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Vastu Tips: जूते-चप्पल को उल्टा रखना होता है अशुभ, नाराज हो जाते हैं शनिदेव, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

Vastu Tips: Keeping shoes and slippers upside down is inauspicious, Shani Dev gets angry, know what astrology says

Vastu Tips: जूते-चप्पल को उल्टा रखना होता है अशुभ, नाराज हो जाते हैं शनिदेव, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र
Source – Social Media

Vastu Tips: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर की हर चीज को रखने और उसमें ऊर्जा प्रवाह को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। यदि इन सभी नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो घर में कई प्रकार के वास्तु दोष उत्पन्न हो सकते हैं, जिनका जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल से की गई गंदगी से बहुत कष्ट होता है और इस वजह से घर में कलह की स्थिति भी पैदा हो सकती है। अगर आपके घर में जूते-चप्पल हमेशा बिखरे या उलटे पड़े रहते हैं तो यह नकारात्मकता का संकेत है।

चप्पल को उल्टा रखना अशुभ होता है(Vastu Tips)

बुजुर्ग लोग अक्सर जूतों या चप्पलों को उल्टा रखने पर आपत्ति जताते हैं और कहते हैं कि इन्हें सीधा और व्यवस्थित रखा जाए। दरअसल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जूते-चप्पल का संबंध शनिदेव से है। जूते-चप्पल के मामले में हुई गलती से शनिदेव नाराज हो जाते हैं। इससे धन हानि के साथ-साथ जीवन में प्रगति बाधित होती है, स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। ऐसे में जूते-चप्पल को उल्टा नहीं रखना चाहिए।

जूते-चप्पल चोरी हो जाएं तो शुभ फल मिलते हैं

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए जूते-चप्पल का दान करना बहुत ही फलदायी माना जाता है। प्रत्येक शनिवार को जूते-चप्पल की चोरी हो जाना भी किसी बड़ी समस्या से बचने का संकेत है। जूते चोरी करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा कभी भी दूसरे की चप्पल या जूते नहीं पहनने चाहिए इससे आपको दूसरे के दुर्भाग्य और बुरे कर्मों का शिकार होना पड़ता है।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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