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PM Awas : अब बाइक, मोबाइल, खेत वालों को भी मिलेंगे पीएम आवास

PM Awas : ग्रामीण क्षेत्र में बहुत से लोग ऐसे थे जिनके पास पक्का मकान नहीं था, लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसकी वजह योजना की वे शर्तें थीं, जो कि आज के समय के अनुसार बिल्कुल अनुचित थी। अच्छी बात यह है कि उन शर्तों को सरकार ने समाप्त कर दिया है।

PM Awas : अब बाइक, मोबाइल, खेत वालों को भी मिलेंगे पीएम आवास

PM Awas : ग्रामीण क्षेत्र में बहुत से लोग ऐसे थे जिनके पास पक्का मकान नहीं था, लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसकी वजह योजना की वे शर्तें थीं, जो कि आज के समय के अनुसार बिल्कुल अनुचित थी। अच्छी बात यह है कि उन शर्तों को सरकार ने समाप्त कर दिया है।

पीएम आवास योजना का लाभ अभी तक उन लोगों को नहीं मिल पाता था जिनके पास मोबाइल फोन थे, मोटर साइकिल या स्कूटर था, 10 हजार से अधिक मासिक आमदनी थी और ढाई एकड़ सिंचित अथवा 5 एकड़ तक असिंचित जमीन थी। देखा जाएं तो आजकल गरीब परिवारों के पास भी यह सुविधाएं उपलब्ध हैं, क्योंकि यह सब बेहद जरुरी है।

इसके विपरीत इन सुविधाओं का हवाला देकर अभी तक इस योजना से वंचित किया जाता रहा था। अब यह शर्तें समाप्त कर दी गई है। अब मोबाइल, बाइक या ढाई एकड़ सिंचित या 5 एकड़ तक असिंचित जमीन जिनके पास हो, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। यही नहीं 15 हजार रूपये तक मासिक आमदनी वालों को भी योजना में पात्रता होगी।

खुशखबरी सुन खिल उठे चेहरे

हाल ही में मध्यप्रदेश के भैरूंदा में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जब यह जानकारी दी तो उन लोगों के चेहरे खिल उठे, जो कि अभी तक इस योजना से वंचित थे। उन्हें आस बंध गई कि अब उन्हें भी जल्द ही पीएम आवास का लाभ मिलेगा और उनके पास भी खुद का पक्का मकान होगा।

बनाए जाएंगे 2 करोड़ पक्के मकान

इस योजना के तहत अप्रैल, 2024 से मार्च, 2029 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 2 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण किया जाना है। अगस्त महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की बैठक में इस योजना के तहत 2,05,856 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। राज्यांश सहित इस योजना में कुल 3,06,137 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इन परिवारों को दिया जाएगा लाभ

इस योजना के तहत आवास+ (2018) सूची (सुधार के बाद) और सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) में शेष पात्र परिवारों को लाभ दिया जाएगा। छूटे हुए परिवारों की जानकारी जुटाने के लिए सरकार ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। यह सर्वे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

योजना में मिलती है इतनी राशि

इस योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता की प्रति इकाई (आवास) लागत मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पूर्वोत्तर क्षेत्र/पहाड़ी राज्यों में 1.30 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 31 मार्च 2024 तक पीएमएवाई-जी के पिछले चरण के 35 लाख अधूरे घरों का निर्माण भी पूरा कराया जाएगा। इससे पिछले चरण के 2.95 करोड़ घरों के संचयी लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।

आवास की नई जरुरतें पूरी होंगी

इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में पैदा हुई आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2024-2029 से अगले पांच वर्षों के दौरान पीएमएवाई-जी के तहत दो करोड़ और घरों का निर्माण किया जाएगा। दो करोड़ और घरों के निर्माण से लगभग 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सुविधाओं के साथ सुरक्षित घर

इस मंजूरी से सभी बेघर और जीर्ण-शीर्ण और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षित घर बनाने की सुविधा मिलेगी। इससे लाभार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक समावेशिता सुनिश्चित होगी।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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