MP Weather Update: एमपी में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर: झमाझम बारिश और तेज हवाओं से बदला मौसम, कई जिलों में अलर्ट जारी
MP Weather Update: Impact of cyclonic storm 'Arnab' in MP; weather shifts with heavy rainfall and strong winds; alerts issued for several districts.

MP Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव अब मध्यप्रदेश के विभिन्न इलाकों में साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल सहित राज्य के अनेक शहरों में मौसम का मिजाज अचानक से बदल चुका है। सतना और कटनी जिलों में तेज व हल्की वर्षा दर्ज की गई है, जबकि शहडोल क्षेत्र में कुछ जगहों पर पानी बरसा तो कहीं आसमान में सूखापन बना रहा।
रतलाम जिले में लगातार सर्द हवाएं चल रही हैं और पूरे दिन घने बादल छाए रहे। इंदौर और धार क्षेत्र में पारा तेजी से लुढ़कने के कारण ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। अर्नब साइक्लोन के प्रभाव से खजुराहो में भी मौसम बदल गया, जहां अपराह्न साढे चार बजे के आसपास सर्द हवाओं के साथ घटाएं घिरीं और हल्की बौछारें पड़ीं। अनूपपुर इलाके में भी काले बादलों का डेरा जमा हुआ है, जहां हल्की बूंदाबांदी के साथ शीतल हवाएं चल रही हैं। मौसम केंद्र ने आज राज्य के 6 जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई है, जबकि 23 अन्य जिलों में हल्की फुहारें या बूंदाबांदी पड़ने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
आगामी चार दिनों तक बारिश और आंधी की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। वहीं भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ तथा निवाड़ी में गरज चमक के साथ हल्की वर्षा होने के आसार जताए गए हैं।
आने वाले चार दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आंधी चलने, वर्षा होने और बिजली कड़कने की पूरी संभावना बनी हुई है। शहडोल संभाग में अगले 24 घंटों के भीतर कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने, वज्रपात होने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की गई है।
धार जिले में अचानक 4.2 डिग्री गिरा रात का पारा
तुफान के असर से धार जिले में अचानक ठिठुरन में बढ़ोतरी हो गई है। यहां का न्यूनतम तापमान मंगलवार को दर्ज 15.4 डिग्री से गिरकर बुधवार की सुबह 11.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, यानी मात्र चौबीस घंटे में 4.2 डिग्री की बड़ी गिरावट देखी गई। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री दर्ज हुआ था और आने वाले समय में दिन के पारे में भी गिरावट आने की बात कही जा रही है।
विंध्य अंचल में घने बादल, मैहर शहर में पड़ीं बौछारें
सतना सहित समूचे विंध्य इलाके में भी मौसम का रूप बदल रहा है। बुधवार की सुबह से ही आसमान में बादलों का जमावड़ा लगा रहा। मौसम विभाग के आंकलन के मुताबिक 28 से लेकर 30 अक्टूबर के दौरान घने बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर पानी बरसने की संभावना है। बीते मंगलवार को सतना में अधिकतम तापमान 31.4 और न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस मापा गया था।
मैहर शहर में अचानक मौसम बदलने के साथ ही लगभग 5 से 7 मिनट तक हल्की बौछारें गिरीं। इस दौरान स्थानीय सब्जी मंडी के व्यापारी अपनी दुकानों के सामान को तिरपाल से ढंककर भीगने से बचाते नजर आए।
झाबुआ में सुबह के समय ठंड और दोपहर में पसीने छुड़ाती गर्मी
झाबुआ जिले में सुबह के न्यूनतम और दोपहर के अधिकतम तापमान में बड़ा अंतर बना हुआ है। बीते 27 अक्टूबर को रात का पारा 17.6 डिग्री था, जो 28 अक्टूबर को लुढ़ककर 14.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। महज एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट आने से सुबह के समय ठंड का असर बढ़ा है।
हालांकि, दोपहर के वक्त पारा 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की वजह से लोगों को तीखी धूप और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार 30 अक्टूबर को जिले में हल्की बारिश होने, बादल गरजने, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की उम्मीद है।
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करवा चौथ के पर्व पर चांद देखने में आ सकती है बाधा
मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को इस चक्रवाती प्रभाव का सबसे ज्यादा असर रहने का अलर्ट जारी किया है। इस विशेष दिन पूरे प्रदेश भर में तेज आंधी, बादलों की आवाजाही, गड़गड़ाहट और बारिश जैसा माहौल बना रहेगा। संयोग से इसी दिन सुहागिनों का पवित्र पर्व करवा चौथ भी पड़ रहा है।
मौसम के ऐसे खराब मिजाज के कारण व्रती महिलाओं को चंद्र दर्शन करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। 29 अक्टूबर को राज्य के 11 जिलों में मूसलाधार से अति भारी बारिश और 9 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष 35 जिलों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम का यह रूख बना रहेगा।
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धान की पकी फसल पर संकट, गेहूं की बोनी भी होगी प्रभावित
इस चक्रवात का सर्वाधिक असर मध्यप्रदेश के पूर्वी भागों में दिखाई देगा, जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट तथा छिंदवाड़ा समेत अनेक जिलों में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है।
दूसरी ओर रीवा संभाग में कृषक इन दिनों गेहूं की बुआई के कार्य में जुटे हुए हैं, जो इस बेमौसम बारिश से प्रभावित हो सकती है। प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में खरीफ मौसम की मुख्य उपज धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल तथा कुछ इलाकों में मोटे अनाज की फसलें ली जाती हैं।
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