किसान भाई गेहूँ की फसल के अच्छे उत्पादन के लिए इस खाद का करे प्रयोग, होंगा रिकॉर्डतोड़ उत्पादन
नमस्कार किसान भाईयों आज हम आपको खेती के सम्बंधित कुछ जरूरी जानकारी देने वाले है जो आपके लिए बहुत ही जरूरी है। आज हम आपको ऐसे खाद के बारे में बताने वाले है जो की आपके गेहूँ की फसल में डालने पर आपको काफी अच्छा उत्पादन देने वाला है। साथ हम आपको बतायेंगे की आपको गेहूँ की फसल को सिंचाई करने का सही समय क्या है तो चलिए जानते है इसके बारे में
इस समय दे गेहूँ की फसल को पहला पानी
जैसा की आपको बता दे की गेहूँ की सिंचाई आपकी जमीन की मिटटी पर निर्भर करती है अगर आपकी जमींन हल्की है तो आप 19 से 21 दिन में पहला पानी गेहूँ की फसल को देना चाहिए। वैसे गेहूँ की फसल को पहला पानी 21 से 25 दिन में देना चाहिए। पहली बार में किसान भाई गेहूँ की फसल को हल्का पानी देना चाहिए। अधिक पानी देने से पौधे की जड़ कमजोर हो जाती है और पीले पन की भी समस्या देखने मिलती है।
पहली सिंचाई से फसल को होता है लाभ
सही समय पर और सही मात्रा में पहली सिंचाई करने और सिंचाई के साथ फसल में आवश्यक पोषक तत्व डालने से फसल के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। सही समय पर पहली सिंचाई करने से पौधों का अंकुरण तेजी से होता है। सही मात्रा में पहली सिंचाई करने से पौधों की जड़ें मजबूत और स्वस्थ होती हैं, जिससे फसल का रंग हरा रहता है और फसल तेजी से बढ़ती है। अगर पौधों को सही समय पर सही मात्रा में नमी मिलती है, तो पौधों को प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं। इससे उत्पादन में 15-20% की वृद्धि हो सकती है।
खाद का करे सही उपयोग
फसल में पहली सिंचाई के 5-6 दिन बाद प्रति एकड़ 40-45 किलो यूरिया मिलाएं। यूरिया पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन प्रदान करता है, जो उनके विकास और अंकुरण के लिए आवश्यक है। गेहूँ की फसल में सल्फर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, किसान भाइयों को यूरिया के साथ प्रति एकड़ 4 किलो सल्फर मिलाना चाहिए। सल्फर पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जड़ों के विकास को तेज करता है और फसल को हरा-भरा रखता है। यदि आपने बुवाई के समय DAP या पोटाश का उपयोग नहीं किया है, तो पहली सिंचाई के बाद उनका उपयोग करना फायदेमंद होता है। पोटाश फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है, जबकि फॉस्फोरस जड़ों को मजबूत बनाता है। गेहूँ की फसल में पहली सिंचाई के समय प्रति एकड़ 10-15 किलो DAP और 10-15 किलो पोटाश मिलाना चाहिए।
NPK 19-19-19 फसल के लिए है बहुत ही लाभदायक
यदि शुरुआत में गेहूँ की फसल में पोषक तत्वों की कमी है, तो पहली सिंचाई से पहले NPK 19-19-19 का उपयोग किया जा सकता है, ताकि सभी पोषक तत्व जड़ों तक पहुंच सकें और फसल की वृद्धि बढ़ सके। आपको बता दे की फसल में पीला पन इसलिए आता है क्योंकि उसमें पोषकतत्व की कमी होती है। NPK 19-19-19 में नाइट्रोजन 19%, फॉस्फोरस 19% और पोटेशियम 19% होता है। आप इसका उपयोग सभी प्रकार की फसलों में पौधों और फसलों की वृद्धि, विकास और वृद्धि के लिए कर सकते हैं। यह खाद फसल की समग्र वृद्धि में मदद करता है और पौधों की जड़ों को तेजी से बढ़ने में मदद करता है। यह पौधों में हरे रंग (क्लोरोफिल) को बढ़ाता है और वानस्पतिक वृद्धि के लिए एक आवश्यक तत्व है।
खास खबरे
- MP Hostel Admission 2026: MP में शासकीय छात्रावासों में एडमिशन शुरू: अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, 30 मार्च तक करें आवेदन
- MP City Name Change: अब शिवकाशी कहलाएगा एमपी का यह शहर, सीएम ने किया ऐलान, 405 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
- MP Rural Road Connectivity Scheme: मध्यप्रदेश में मजरे-टोलों और स्कूलों तक बनेंगी सड़कें, नई योजना लागू, जनपदों को मिले पॉवर
- Betul Mandi Bhav: बैतूल मंडी भाव 11 मार्च: सोयाबीन 5600 और तुअर 7500 तक पहुंची, गेहूं 2499 रुपये क्विंटल
- Indore Mandi Bhav 11 March: इंदौर मंडी भाव 11 मार्च: लहसुन 10005 और डॉलर चना 8400 तक, गेहूं 3127 रुपये पहुंचा

