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ताप्ती तट पर है रामायण कालीन जनेऊ धारी रामेश्वर स्वयंभू शिवलिंग, श्रीराम जी ने की थी स्थापना

बारालिंग में स्थित प्राचीन मंदिर जो चन्दोरा डैम के फूटने पर बह गया।
  • मनोहर अग्रवाल, खेड़ी सांवलीगढ़
    महाशिवरात्रि पर्व पर आशुतोष भगवान शिव की उपासना के लिए जिले में वैसे तो अनेक धार्मिक और पौराणिक महत्व के शिवालय मौजूद हैं। लेकिन पुण्य सलिला आदि गंगा माँ ताप्ती नदी के तट बारालिंग पर स्थित बारह शिवलिंगों में स्थित जनेऊधारी स्वयम्भू शिवलिंग सबसे महत्वपूर्ण है। यह स्थान MP में बैतूल जिले में खेड़ी सांवलीगढ़ के पास है। इसका रामेश्वर महादेव के नाम से पूजन किया जाता है। कहा जाता है यह शिवलिग रामायण कालीन सबसे प्राचीन शिवलिग है।

    पहले इस शिवलिंग पर विशाल मंदिर था। लेकिन ताप्ती नदी के चंदोरा डैम के फूटने पर भीषण बाढ़ से शिवालय बह गया। यह चमत्कार ही था कि इसके बावजूद शिवलिंग को जरा भी क्षति नहीं पहुँची। मंदिर ढहने के साथ ही मंदिर के शिखर पर लगा 21 किलोग्राम का स्वर्ण कलश भी बह गया।

    शिवलिंग के विषय में बताया जाता है कि यह शिवलिंग मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के हाथों से स्थापित सबसे पहला शिवलिंग है। उसके बाद ही शेष ग्यारह शिवलिंगों की स्थापना की गई थी। चंद्रमौलि भूत भावन भगवान भोलेनाथ का यह सबसे जाग्रत शिवलिंग है। इस स्थल पर पूजन करने से ही सिद्धपुरुष हुए परम पूज्य संत श्री मौनी जी फलाहारी बाबा जिनकी वजह से बारालिंग पर रौनक है।

    मौनी बाबा लगभग 50 वर्षों से माँ ताप्ती बारालिंग पर माँ ताप्ती और भोलेनाथ की भक्ति में लगे है। महा शिवरात्रि पर यहाँ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बारालिंग पहुंचते हैं। वर्ष भर भी यहाँ श्रद्धालु पहुंचते ही रहते हैं।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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