Today Betul Mandi Bhav : आज के कृषि उपज मंडी बैतूल के भाव (दिनांक 13 अक्टूबर, 2022)
Today Betul Mandi Bhav : कृषि उपज मंडी बैतूल में आज दिनांक 13, अक्टूबर, 2022 को विभिन्न जिंसों के भाव इस तरह रहे –

किसानाें के लिए वरदान है गेहूं की ये ‘कुदरत 8’ और ‘कुदरत विश्वनाथ’ किस्में, यहां मिल रहा बीज | The most advanced varieties of wheat
The most advanced varieties of wheat | गेहूं की सबसे उन्नत किस्में: रबी सीजन आ रहा है और देशभर में किसान गेहूं की बुवाई के लिए तैयारी कर रहा है। किसानों के लिए दो गेहूं की किस्में ‘कुदरत 8’ और ‘कुदरत विश्वनाथ’ वरदान साबित हो सकती है। हम आपको इन दोनों किस्मों के बारे में बता रहे है। जिसे आप खेत में लगाकर अच्छी उत्पादन कर सकते है। आईए जानते है ये बीज कहां मिलेगा और किस तरह होती है इसकी पैदावार…
ये दोनों देसी गेहूं की किस्में हैं। जिसे वाराणसी जिले के कुदरत कृषि शोध संस्था, टडि़या, जाक्खिनी के किसान प्रकाश सिंह रघुवंशी द्वारा विकसित किया गया है।
गेहूं की ‘कुदरत 8’ किस्म | ‘Kudrat 8’ variety of wheat
उत्तरप्रदेश में गेहूं की इस बौनी किस्म की प्रजाति को विकसित किया गया है। शोधकर्ता के दावे के मुताबिक, गेहूं की कुदरत 8 किस्म मौसम के घटते-बढ़ते तापमान को सहने की क्षमता रखता है। यानी इस किस्म के गेहूं तापमान बढ़ने पर भी नष्ट नहीं होगा। ऐसे में इसका पूरा फायदा किसान उठा सकते हैं।
गेहूं की कुदरत-8 किस्म प्रजाति के पौधों की ऊंचाई करीब 90 सेंटीमीटर और बाली की लंबाई करीब 20 सेंटीमीटर (यानी नौ इंच) होती है। इसके दाने मोटे और चमत्कार होते हैं। इसकी फसल को पकने में 110 दिन का समय लगता है। गेहूं की इस किस्म की प्रजाति की बुवाई कर किसान प्रति एकड़ 25-30 कुंतल पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
गेहूं की ‘कुदरत विश्वनाथ’ किस्म | ‘Kudrat Vishwanath’ variety of wheat
कुदरत विश्वनाथ प्रजाति की गेहूं की किस्म की बुवाई नवंबर से लेकर 10 जनवरी तक की जा सकती है। शोधकर्ता का दावा है कि गेहूं की इस किस्म की फसलें तेज बारिश-हवा-आंधी आने पर भी नहीं गिरेगी। क्योंकि इसके पौधों का तना मोटा और मजबूत होगा जिससे जड़ें मजबूत होंगी और मिट्टी से पकड़ भी अच्छी होगी. इस कारण यह पौधा तेज-हवा आंधी से नहीं गिरेगा। कुदरत विश्वनाथ गेहूं की किस्मों के पत्ते लंबे-चौड़े होंगे और इसकी 9-10 इंच लंबी बालियां होंगी।
यहां से खरीद सकते है बीज
अगर कोई भी किसान देसी बीज मंगवाना चाहते हैं तो वो उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी के कुदरत कृषि शोध संस्था, टड़िया, जाक्खिनी, पिन 221305 से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही अपने जिले के नजदीकी सरकारी बीज केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं।



