना चाहिए. बल्कि हकीकत तो ये है कि इस उम्र में रोजाना की वॉक आपको और ताजगी और एनर्जी देती है,. जीने को लेकर एक सकारात्मक फीलिंग भी. अगर आप 60 के ऊपर हो रहे हों तो 8,000 स्टेप्स जरूर चलें.
कम से कम कितना पैदल चलें
माना जाता है कि आपको 30-40 मिनट पैदल तो रोज जरूर चलना चाहिए. डॉक्टर भी अब ये हिदायत जरूर देते हैं कि क्यों रोज इतनी देर तक वॉक करना आपको जीवनशैली की बीमारियों से बचाता है. हम आपको बताते हैं कि पैदल चलना आपको कितनी बीमारियों से बचा सकता है.

नीचे देखें पैदल चलने के है कितने फायदे
बदलाव महसूस करेगा मस्तिष्क
पैदल चलने का असर आपको दिमाग पर भी दिखेगा. स्टडी के मुताबिक पैदल चलने से एंडोर्फिन (दिमाग और तंत्रिका तंत्र में मौजूद हॉर्मोन) में इजाफा और स्ट्रेस लेवल में गिरावट आती है. इससे दिमाग के सेहत बेहतर होती है. इंसान को अल्जाइमर और डिमेंशिया का खतरा कम रहता है.
मजबूत होता है दिल
अमेरिकन हर्ट एसोसिएशन के मुताबिक रनिंग के जैसे वॉक करना भी दिल के लिए अच्छा है. ये दिल में सर्कुलेशन बढ़ाता, कैलेस्ट्रॉल कम करता और ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है.
फेफड़ों को भी फायदा
पैदल चलने से फेफड़े मजबूत होते हैं क्योंकि इससे ऑक्सीजन का शरीर में ज्यादा बहाव होता है. इससे न सिर्फ फेफेड़े स्वस्थ्य होते हैं बल्कि बीमारियों से बचाते हैं.

अग्नाशय को भी लाभ
रिसर्च में सामने आया है कि जो लोग वॉक करते हैं उनके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा, दौड़ने वालों की तुलना में 6 गुना ज्यादा होता है. इससे डायबिटीज़ का खतरा भी कम होता है.अगर आप डायबिटीज के शिकार हो भी गए हैं तो इससे अपनी इस बीमारी को काफी कंट्रोल कर सकते हैं.
शरीर रहता है फिट
रोजाना की वाक शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाती है. वॉक से शरीर के मसल्स टोन फिट रहते हैं. मांसपेशियां चुस्त रहती हैं. वॉक करना जिम में पसीना बहाने से कहीं ज्यादा आसान है.
हड्डियां और ज्वाइंट्स हाेते है मजबूत
30-40 मिनट की वॉक से आपकी हड्डियां और ज्वाइंट्स भी मजबूत होते हैं. मजबूत ज्वाइंट्स, चोटों का खतरा कम रहता है. अर्थराइटिस फाउंडेशन के मुताबिक वॉकिंग बहुत फायदेमंद है.
कमर के दर्द से मिलती है राहत
बढ़ती उम्र के साथ ज्यादा एक्सरसाइज़ कई बार कमर के लिए नुकसानदायक हो जाती है. लेकिन वॉक करने से कमर का दर्द और लचक में काफी फायदेमंद साबित रहती है. इससे शरीर को न केवल ताकत और क्षमता मिलती है बल्कि लचीलापन भी बढ़ता है.



