Tractor GST Price Cut: जीएसटी घटते ही ट्रैक्टर और कृषि यंत्र हुए सस्ते, जानें अब कितने में मिलेंगे
Tractor GST Price Cut: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कृषि मशीनरी और उससे जुड़े उद्योग संगठनों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन, एग्रीकल्चर मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, अखिल भारतीय कंबाइन निर्माता संगठन और पावर टिलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में कृषि उपकरणों पर जीएसटी में किए गए बदलावों और उनके असर पर विस्तार से चर्चा हुई।
कृषि उपकरणों पर घटा जीएसटी
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कृषि मशीनरी पर जीएसटी की दरें घटा दी हैं। अब तक इन मशीनों पर 12 और 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नई दर 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होगी।
मंत्री ने कहा कि इस फैसले से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। खेती में लागत कम होगी और आधुनिक उपकरण सस्ते दाम पर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना है और इसके लिए खेती को मशीनीकरण से जोड़ना जरूरी है।

ट्रैक्टर और मशीनें हुईं सस्ती
जीएसटी घटने के बाद ट्रैक्टर और विभिन्न कृषि उपकरणों की कीमतों में बड़ी कमी आई है। जैसे-
- 35 एचपी ट्रैक्टर – 41,000 रुपये सस्ता
- 45 एचपी ट्रैक्टर – 45,000 रुपये सस्ता
- 50 एचपी ट्रैक्टर – 53,000 रुपये सस्ता
- 75 एचपी ट्रैक्टर – 63,000 रुपये सस्ता
बागवानी और खेतों की देखभाल में काम आने वाले छोटे ट्रैक्टर भी अब सस्ते हो जाएंगे। धान की रोपाई के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन करीब 15 हजार रुपये कम दाम पर मिलेगी। इसके अलावा बहु-फसल थ्रेशर लगभग 14 हजार रुपये सस्ता हो गया है। छोटे किसानों के लिए उपयोगी पावर टिलर भी करीब 12 हजार रुपये कम दाम पर उपलब्ध होगा।
अन्य मशीनरी की कीमतों में कटौती
ट्रैक्टरों के अलावा अन्य कृषि मशीनरी पर भी बड़ी राहत दी गई है। जैसे-
- 4-पंक्ति वाला धान रोपने का यंत्र – 15,400 रुपये सस्ता
- बहु-फसल थ्रेशर (4 टन प्रति घंटा क्षमता) – 14,000 रुपये सस्ता
- 13 एचपी पावर टिलर – 11,875 रुपये सस्ता
- पावर वीडर (7.5 एचपी) – 5,495 रुपये सस्ता
- ट्रेलर (5 टन क्षमता) – 10,500 रुपये सस्ता
- बीज-सह-उर्वरक ड्रिल (11 टाइन) – 3,220 रुपये सस्ता
- बीज-सह-उर्वरक ड्रिल (13 टाइन) – 4,375 रुपये सस्ता
- हार्वेस्टर कंबाइन कटर बार (14 फीट) – 1,87,500 रुपये सस्ता
- स्ट्रॉ रीपर (5 फीट) – 21,875 रुपये सस्ता
- सुपर सीडर (8 फीट) – 16,875 रुपये सस्ता
- हैप्पी सीडर (10 टाइन) – 10,625 रुपये सस्ता
- रोटावेटर (6 फीट) – 7,812 रुपये सस्ता
- बेलर स्क्वायर (6 फीट) – 93,750 रुपये सस्ता
- मल्चर (8 फीट) – 11,562 रुपये सस्ता
- न्यूमेटिक प्लांटर (4-पंक्ति) – 32,812 रुपये सस्ता
- ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर (400 लीटर क्षमता) – 9,375 रुपये सस्ता

सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जीएसटी दरों में इस कमी के बारे में किसानों को व्यापक जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सरकार विभिन्न संचार माध्यमों का इस्तेमाल करेगी। खासतौर पर रबी सीजन की तैयारियों के दौरान 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले विकसित कृषि संकल्प अभियान के दूसरे चरण में किसानों को इस बदलाव के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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किराये की दर में भी होगी कमी
उन्होंने यह भी कहा कि जो कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों को मशीनें किराये पर उपलब्ध कराते हैं, उन्हें भी अब अपने किराये की दरें घटानी होंगी ताकि किसानों तक कम कीमत का फायदा सीधे पहुंचे।

निर्माताओं से की यह अपेक्षाएं
बैठक में मंत्री ने मशीनरी बनाने वाले संगठनों से कहा कि वे बिचौलियों की भूमिका कम करें और यह सुनिश्चित करें कि सस्ती दरों का लाभ किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में कृषि मशीनीकरण को और बढ़ावा देने के लिए सरकार जरूरी कदम उठाएगी और उद्योग संगठनों से मिले सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।
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निर्माता संगठनों की प्रतिक्रिया
बैठक में मौजूद मशीन निर्माता संघों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि वे पूरी ईमानदारी से इस फैसले को लागू करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे किसानों तक सस्ती मशीनरी पहुंचाने में पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे।
चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा
इस बैठक में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। उन्होंने मशीनरी उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा की।
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