खेती किसानी

MP Farming Tips: मध्य प्रदेश में कृषि विशेषज्ञों का बड़ा दावा: एक एकड़ में खेती कर कमाएं लाखों, जानिए प्राकृतिक खेती के नए नियम

MP Farming Tips: Major claim by agricultural experts in Madhya Pradesh — earn lakhs by farming on a single acre; learn the new principles of natural farming.

MP Farming Tips: मध्य प्रदेश में कृषि विशेषज्ञों का बड़ा दावा: एक एकड़ में खेती कर कमाएं लाखों, जानिए प्राकृतिक खेती के नए नियम
MP Farming Tips: मध्य प्रदेश में कृषि विशेषज्ञों का बड़ा दावा: एक एकड़ में खेती कर कमाएं लाखों, जानिए प्राकृतिक खेती के नए नियम

MP Farming Tips: मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से ज्ञानवर्धक संवाद हुआ। कार्यक्रम में मौजूद कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि अगर किसान चाहें तो मल्टी क्रापिंग तकनीक अपनाकर अपनी मात्र एक एकड़ जमीन से ही हर साल दस लाख रुपये तक की शानदार सालाना आय हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर पूर्व के राज्यों में कई किसान इस आधुनिक तरीके से सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए मल्टी क्रापिंग यानी एक साथ कई फसलें उगाना सबसे बेहतरीन और कारगर उपाय माना गया है। इसके अलावा दूसरा सबसे असरदार उपाय उद्यानिकी फसलों का मूल्य संवर्धन करना है, जिससे किसानों की आमदनी में कई गुना इजाफा संभव है।

प्राकृतिक और जैविक खेती में मुख्य अंतर

रीजनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक फार्मिंग नागपुर के रीजनल डायरेक्टर ए.एस. राजपूत ने किसानों को विस्तार से समझाया कि प्राकृतिक खेती और जैविक खेती में असल में क्या अंतर होता है। उन्होंने गर्व से कहा कि इस दिशा में मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे आगे चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बाजार से खरीद कर खेतों में कुछ भी रासायनिक नहीं डाला जाता। इस खेती में उपयोग में आने वाले सभी साधन भूमि, पानी, पर्यावरण एवं किसी भी प्रकार के जीवों को नुकसान पहुंचाने वाले नहीं होते हैं।

प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामान का प्रमाणीकरण कराना बेहद जरूरी है ताकि बाजार में इन उत्पादों की अलग और विशेष पहचान बन सके। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि केंद्र सरकार मुख्य रूप से दो प्रकार से प्रमाणीकरण की व्यवस्था करती है, जिसमें पहला तृतीय पक्ष प्रमाणन और दूसरा भागीदारी गारंटी प्रणाली शामिल है। इस प्रमाणीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुल 36 अधिकृत संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनका संचालन एपीडा और केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा किया जाता है। वहीं दूसरी प्रणाली पूरी तरह से किसान केंद्रित और आपसी विश्वास पर आधारित होती है।

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के नियम और मानक

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए ए.एस. राजपूत ने बताया कि अब देश के किसान अपने खेतों की अच्छी सेहत बनाए रखने और बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए तेजी से प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए कुछ सख्त मानक निर्धारित किए गए हैं, जैसे कृत्रिम रसायनों, उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद करना। इसके स्थान पर खेत पर ही तैयार जीवामृत, नीमास्त्र, गोबर एवं गोमूत्र से बने प्राकृतिक मिश्रण का इस्तेमाल करना शामिल है, जिससे बहुफसली खेती और मिट्टी के स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंधन हो पाता है।

उन्नत बीज तकनीक और परीक्षण का महत्व

कृषि महाविद्यालय पोवारखेड़ा नर्मदापुरम के प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार ने उपस्थित किसानों को सीड टेक्नोलॉजी यानी बीज तकनीक के बारे में अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने किसानों को बीज की सही वैज्ञानिक परिभाषा समझाई और बीज के विभिन्न प्रकारों का प्रमुखता से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज को पहचानने के व्यावहारिक तरीके भी बताए। उन्होंने बीज परीक्षण के वास्तविक महत्व को समझाते हुए वैधानिक और प्रामाणिक तरीकों से परीक्षण संपन्न करने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी साझा की।

पारदर्शी खाद वितरण और ई-विकास प्रणाली का प्रभाव

उप संचालक कृषि आशुतोष पांडे ने जिले की खाद वितरण व्यवस्था और ई-विकास प्रणाली की कार्यप्रणाली को साझा करते हुए किसानों को बताया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से किसानों को खाद के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़े होने की पुरानी परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है। उन्होंने बताया कि किसान को उसके खेत की वास्तविक जरूरत के हिसाब से सही समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई गई, जिससे पूरे क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी पर भी प्रभावी नियंत्रण पाने में सफलता प्राप्त हुई है।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देश–दुनिया की ताजा खबरें (Hindi  News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi  News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Back to top button