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पत्थर दिल: एक दिन के मासूम को कड़ाके की ठंड में झाड़ियों में छोड़ गई निष्ठुर मां

  • मुदित शुक्ला, शाहपुर
    एक मां बच्चों के प्रति इतनी फिक्रमंद होती है कि बड़ी से बड़ी मुसीबत में भी वह अपने जिगर के टुकड़ों को खुद से जरा भी दूर नहीं करती वहीं दूसरी ओर बुधवार को एक पत्थर दिल मां की निष्ठुरता की पराकाष्ठा भी देखने को मिली। कड़ाके की ठंड में वह अपने महज एक दिन पहले ही इस दुनिया में आए मासूम को सड़क किनारे झाड़ियों में रोता-बिलखता छोड़ गई। मामला शाहपुर ब्लॉक के ग्राम कोठा क्षेत्र का है। इसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे को पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ शाहपुर अस्पताल लाकर उसका परीक्षण किया और फिर जिला अस्पताल बैतूल स्थित एसएनसीयू में भर्ती करा दिया है।

    शाहपुर बीएमओ डॉ. गजेंद्र यादव ने ‘बैतूल अपडेट’ को बताया कि आज सुबह 10.30 से 11 बजे के बीच सूचना मिली थी कि कोठा गांव में रोड के किनारे झाड़ियों में एक नवजात शिशु पड़ा है। यह सूचना मिलते ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक टीम को मौके पर रवाना किया। यह टीम पूरी सावधानी के साथ नवजात बालक शिशु को अपनी अभिरक्षा में लेकर शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई और मामले की सूचना शाहपुर पुलिस को भी दी गई।

    स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक जांच कर नवजात शिशु को जिला अस्पताल के एसएनसीयू भिजवा दिया गया है। यहां बच्चे को कुछ दिन भर्ती रख कर उसके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। इसके बाद आगामी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इधर क्षेत्र में बच्चे को इस तरह छोड़ दिए जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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