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Modern Farming Success: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, बैतूल के युवा किसान ने खेती से कमाए लाखों रुपये

Modern Farming Success: Government schemes changed fortunes, young farmer from Betul earned lakhs of rupees from farming

Modern Farming Success: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, बैतूल के युवा किसान ने खेती से कमाए लाखों रुपये
Modern Farming Success: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, बैतूल के युवा किसान ने खेती से कमाए लाखों रुपये

Modern Farming Success: बैतूल जिले के एक युवा किसान ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को फायदे का सौदा बनाया जा सकता है। मुलताई तहसील के डोब गांव के कमलेश देशमुख ने पारंपरिक तरीके छोड़कर नई सोच के साथ खेती की, जिससे उनकी आमदनी में बड़ा बदलाव आया और वे अब दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं।

नौकरी छोड़कर खेती को बनाया करियर

कृषि में स्नातक करने के बाद कमलेश देशमुख ने करीब तीन साल तक निजी क्षेत्र में काम किया। हालांकि नौकरी से संतुष्टि नहीं मिलने और खेती में संभावनाएं देखने के बाद उन्होंने खेती को ही अपना मुख्य काम बना लिया। बढ़ती लागत और कम होते लाभ को देखते हुए उन्होंने खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने का निर्णय लिया।

सरकारी योजनाओं से मिली मदद

कमलेश को मध्यप्रदेश सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिला, जिससे उन्हें खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने का मौका मिला। इन योजनाओं ने उन्हें आर्थिक सहायता दी, जिससे वे जरूरी मशीनें और संसाधन जुटा सके।

Modern Farming Success: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, बैतूल के युवा किसान ने खेती से कमाए लाखों रुपये
Modern Farming Success: सरकारी योजनाओं से बदली किस्मत, बैतूल के युवा किसान ने खेती से कमाए लाखों रुपये

कस्टम हायरिंग सेंटर से बढ़ी आय

कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजना के तहत कमलेश को 9.60 लाख रुपये का अनुदान मिला। इस राशि से उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू किया। इस सेंटर में ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सुपर सीडर, रीपर कम्बाइन, रोटावेटर, रिवर्सिबल प्लाऊ और ग्रेडिंग मशीन जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गईं।

इन मशीनों के उपयोग से उनकी खुद की खेती की लागत कम हुई और साथ ही आसपास के किसानों को भी किराये पर मशीनें मिलने लगीं। इससे खेती के काम में तेजी और सुविधा दोनों बढ़ीं।

वैल्यू एडिशन से मिला अतिरिक्त फायदा

कमलेश ने ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत बैकहो लोडर के लिए 3.25 लाख रुपये और दाल मिल लगाने के लिए 1.30 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त किया। दाल मिल के माध्यम से उन्होंने अपनी फसल को प्रोसेस कर बेहतर दाम हासिल करना शुरू किया। दाल मिल ग्रेडिंग और बैकहो लोडर को किराये पर चलाने से उन्हें करीब 7.7 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ मिला, जिससे उनकी आय में और वृद्धि हुई।

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पशुपालन से स्थायी आय

खेती के साथ-साथ कमलेश ने पशुपालन को भी जोड़ा। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 42 लाख रुपये की परियोजना में 25 गिर गायों का पालन और शेड निर्माण किया गया। इसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये का बैंक लिंक्ड अनुदान मिला। इससे उन्हें नियमित आय का एक स्थायी स्रोत भी मिल गया।

सुपर सीडर से खेती में बदलाव

कमलेश ने मध्यप्रदेश शासन की सहायता से 1.05 लाख रुपये की सब्सिडी पर सुपर सीडर मशीन खरीदी। यह मशीन 60 एचपी ट्रैक्टर से चलती है और एक साथ कई काम करती है, जैसे नरवाई प्रबंधन, जमीन तैयार करना, बीज बोना और खाद डालना। इस तकनीक के उपयोग से खेती का समय और खर्च दोनों कम हुए हैं।

लागत में कमी, उत्पादन में बढ़ोतरी

पहले जहां प्रति एकड़ खेती पर लगभग 5700 रुपये खर्च होते थे, वहीं अब यह खर्च घटकर करीब 1600 रुपये रह गया है। यानी हर एकड़ पर लगभग 4000 रुपये की बचत हो रही है।

इसके साथ ही उत्पादन में भी करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। गेहूं की पैदावार 15-17 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़कर 21-24 क्विंटल तक पहुंच गई है। इससे प्रति एकड़ करीब 14 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिला। 15 एकड़ की खेती में उन्होंने करीब 9 लाख रुपये तक का अतिरिक्त मुनाफा अर्जित किया है।

कस्टम हायरिंग से लाखों की कमाई

कमलेश ने अपनी मशीनों को व्यवसाय का रूप देते हुए अन्य किसानों को सेवाएं देना शुरू किया। पहले साल उन्होंने 900 एकड़ में काम कर करीब 8 लाख रुपये कमाए। इसके बाद दूसरे साल यह आंकड़ा बढ़कर 1300 एकड़ तक पहुंच गया, जिससे उन्हें 11 से 12 लाख रुपये तक की आय हुई।

प्रेरणा बन रहे हैं कमलेश

आज कमलेश देशमुख अपने क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता को देखकर अन्य किसान भी नई तकनीक अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। उनका मानना है कि सही योजना और आधुनिक सोच के साथ खेती को लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

सरकार के प्रति जताया आभार

कमलेश ने बताया कि उन्हें समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिससे वे खेती में बदलाव ला सके। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने किसानों को आगे बढ़ने का अच्छा अवसर दिया है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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